
Up Tgt Pgt Candidates Protest
उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे शिक्षक इन दिनों सड़कों पर हैं, जिसके तहत यूपी में ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) और पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) भर्ती के कैंडिडेट्स विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ये आंदोलनकारी कैंडिडेट्स पिछले कुछ दिनों से प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय में जुटे हुए हैं. इसी कड़ी में आंदोलनकारी कैंडिडेट्स ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर शिक्षा निदेशालय को पुलिस छावनी में बदला गया है.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि यूपी TGT-PGT भर्ती कैंडिडेट्स किन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. जानते हैं कि आंदोलन के दौरान मंगलवार को क्या-क्या हुआ.
पुलिस और आंदाेलनकारी कैंडिडेट्स के बीच नोकझोक
UP में TGT-PGT भर्ती कैंडिडेट्स इन दिनों प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय के बाहर जुटे हुए हैं. मंगलवार को प्रदर्शनकारी कैंडिडेट्स और पुलिस के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी. प्रदर्शनकारी कैंडिडेट्स ने कई बार बैरिकेडिंग हटाकर शिक्षा निदेशालय के अंदर घुसने की कोशिश की. जिस पर बचाव के लिए पुलिस को आगे आना पड़ा. ऐसे मेंशिक्षा निदेशालय गेट के बहार कैंडिडेट्स और पुलिस की बीच कई बार नोकझोक की स्थिति बनी.
17 दिनों से चल रहा है धरना
UP में TGT-PGT भर्ती कैंडिडेट्स का धरना पिछले 17 दिनों से चल रहा है. कैंडिडेट्स का धरना सिविल लाइंस में चल रहा था. अब प्रदर्शनकारी कैंडिडेट्स शिक्षा निदेशालय परिसर का घेराव करते हुए उसके बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गए हैं, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर शिक्षा निदेशालय को पुलिस छावनी में बदला गया है. वहीं आंदोलनकारी कैंडिडेट्स ने मांगें पूरी ना होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया है. 5 सितंबर को 4 कैंडिडेट्स ने आमरण अनशन शुरू किया. मंगलवार को कुछ कैंडिडेट्स ने कफन ओढ़कर शिक्षा निदेशालय परिसर में अपना विरोध भी जताया.
पुरानी नियमावाली लागू करने की मांग
UP में TGT-PGT भर्ती कैंडिडेट्स पुरानी नियमावली लागू करने की मांग कर रहे हैं. इस मांग को लेकर कैंडिडेट्स का धरना जारी है. आंदोलनकारी कैंडिडेट्स का कहना है कि भर्ती मेंपुरानी नियमावली लागू ना होने से 7 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स प्रभावित हो रहे हैं. कैंडिडेट्स ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप भी लगाया है. साथ हीमांगें पूरी नहीं होने तक शिक्षा निदेशालय से नहीं हटने का ऐलान भी किया है.

मनीष वर्मा
मनीष वर्मा 21 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वो IBN7, न्यूज़ एक्सप्रेस, नेशनल वॉयस, MH-1 न्यूज़ चैनल तथा न्यूज़-ट्रैक , इंडियन ओपिनियन में काम कर चुके हैं. मुख्य रूप से 'बुंदेलखंड की भूख- अवार्डेड स्टोरी ऑफ IBN7', चार महाकुम्भ/अर्धकुंभ (2001, 2007, 2013, 2019), महेश योगी समाधि का अंतराष्ट्रीय कार्यक्रम, कुख्यात डकैत ददुआ एनकाउंटर, कुख्यात डकैत ठोकिया द्वारा 7 जवानों की नृशंस हत्या की स्पेशल कवरेज कर चुके हैं.
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