10 घंटे पहले
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सोने-चांदी के दाम में आज यानी 17 सितंबर को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने के दाम 513 रुपए घटकर 1.52 लाख रुपए पर आ गया है।
एक किलो चांदी की कीमत 1,695 रुपए कम होकर 2.30 लाख रुपए पर आ गई है। इस महीने चांदी करीब ₹8 हजार और सोना ₹4 हजार सस्ता हुआ है। 31 अगस्त को सोने का दाम करीब 1.56 लाख रुपए और चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपए थी।
क्या यह गिरावट लंबी चलेगी?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है:
- अमेरिका के केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' ने 3 साल में पहली बार बढ़ाई ब्याज दरें बढ़ाई है। इससे सोने के दाम में गिरावट है।
- हालांकि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने को सपोर्ट मिल सकता है, जिससे निवेशक इसे सुरक्षित निवेश के रूप में फिर से चुन सकते हैं।
- एक्सपर्ट्स की राय है कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि बाजार में अभी भी कमजोरी के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन किसी भी बड़ी गिरावट पर खरीदारी का अवसर भी बन सकता है।

इस साल सोना ₹19 हजार महंगा हुआ
इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 18 हजार रुपए महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है।
वहीं, चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब भी करीब 2.30 लाख रुपए पर ही है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
- सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
- कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
- मेकिंग चार्ज का खेल: मेकिंग चार्ज वह शुल्क है जो ज्वेलर्स सोने को गहना बनाने के लिए लेते हैं। यह फिक्स नहीं होता। आप इस पर मोलभाव कर सकते हैं। ज्वेलर्स अक्सर इसे कम करने के लिए तैयार हो जाते हैं, खासकर यदि आप बड़ी खरीदारी कर रहे हों। आप सीधे उनसे लेबर कॉस्ट का ब्रेकअप मांगें, जिससे आपको बेहतर डील मिल सके।
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