World Meteorological Organization Forcast: संकट लेकर आएगा सितंबर!.. WMO का ताजा पूर्वानुमान, एक महीने बाद अल-नीनो फिर दिखायेगा अपना असर.. हो सकता है बड़ा नुकसान

Published on 1 अग॰ 2026

World Meteorological Organization Forcast for August and September || AI Generated File

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र की मौसम एवं जलवायु एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने चेतावनी दी है कि एल नीनो जुलाई से सितंबर के बीच तेजी से मजबूत होकर ‘स्ट्रॉन्ग’ स्तर तक पहुंच सकता है। (World Meteorological Organization Forcast for August and September) इसके चलते दुनिया के कई हिस्सों में भीषण गर्मी, सूखा, भारी बारिश और अन्य चरम मौसम घटनाओं का खतरा बढ़ जाएगा। एजेंसी ने देशों से पहले से तैयारी करने की अपील की है।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

क्या है एल नीनो और क्यों बढ़ी चिंता?

एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है। इससे प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का समुद्री सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इससे दुनिया भर में हवा, बारिश और मौसम के पैटर्न में बड़े बदलाव आते हैं। यह घटना आमतौर पर हर 2 से 7 साल में होती है और 9 से 12 महीने तक बनी रहती है। एल नीनो के विपरीत स्थिति को ला नीना (La Niña) कहा जाता है।

हीटवेव, सूखा और भारी बारिश का खतरा बढ़ेगा

विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, समुद्र की सतह का तापमान कई क्षेत्रों में 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ने की संभावना है। इससे दुनिया के कई हिस्सों में हीटवेव, समुद्री हीटवेव, सूखा और अत्यधिक बारिश की घटनाएं बढ़ सकती हैं। (World Meteorological Organization Forcast for August and September) एजेंसी ने कहा कि मौसम के विभिन्न वैश्विक मॉडल इस अनुमान पर लगभग एकमत हैं, जिससे इस पूर्वानुमान पर भरोसा और मजबूत हो जाता है।

Join Our Whatsapp Group

भारत समेत कई क्षेत्रों में बारिश प्रभावित हो सकती है

विश्व मौसम विज्ञान संगठन के मौसमी पूर्वानुमान के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप और ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। वहीं, अमेरिका के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। एजेंसी का कहना है कि दुनिया के अधिकांश आबादी वाले क्षेत्रों में जुलाई से सितंबर के बीच सामान्य से अधिक तापमान रहने की आशंका है।

जलवायु परिवर्तन बढ़ा सकता है असर

विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन एल नीनो की आवृत्ति या तीव्रता नहीं बढ़ाता, लेकिन इसके प्रभावों को और गंभीर बना सकता है। गर्म समुद्र और गर्म वातावरण के कारण चरम मौसम घटनाओं के लिए अधिक ऊर्जा और नमी उपलब्ध होती है, जिससे भीषण गर्मी, भारी वर्षा और अन्य मौसमीय आपदाएं ज्यादा असरदार हो सकती हैं।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

विश्व मौसम विज्ञान संगठन प्रमुख सेलेस्टे साउलो ने कहा कि एल नीनो पहले ही शुरू हो चुका है और आने वाले महीनों में तेजी से मजबूत होगा। (World Meteorological Organization Forcast for August and September) इसलिए कृषि, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में समय रहते तैयारी करना बेहद जरूरी है।

इन्हें भी पढ़ें:

राष्ट्रमंडल खेल: यामिनी और अजय बाबू को 25-25 लाख रुपये, सरकारी नौकरी देगी मप्र सरकार

मेरठ:फर्जी पुलिसकर्मी बनकर अपहरण व जबरन वसूली करने में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश,दो गिरफ्तार

नीट आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के लिए मोदी युवाओं से माफी मांगें : उद्धव ठाकरे

ब्रिटेन के नए नेता के लिए डाउनिंग स्ट्रीट के अलावा मैनचेस्टर भी होगा सत्ता का एक केंद्र

कोल इंडिया का उत्पादन जुलाई में 8.4 प्रतिशत बढ़कर 5.036 करोड़ टन पर