UPI चार्ज विवाद: BJP प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव का बयान - 'आम लोगों पर नहीं पड़ेगा कोई असर'

Published on 16 सित॰ 2026

उन्होंने कहा, 'MDR कोई टैक्स नहीं है जो सरकार या NPCI के पास जाए, बल्कि यह UPI इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए व्यापारियों द्वारा दिया जाने वाला रखरखाव खर्च है.'

Written By : विक्रम कुमार |  Updated at : 16 Sep 2026 11:46 PM (IST)

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UPI payement charge controversy BJP spokesperson Siddharth Yadav statement UPI चार्ज विवाद: BJP प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव का बयान - 'आम लोगों पर नहीं पड़ेगा कोई असर'

UPI चार्ज विवाद पर बीजेपी प्रवक्ता का बयान

Source : ANI/X

UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर बीजेपी प्रवक्ता और पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने बयान दिया है. उन्होंने डिजिटल पेमेंट सिस्टम को देश की बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा, भारत में हर महीने UPI के जरिए 29.82 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन होता है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनाता है. पूरी दुनिया के कुल डिजिटल भुगतानों में से आधे अकेले भारत में होते हैं. करीब 10 साल पहले 200 रुपये भेजने के लिए भी बैंक में फॉर्म भरना पड़ता था, लेकिन देश के खुद बनाए डिजिटल पेमेंट सिस्टम की वजह से आज ऐसा नहीं है.'

उन्होंने कहा, 'सरकार ने 14 सितंबर को एक गजट अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत 2000 रुपये तक के किसी भी तरह के UPI लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. 2000 रुपये से ऊपर के आम पर्सन-टू-पर्सनलेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे. दुकानदारों (P2M) के मामले में, अगर किसी छोटे व्यापारी का मासिक कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है, तो उससे भी कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा OTT सब्सक्रिप्शन, SIP और बिल भुगतान जैसी सुविधानुसार तय ऑटो-डेबिट (UPI मैंडेट) सेवाओं पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा.'

क्या बोले बीजेपी नेता?

बीजेपी नेता ने कहा, 'केवल बड़े व्यापारियों पर 2000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का चार्ज लगेगा. MDR कोई टैक्स नहीं है जो सरकार या NPCI के पास जाए, बल्कि यह UPI इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए व्यापारियों द्वारा दिया जाने वाला रखरखाव खर्च है.'

'आम लोगों-ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त असर नहीं'

उन्होंने आगे कहा, 'UPI के ढांचे और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए हर साल लगभग 20,000 करोड़ रुपये का खर्च आता है. सरकार इस बोझ को कम करने के लिए सब्सिडी देती है और वित्त वर्ष 2026-27 में 2000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है. 2025 में 180 से अधिक पेमेंट कंपनियों की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सीमित स्तर पर MDR लागू करने का फैसला लिया. देश के 96% लेनदेन 2000 से कम के होते हैं, इसलिए इस व्यवस्था से आम जनता और ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त असर नहीं पड़ेगा.'

विक्रम कुमार एबीपी न्यूज़ में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं और डिजिटल टीम का हिस्सा हैं. एबीपी लाइव के नेशनल डेस्क पर विक्रम देश और विदेश की राजनीति से जुड़ी खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. ब्रेकिंग न्यूज़ पर इनका विशेष फोकस रहता है. देश-विदेश के बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर लिखते रहते हैं. यूएस-ईरान युद्ध के दौरान इन्होंने कई इन-डेप्थ खबरें की हैं जिन पर कई मिलियन व्यूज आए. साल 2023 में प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से मास मीडिया हिंदी में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद एबीपी लाइव के साथ करियर की शुरुआत की. Email: [email protected]

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Published at : 16 Sep 2026 11:46 PM (IST)

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