भास्कर न्यूज | लुधियाना स्मार्ट सिटी लुधियाना में स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट में नगर निगम और निजी ठेकेदार कंपनी के बीच वित्तीय गणित का बड़ा पेंच सामने आया है। नगर निगम और टाटा प्रोजेक्ट्स की एसपीवी कंपनी के बीच हुए एग्रीमेंट के मुताबिक, शहर
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लेकिन, मौसम और सार्वजनिक मांग का हवाला देकर लाइटों को रोजाना 11 से 13 घंटे तक चलाया गया, जिसके एवज में कंपनी ने निगम पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 514.55 घंटे अतिरिक्त चलने का क्लेम ठोक दिया है।अब नगर निगम अधिकारी इस अतिरिक्त बिलिंग और एनर्जी सेविंग भुगतान को हरी झंडी देने के लिए एफएंडसीसी (वित्त एवं ठेका कमेटी) की बैठक में प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं।
इतना ही नहीं, फाइल नोटिंग से खुलासा हुआ है कि कंपनी ने अनुबंध खत्म होने यानी मार्च 2028 तक के लिए एकमुश्त टाइम एक्सटेंशन / वन-टाइम अप्रूवल की मांग रखी है। दस्तावेजों के मुताबिक, अनुबंध की धारा 9.1 के तहत यदि निगम संचालन के घंटे बढ़ाता है, तो एनर्जी सेविंग बेसलाइन को रिवाइज किया जाएगा और निगम को अतिरिक्त भुगतान करना होगा। आंकड़े बताते हैं कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि पिछले 6 सालों से यही चल रहा है। इससे करीब 15 करोड़ का अतिरिक्त बोझ निगम पर पड़ा है।
वित्तीय वर्ष -अतिरिक्त घंटे {2020-21-440.50 {2021-22-520.75 {2022-23-519.10 {2023-24-503.64 {2024-25-505.08 {2025-26-514.55 {आखिर क्यों नहीं बदलता अनुबंध का बेसलाइन मॉडल: कांग्रेसी पार्षद और एफएंडसीसी मेंबर गौरव भट्टी ने निगम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब हर साल पंजाब में मौसम के हिसाब से 4,100+ घंटे लाइटें चलना तय ही है, तो अनुबंध में 3,650 घंटे (10 घंटे/दिन) का काल्पनिक आधार क्यों रखा गया। क्या हर साल एफएंडसीसी से अलग से प्रस्ताव पास कराकर निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने या बजट में पारदर्शिता छुपाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम लागू है, तो ऑटोमेटिक सेंसर सिस्टम के बावजूद अतिरिक्त घंटों का वित्तीय बोझ हमेशा नगर निगम के खजाने पर ही क्यों पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर अधिकारियों से स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा। जबकि शहर में लाइटें कई जगहों पर बंद भी रहती हैं इसका भी रिकार्ड तलब किया जाएगा।
रिकार्ड के अनुसार अप्रैल से सितंबर में जहां लाइटें 10.5 से 11.5 घंटे तक चलीं, वहीं सर्दियों के मौसम (दिसंबर, जनवरी और फरवरी) में स्ट्रीट लाइटें प्रतिदिन 13.17 से 13.33 घंटे तक ऑन रहीं। {दिसंबर 2025: औसतन 13.25 घंटे/दिन (सालाना तय मानक से 3.25 घंटे ज्यादा) {जनवरी 2026: औसतन 13.33 घंटे/दिन (सालाना तय मानक से 3.33 घंटे ज्यादा) {फरवरी 2026: औसतन 13.00 घंटे/दिन (सालाना तय मानक से 3.00 घंटे ज्यादा)