
वास्तु टिप्सImage Credit source: pexels
वास्तु शास्त्र में घर की ऊर्जा का सीधा संबंध परिवार के स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति से माना गया है. घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होने पर बनते काम बिगड़ने लगते हैं, परिवार के सदस्यों में बेवजह विवाद होता है और धन टिकता नहीं है. आमतौर पर लोग नकारात्मकता दूर करने के लिए सेंधा नमक या समुद्री नमक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन भारतीय संस्कृति और वास्तु शास्त्र में 5 ऐसी वस्तुएं बताई गई हैं जो घर के वातावरण को पॉजिटिव बनाती हैं. आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में.
कपूर
पूजा-पाठ में कपूर का इस्तेमाल आम है. वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में कपूर को घर के वातावरण को शुद्ध करने और नकारात्मकता दूर करने वाला माना जाता है. कई लोग सुबह या शाम पूजा के समय कपूर जलाते हैं. इसकी खुशबू पूरे घर में फैलने से वातावरण भी अच्छा महसूस होता है.
धूप और अगरबत्ती
धूप, अगरबत्ती और प्राकृतिक सुगंध का इस्तेमाल भी लंबे समय से भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इनकी खुशबू घर के वातावरण में सकारात्मकता लाने में मदद कर सकती है. खासकर पूजा के समय धूप या अगरबत्ती जलाने की परंपरा हर घर में देखने को मिलती है.
तुलसी और दूसरे हरे पौधे
घर में स्वस्थ और हरे-भरे पौधे रखना भी वास्तु में शुभ माना जाता है. खासकर तुलसी को धार्मिक और वास्तु दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. लेकिन ध्यान रखें कि घर में सूखे, मुरझाए या मृत पौधे लंबे समय तक नहीं रखने चाहिए. वास्तु मान्यताओं में इन्हें ठहरी हुई या नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है.
दीपक
घर में सुबह और शाम दीपक जलाने की परंपरा भी सकारात्मक वातावरण से जुड़ी हुई है. धार्मिक मान्यता के अनुसार दीपक का प्रकाश अंधकार को दूर करने का प्रतीक माना गया है.
धूप और ताजी हवा
सिर्फ पूजा की चीजें ही नहीं, बल्कि घर में आने वाली प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा को भी वास्तु में काफी महत्व दिया जाता है. बंद और अंधेरे कमरों के बजाय खिड़कियां खोलकर घर में हवा और सूर्य की रोशनी आने देना वातावरण को ताजा बनाए रखने का आसान तरीका है. वास्तु से जुड़ी सलाह में भी सूर्य की रोशनी और ताजी हवा को घर के माहौल को बेहतर बनाने वाले उपायों में शामिल किया जाता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

वरुण चौहान
इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया में करीब एक दशक से ज्यादा का अनुभव. 2008 में एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन (AAFT) नोएडा से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद कुछ अलग और नया करने की सोच के साथ मीडिया में अपने सफर की शुरुआत की. शुरुआत से ही मेरी रुचि उन विषयों को आम लोगों तक पहुंचाने में रही है, जो भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं से जुड़े हैं. अपने करियर के दौरान Channel One News, Sahara Samay, A2Z News, News Express, National Voice और पंजाब केसरी डिजिटल जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. इन संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, फील्ड रिपोर्टिंग,और डिजिटल कंटेंट को सीखने का अनुभव मिला. फिलहाल देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में धर्म और आस्था से जुड़ी खबरों, धार्मिक आयोजनों, ज्योतिष, वास्तु, पौराणिक कथाओं, मंदिरों की परंपराओं और व्रत-त्योहारों से जुड़े विषयों को सरल, सहज और तथ्यपूर्ण भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहा हूं. महाकुंभ 2025 की कवरेज मेरे करियर के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, अखाड़ों की परंपराओं, संत समाज की गतिविधियों और कुंभ से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर विस्तार से लिखने का अवसर मिला. इसके अलावा चारधाम यात्रा, सावन, नवरात्रि, दीपावली, होली, छठ पूजा, अमरनाथ यात्रा, रमज़ान और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों पर भी लगातार लेखन किया है. भारतीय संस्कृति, धर्म-दर्शन, ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, पुराणों और लोक आस्थाओं के अध्ययन में विशेष रुचि रखता हूं. मेरा प्रयास हमेशा यही रहता है कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकें.
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