बालोद जिले के अर्जुनी (टिकरी) गांव में तीजा पर मायके आई 1,000 से ज्यादा महिलाओं के लिए सरपंच ने खास पहल की है। गांव की हर महिला का 1-1 लाख रुपए का सुरक्षा बीमा कराया जा रहा है। इस बीमा का प्रीमियम पंचायत या सरकारी फंड से नहीं, बल्कि सरपंच ललिता देवां
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रविवार को तीजा उत्सव के दौरान देर शाम तक महिलाओं के बीमा फॉर्म भरे गए। जिन महिलाओं के फॉर्म नहीं भरे जा सके, उनका काम एक सप्ताह के अंदर पूरा किया जाएगा। यह बीमा एक साल के लिए होगा। बीमित महिला के साथ कोई दुर्घटना होने पर बीमा की शर्तों के अनुसार उसके परिवार को आर्थिक मदद मिलेगी।
गांव में शुरू की गई यह पहल काफी खास है। तीजा पर मायके लौटी बहनों को दिया जा रहा यह उपहार सिर्फ त्योहार तक सीमित नहीं रहेगा। यह जरूरत के समय उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा देगा। सरपंच के मुताबिक, प्रदेश में इस तरह की पहल पहली बार की गई है।



उपहार ऐसा, जो जरूरत के समय आएगा काम
सरपंच ललिता देवांगन ने कहा कि हर बहन के लिए उसका मायका सबसे खास होता है। तीजा पर दूर-दराज के ससुराल से बेटियां मायके लौटती हैं। ऐसे में इस बार ऐसा उपहार देने का विचार आया, जो केवल दिखावे या एक दिन की खुशी तक सीमित न रहे। पति रितेश देवांगन से चर्चा के बाद तीजहारिनों का सुरक्षा बीमा कराने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि बहनों की सुरक्षा और जिम्मेदारी जरूरी है। यही इस बार मेरा तीजा गिफ्ट है। बीमा की प्रीमियम राशि ग्राम पंचायत के फंड से नहीं, बल्कि वे स्वयं अपने खर्च से भरेंगी।
12 साल से मायके लौटकर एक साथ मनाती हैं तीजा
अर्जुनी (टिकरी) में करीब 12 वर्षों से तीजा सामूहिक रूप से मनाया जा रहा है। गांव की बहू-बेटियों ने मिलकर पीहरधाम बनाया है, जहां हर साल तीजा पर दूर-दराज के ससुराल से बेटियां मायके लौटकर सामूहिक पूजा-अर्चना करती हैं। पूजा के बाद तीजहारिन महिलाएं यहीं अपना उपवास तोड़ती हैं।

महिलाओं के चंदे से 2016 में शुरू हुआ पीहरधाम
पूर्व सरपंच रितेश देवांगन के अनुसार पीहरधाम का निर्माण गांव की बहू-बेटियों ने आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर कराया। इसका निर्माण 2016 में शुरू हुआ और 2018 में पूरा हुआ। यहां राधा-कृष्ण की मूर्तियां स्थापित हैं। उद्देश्य था कि तीजा पर मायके लौटने वाली बेटियां एक ही जगह जुटकर सामूहिक रूप से पर्व मना सकें।

तीजा से आगे भी सामाजिक सरोकार
गांव के समाजसेवी डिगेंद्र साहू ने बताया कि सरपंच ललिता देवांगन ‘मिशन अनमोल मुस्कान’ के तहत जरूरतमंद बच्चों के लिए भी अपने खर्च से सामाजिक पहल करती हैं। बाल दिवस पर बच्चों को वाटर पार्क, जंगल सफारी और बड़े शहरों की सैर कराई जाती है।
मजदूर दिवस पर गांव के छह मजदूरों को पहली बार हवाई यात्रा भी कराई गई। बेटियों की शादी में ड्रेसिंग टेबल जैसे उपहार देकर भी वे परिवार की खुशियों में शामिल होती हैं।

2023 में हुआ था राज्य स्तरीय पीहर महोत्सव
अर्जुनी के पीहरधाम में 2023 में राज्य स्तरीय पीहर महोत्सव भी आयोजित हुआ था। इसमें बालोद के साथ राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, धमतरी, जगदलपुर, कांकेर और ओडिशा से महिलाएं शामिल हुई थीं। तीजा महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, क्विज और जल संरक्षण, पौधरोपण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व प्लास्टिक मुक्त गांव जैसे विषयों पर जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं।