भारतीय शेयर बाजार में एनएसई की सुस्त शुरुआत, 0.84 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ हुआ लिस्ट

Published on 24 सित॰ 2026

भारतीय शेयर बाजार में एनएसई की सुस्त शुरुआत, 0.84 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ हुआ लिस्ट

भारतीय शेयर बाजार में एनएसई की सुस्त शुरुआत, 0.84 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ हुआ लिस्ट

author-image

IANS

24 Sep 2026

10:45 IST

New Update

Mumbai: NSE Management Announces Upcoming IPO

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

मुंबई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) ने गुरुवार को दलाल स्ट्रीट पर कमजोर शुरुआत की। एनएसई का शेयर बीएसई पर 1,800 रुपए प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुआ, जो उसके इश्यू प्राइस 1,785 रुपए के मुकाबले केवल 0.84 प्रतिशत अधिक है।

लंबे समय से इंतजार किए जा रहे एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुला था और इसे 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इश्यू का आकार 22,568.94 करोड़ रुपए था, जबकि निवेशकों ने 90,287.33 करोड़ रुपए की बोलियां लगाईं।

एनएसई आईपीओ का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) था, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारकों ने 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की।

एनएसई आईपीओ, 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपए के आईपीओ के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू था।

इस बीच, शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले एनएसई आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) तेजी से गिरावट देखी गई थी। बुधवार को प्रीमियम घटकर कथित तौर पर 43 रुपए प्रति शेयर रह गया था।

इश्यू खुलने से पहले ग्रे मार्केट में सेंटीमेंट काफी मजबूत था और प्रीमियम लगभग 200 रुपए प्रति शेयर तक पहुंच गया था। इससे 8 प्रतिशत से अधिक के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा था।

एनएसई आईपीओ निवेशकों की विभिन्न श्रेणियों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) हिस्से में सबसे अधिक मांग देखने को मिली और यह 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) का हिस्सा 6.55 गुना और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (आरआईआई) का हिस्सा 1.39 गुना सब्सक्राइब हुआ।

एनएसई की आय का एक बड़ा हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्ज से आता है। वित्त वर्ष 2026 में ऑपरेशंस से होने वाले राजस्व में ट्रांजैक्शन चार्ज का योगदान 78.65 प्रतिशत रहा। इसमें अकेले ऑप्शंस ट्रेडिंग का योगदान परिचालन राजस्व में 60 प्रतिशत से अधिक था। यह एक्सचेंज की डेरिवेटिव्स गतिविधियों पर निर्भरता को दर्शाता है।

एक्सचेंज की प्रमुख बाजार क्षेत्रों में मजबूत मौजूदगी बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026 में इक्विटी कैश सेगमेंट में एनएसई की बाजार हिस्सेदारी करीब 93 प्रतिशत, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79 प्रतिशत, प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर इक्विटी ऑप्शंस में 74.71 प्रतिशत और करेंसी फ्यूचर्स में 99.48 प्रतिशत रही।

हालांकि, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इक्विटी ऑप्शंस बाजार में एनएसई की हिस्सेदारी घटकर 68.48 प्रतिशत रह गई।

–आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.