ग्वालियर2 घंटे पहले
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ग्वालियर के ऑटोमोबाइल कारोबारी मनीष जैन से शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर 1.63 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। ठगी की रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई, उनकी जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को ई-मेल भेजे गए हैं। साथ ही आरोपियों की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें शहर से बाहर रवाना कर दी गई हैं।
फर्जी ऐप और व्हाट्सएप ग्रुप से रचा गया था जाल
रामदास घाटी निवासी मनीष जैन की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66D और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार, 22 अप्रैल 2026 को ठगों ने उन्हें "Axis-DMA" नाम के फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप और “G-2 Axis Prime Circle”, "M-26 Axis VIP Circle" नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। खुद को शेयर बाजार से जुड़ी टीम बताकर आरोपियों ने भारी मुनाफे का लालच दिया और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 84 लाख 19 हजार 900 रुपए जमा करा लिए।
शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए ठगों ने कारोबारी को करीब 21 लाख रुपए वापस भी किए। इससे उन्हें प्लेटफॉर्म पर विश्वास हो गया और उन्होंने निवेश बढ़ा दिया। बाद में पूरी रकम निकालने की कोशिश करने पर कैपिटल गेन टैक्स और ट्रांसफर चार्ज के नाम पर अतिरिक्त राशि मांगी गई। पैसे देने से इनकार करने पर उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से हटाकर संपर्क समाप्त कर दिया गया।
पांच राज्यों के 10 से ज्यादा खातों में पहुंचा पैसा
प्रारंभिक जांच में साइबर एक्सपर्ट टीम को पता चला है कि ठगी की रकम पहली लेयर में देश के पांच राज्यों के 10 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दूसरी और तीसरी लेयर में 100 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया होगा।
पुलिस ने जिन खातों में ट्रांजेक्शन हुआ है, उनके संबंधित बैंक प्रबंधकों को ई-मेल भेजकर खाताधारकों की जानकारी, बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन का ब्यौरा मांगा है। साथ ही खातों में उपलब्ध रकम को होल्ड कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।
म्यूल अकाउंट और फर्जी सिम का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि साइबर ठगों ने म्यूल बैंक खातों और फर्जी दस्तावेजों पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। व्हाट्सएप ग्रुप और कॉलिंग इन्हीं सिम के जरिए संचालित की गई। पुलिस अब म्यूल अकाउंट धारकों तक पहुंचकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने अपने खाते किसे और किन परिस्थितियों में उपलब्ध कराए।
आरोपियों की तलाश में टीमें रवाना
क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि जिन बैंक खातों में ठगी की रकम गई है, उनसे संबंधित सभी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप संचालित करने वाले मोबाइल नंबरों के सिमधारकों का भी पता लगाया जा रहा है। आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें शहर से बाहर रवाना कर दी गई हैं।
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