दरभंगा में मुखिया ने युवक को थप्पड़ मारा: ₹1,020 के भुगतान को लेकर विवाद, कॉलर पकड़कर गाली-गलौज की - Darbhanga News

Published on 28 जुल॰ 2026

हायाघाट प्रखंड की सिधौली पंचायत के मुखिया नागेश्वर दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। करीब 51 सेकंड के इस वीडियो में मुखिया एक युवक का कॉलर पकड़ते, थप्पड़ मारते और गाली-गलौज करते नजर आ रहे हैं।

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वीडियो के वायरल होने के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

मुखिया अपने पंचायत भवन में समर्थकों के साथ

मुखिया अपने पंचायत भवन में समर्थकों के साथ

वीडियो में क्या दिख रहा है वायरल वीडियो में एक युवक मुखिया से बंद बोतल पानी के बकाया भुगतान की मांग करता सुनाई देता है। कैमरे के पीछे से आवाज आती है, "आप मेरा पानी का पैसा क्यों नहीं दे रहे हैं?" इसके बाद कुर्सी पर बैठे मुखिया नागेश्वर दास उठकर युवक के पास जाते हैं, उसका कॉलर पकड़ लेते हैं और थप्पड़ मार देते हैं।

वीडियो में मुखिया यह कहते भी सुनाई देते हैं कि, "तुम मेरा रिकॉर्डिंग करोगे?" वहीं युवक बार-बार कहता है कि वह सिर्फ अपना बकाया पैसा मांग रहा है और पूरी घटना की रिकॉर्डिंग कर रहा है।

इस दौरान गाली-गलौज भी होती है। बाद में मुखिया के समर्थक उन्हें पकड़कर अंदर ले जाते हैं, लेकिन युवक रिकॉर्डिंग जारी रखता है। इसके बाद मुखिया दोबारा बाहर आने की कोशिश करते हैं, हालांकि समर्थक उन्हें रोक लेते हैं।

युवक ने क्या कहा वीडियो रिकॉर्ड करने वाले युवक मो अबरार ने बताया कि 19 मई 2026 को पंचायत भवन में आयोजित एक सरकारी कैंप के लिए उनसे बंद बोतल पानी मंगाया गया था। कुल भुगतान में से उन्हें एक सप्ताह बाद ₹1,500 मिल गए, लेकिन ₹1,020 अभी भी बकाया हैं। उसी राशि की मांग करने वह मुखिया के पास गए थे।

अबरार का कहना है कि वह पिछले छह वर्षों से यहाँ दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसा मांगने पर मुखिया ने उनके साथ गाली-गलौज की, थप्पड़ मारा और उनकी मां को भी अपशब्द कहे।

उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने अपने बचाव और सबूत के तौर पर वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया। अबरार ने यह भी कहा कि कई बार भुगतान का आश्वासन मिलने के बावजूद शेष राशि नहीं मिली।

बाद में मुखिया के एक परिचित गुलाब ने अपनी जेब से ₹1,500 दिए थे, जबकि ₹1,020 देने की बात मुखिया ने सरकारी भुगतान मिलने के बाद करने की कही थी। युवक का दावा है कि उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल नहीं किया। उसके अनुसार, यह मामला पंचायत में सुलझ भी गया था और उसके मोबाइल से वीडियो भी डिलीट हो गया था।

मुखिया ने स्वीकार की वीडियो की सत्यता सिधौली पंचायत के मुखिया नागेश्वर दास ने वीडियो को सही बताते हुए कहा कि वीडियो में जो कुछ दिखाई दे रहा है, वह वास्तविक है और वह इसे स्वीकार करते हैं। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से नाराज कुछ लोगों की साजिश है।

मुखिया ने बताया कि जिस स्थान पर युवक की दुकान है, उसे अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण की जद में बताया है और खाली कराने की प्रक्रिया चल रही है। उनके अनुसार, पंचायत भवन के पास सरकारी जमीन खाली कराने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई होने से कुछ लोग उनसे नाराज हैं और उसी कारण उन्हें उकसाने की कोशिश की गई।

मुखिया पंचायत का सरकारी काम निपटाते हुए

मुखिया पंचायत का सरकारी काम निपटाते हुए

कैंप में पानी की व्यवस्था कराई गई थी उन्होंने बताया कि 19 मई को पंचायत भवन में आयोजित कैंप में पानी की व्यवस्था कराई गई थी। भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें यह जानकारी नहीं है कि किसका कितना भुगतान बाकी था। उन्होंने कहा कि उनके परिचित गुलाब ने अपनी ओर से कुछ राशि युवक को दे दी थी और शेष ₹1,020 सरकारी भुगतान मिलने के बाद देने की बात कही गई थी।

मुखिया ने कहा कि युवक उनके पास आकर बहस करने लगा, जिससे उन्हें गुस्सा आ गया। उन्होंने माना कि वीडियो में जो व्यवहार दिखाई दे रहा है, वह हुआ था। साथ ही दावा किया कि इस मामले में बाद में पंचायत भी हुई थी, जिसमें युवक ने अपनी गलती स्वीकार की थी। अब मामला समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

विधि-सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि इस मामले में किसी पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। इधर, पतोर थानाध्यक्ष चंद्रभूषण कुमार ने बताया कि यह मामला अब तक उनके संज्ञान में नही आया है।

उन्होंने कहा कि अभी तक दोनों पक्षों में से किसी ने भी थाना में लिखित आवेदन नहीं दिया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर विधि-सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।