Updated On: Jul 20, 2026 | 07:13 PM IST
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सार
Mobile Hacking Case Gwalior: ग्वालियर में साइबर ठगों का नया पैंतरा, किसान का मोबाइल हैक कर उड़ाए ₹1 लाख, वारदात के बाद खुद-ब-खुद फॉर्मेट हुआ फोन, मुरार थाने में एफआईआर दर्ज।

ग्वालियर साइबर ठगी केस (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Gwalior Cyber Fraud Case: ग्वालियर में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला मुरार थाना क्षेत्र का है, जहां एक किसान का मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते से 1 लाख रुपये निकाल लिए। चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के दौरान मोबाइल अपने आप फॉर्मेट हो गया और लगातार दो दिनों तक बंद रहा।
पुलिस को आशंका है कि किसी संदिग्ध एप फाइल या मालवेयर के जरिए साइबर ठगों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर पूरी वारदात को अंजाम दिया।
मोबाइल में खराबी नहीं, पूरा डेटा किया गया था फॉर्मेट
मुरार के बड़ागांव स्थित मुर्गी फार्म इलाके में रहने वाले 32 वर्षीय किसान दीपक राजपूत ने पुलिस को बताया कि 11 जुलाई को उनका मोबाइल अचानक बंद हो गया। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य तकनीकी खराबी समझा, लेकिन दो दिन तक फोन चालू नहीं हुआ। इसके बाद वह मोबाइल को खुरैरी स्थित एक रिपेयरिंग दुकान पर लेकर पहुंचे। जांच के दौरान मैकेनिक ने बताया कि मोबाइल में कोई हार्डवेयर खराबी नहीं है, बल्कि उसका पूरा डेटा फॉर्मेट कर दिया गया है। यह जानकारी मिलने के बाद दीपक को साइबर ठगी की आशंका हुई।
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बैंक स्टेटमेंट में सामने आई 1 लाख रुपये की निकासी
मोबाइल फोन फॉर्मेट होने की जानकारी के बाद दीपक यूनियन बैंक की बड़ागांव शाखा पहुंचे और अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखते ही उनके होश उड़ गए, क्योंकि खाते से 1 लाख रुपये निकाले जा चुके थे। इसके बाद उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मुरार थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर एक्सपर्ट की सलाह, पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
साइबर एक्सपर्ट हरेंद्र सिंह राजपूत और धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि यदि मोबाइल अचानक बंद हो जाए, बार-बार रीस्टार्ट होने लगे, अपने आप फॉर्मेट हो जाए या असामान्य व्यवहार करे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर खाते को अस्थायी रूप से ब्लॉक कराएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
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वहीं, मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि साइबर टीम ट्रांजेक्शन आईडी और जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
