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चौगिट्टी फ्लाईओवर के पास बारिश के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुई गाड़ी का इंश्योरेंस क्लेम खारिज करना बीमा कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने बीमा कंपनी द्वारा क्लेम खारिज करने के फैसले को पूरी तरह अनुचित ठहराया। अदालत ने इसे सेवा में बड़ी कमी मानते हुए पीड़ित शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह पीड़ित को गाड़ी के नुकसान के 1,86,631 रुपए का तुरंत भुगतान करे। इसके साथ ही इस राशि पर 30 जुलाई 2021 से लेकर अंतिम भुगतान होने तक 6% वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।
मानसिक परेशानी के लिए 20 हजार तथा मुकदमा खर्च के 10 हजार देने होंगे। गौरतलब है कि 20 जून 2021 की रात लगभग 8:30 बजे चोगिट्टी फ्लाईओवर के पास तेज बारिश हो रही थी। उस दौरान आगे चल रही गाड़ी ने अचानक ब्रेक मार दी, जिससे पीछे से आ रहे वाहन ने उपभोक्ता की गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी थी। इंश्योरेंस कंपनी ने कहा था- गलत जानकारी दी गई देरी से सूचना मिली, क्लेम खारिज नहीं हो सकता हादसा 20 जून को हुआ था और बीमा कंपनी को इसकी सूचना 22 जून को दी गई।
आयोग ने माना कि सूचना देने में दो दिन की देरी हुई, लेकिन मामले की परिस्थितियों में केवल इतनी देरी को क्लेम खारिज करने का आधार नहीं माना जा सकता। आयोग ने कहा कि कंपनी ने इसके बाद सर्वेयर नियुक्त किया, जांच की और नुकसान का आकलन भी किया।
ऐसा कोई तथ्य पेश नहीं किया गया कि इस देरी से कंपनी को नुकसान हुआ। क्षतिग्रस्त वाहन को जब सही करवाया गया तो वाहन की मरम्मत के बाद 2 अगस्त 2021 को 1,86,631 का बिल बना। क्लेम ना देने पर उपभोक्ता कमीशन में शिकायत दायर की। बीमा कंपनी ने कहा कि वाहन की खरीद, ड्राइवर और दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर शिकायतकर्ता ने महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए और गलत जानकारी दी।
वाहन अप्रैल 2021 में खरीदने की बात कही, लेकिन जांच के दौरान खरीद पत्र उपलब्ध नहीं कराया। वाहन की सर्विस हिस्ट्री में 3 नवंबर 2017 से शिकायतकर्ता के नाम सर्विस दर्ज होने का भी हवाला दिया गया। कंपनी ने यह भी कहा कि जांच के अनुसार हरप्रीत सिंह 20 जून 2021 को अमृतसर नहीं गया था और गूगल टाइम लाइम में वह जालंधर में दिखाई दे रहा था।
इसके आधार पर कंपनी ने दुर्घटना के समय हरप्रीत के वाहन चलाने पर सवाल उठाया। साथ ही 17 से 20 जून के बीच वाहन के करीब 1,000 किमी चलने का मुद्दा उठाया गया और कहा गया कि दुर्घटना की सूचना दो दिन बाद, 22 जून को दी गई। कंपनी ने जांच के बाद क्लेम को 30 जुलाई 2021 को खारिज कर दिया था।
उसके सर्वेयर ने नुकसान 2,48,240.56 रुपए आंका था, लेकिन कंपनी ने कथित गलत जानकारी और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के आधार पर क्लेम को भुगतान योग्य नहीं माना। कमिशन ने स्पष्ट किया कि संदेह, चाहे कितना भी मजबूत हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता। साथ ही बीमा कंपनी ने खुद वाहन के 17 से 20 जून के बीच करीब 1,000 किमी चलने की बात कही थी।