हिंसा से उभरे संभल का अब होगा कायाकल्प, यूपी सरकार से मंजूर ₹1.2 करोड़, चंद्र तीर्थ पर क्या-क्या बनेगा?

Published on 11 सित॰ 2026

Time Published: Friday, September 11, 2026, 23:02 [IST]

Sambhal Chandra Teerth Development: उत्तर प्रदेश सरकार ने संभल जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास और जीर्णोद्धार की दिशा में एक और कदम उठाया है। सरकार ने जिले के चंद्र तीर्थ के विकास के लिए 1.2 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। शुक्रवार को परियोजना की शुरुआत के लिए चंद्र तीर्थ परिसर में भूमि पूजन किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए 20 लाख रुपये की पहली किश्त प्रशासन को मिल चुकी है। पर्यटन विभाग की ओर से प्रस्तावित विकास कार्य जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है।

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चंद्र तीर्थ पर क्या-क्या बनेगा?

उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) विकास चंद्र ने बताया कि चंद्र तीर्थ संभल के 68 प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल है। यहां करीब 1.2 करोड़ रुपये की लागत से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के तहत बहुउद्देशीय हॉल और शेड समेत अन्य सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। पहली किश्त जारी होने के बाद शुक्रवार को विधिवत भूमि पूजन किया गया। SDM ने बताया कि पर्यटन विभाग इस परियोजना को आगे बढ़ा रहा है और निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का लक्ष्य है।

68 तीर्थ और 19 प्राचीन कुओं का हो रहा विकास

संभल को धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कलियुग में भगवान विष्णु का कल्कि अवतार संभल में प्रकट होगा। इसी धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार जिले के 68 तीर्थ स्थलों और 19 प्राचीन कुओं के जीर्णोद्धार की योजना पर काम कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, कई धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग चरणों में विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें मनोकामना तीर्थ, वंश गोपाल तीर्थ, हंस तीर्थ, सूर्य कुंड और भुवनेश्वरी तीर्थ समेत अन्य स्थल शामिल हैं।

शहजादी सराय में 9.5 करोड़ का टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर

संभल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े पर्यटन केंद्र का निर्माण भी किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, शहर के शहजादी सराय में करीब 9.5 करोड़ रुपये की लागत से टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर तैयार किया जा रहा है।

SDM विकास चंद्र ने बताया कि केंद्र के लिए कार्यालय बनाने का काम शुरू हो चुका है। पर्यटन विभाग की इस परियोजना में मल्टी-पर्पस हॉल, रेस्ट रूम, फैमिली रूम, डॉरमेट्री, डिजिटल लाइब्रेरी और पार्किंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।

हिंसा के बाद संवेदनशील रहा है संभल

गौरतलब है कि 24 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। अदालत के आदेश पर हो रहे सर्वे को लेकर विवाद हुआ था। एक याचिका में दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन हरिहर मंदिर के स्थान पर किया गया था।

हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने 12 एफआईआर दर्ज की थीं। इसके बाद से संभल को संवेदनशील क्षेत्र के तौर पर देखा जाता रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए क्षेत्र के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। चंद्र तीर्थ समेत अन्य धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार इसी व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

(PTI इनपुट के साथ)