रूस में प्लेग लैब टेक्नीशियन की क्यों हुई मौत? WHO अबतक नहीं उठा पाया रहस्य से पर्दा

Published on 11 अक्टू॰ 2026

रूस के साइबेरिया स्थित इरकुत्स्क एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट (Irkutsk Anti-Plague Research Institute) में 28 साल की महिला लैब तकनीशियन दारिया शिपिलोवा (Darya Shipilova) की 2 अक्टूबर को मौत हो गई थी, जो अब तक रहस्य बनी हुई है. यह संस्थान रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र के शेलेखोव (Shelekhov) शहर में स्थित है, जहां गंभीर बीमारियों और प्लेग (Plague) पर शोध किया जाता है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) ने शनिवार (10 अक्टूबर) को कहा कि उसे अभी भी यह नहीं पता है कि रूस की एक लैब में एक युवा कर्मचारी की मौत किस वजह से हुई. संगठन ने मामले की जांच जारी रखने और मृत कर्मचारी की बीमारी से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जुटाने की जरूरत बताई है.

न्यूमोनिक प्लेग का संकेत

UN की हेल्थ एजेंसी ने शुरुआती और बिना पुष्टि वाली रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिनसे न्यूमोनिक प्लेग का संकेत मिलता है. रिपोर्टों में न्यूमोनिक प्लेग की आशंका जताई है. यह प्लेग का एक गंभीर रूप है, जो आम तौर पर पाए जाने वाले ब्यूबोनिक प्लेग से अलग है. मध्यकाल में फैली ब्लैक डेथ महामारी का संबंध भी प्लेग से था. निमोनिक प्लेग फेफड़ों को प्रभावित करता है और गंभीर निमोनिया का कारण बन सकता है. यह संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है. हालांकि समय रहते बीमारी की पहचान हो जाए और उचित इलाज मिल जाए तो मरीज के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

मामले की आगे भी जांच करने की मांग

इस महीने की शुरुआत में सामने आए इस मामले के बाद WHO ने अपनी पहली पूरी ‘डिजीज आउटब्रेक न्यूज़’ (बीमारी फैलने की खबर) में मामले की आगे भी जांच करने की मांग की. एजेंसी ने कहा कि रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने 5,500 से ज़्यादा टेस्ट किए और उन्हें किसी भी खतरनाक पैथोजेनिक माइक्रोऑर्गेनिज्म (बीमारी फैलाने वाले सूक्ष्मजीव) का कोई सबूत नहीं मिला.

WHO ने कहा ‘आकलन पर भरोसा बढ़ाने के लिए और क्लिनिकल, महामारी-संबंधी और प्रयोगशाला संबंधी जानकारी की ज़रूरत है, जिसमें मृतक लैब कर्मचारी की बीमारी की पुष्टि भी शामिल है’.

दूसरे मामले का भी जिक्र

WHO ने एक कथित दूसरे मामले का भी ज़िक्र किया, जिसे उसने पहले ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को ईमेल से दिए गए स्पष्टीकरण में ब्रिटेन और सर्बिया के दो टैब्लॉयड न्यूज़ आउटलेट्स से जोड़ा था. इन आउटलेट्स ने रूस की कुछ ऐसी रिपोर्टों का हवाला दिया था जिनकी पुष्टि नहीं हुई थी. रूस ने इस तरह के दूसरे मामले से इनकार किया है.

रूसी अधिकारियों ने क्या कहा

रूस के स्वास्थ्य और स्वच्छता नियामक रोस्पोट्रेबनादज़ोर (Rospotrebnadzor) के अनुसार, महिला लैब तकनीशियन की मौत ‘अज्ञात कारण से हुए निमोनिया’ (Pneumonia of unknown aetiology) से हुई है. अधिकारियों का कहना है कि लैब में किसी भी तरह की दुर्घटना या खतरनाक बैक्टीरिया के रिसाव का कोई प्रमाण नहीं मिला है.

सोशल मीडिया पर दावा

सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि लैब में काम करते समय प्लेग के बैक्टीरिया वाली टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिससे संक्रमण फैलने से उनकी मौत न्यूमोनिक प्लेग (Pneumonic Plague) के कारण हुई. पड़ोसी क्षेत्र बुरियाटिया के प्रमुख ने भी शुरुआत में प्लेग से मौत की बात कही थी, जिसे बाद में बदल दिया गया था.

करीब 200 लोग क्वारंटाइन

इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर करीब 200 लोगों को मेडिकल निगरानी (क्वारंटाइन) में रखा गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO ) और अमेरिका सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस मामले पर पूरी रिपोर्ट और स्पष्टता मांग रही हैं.