पढ़ाई के लिए हर दिन मौत से सामना! स्कूल पहुंचने को बच्चों को लगानी पड़ती हैं 10 छलांगें, विदिशा का Video वायरल

Published on 3 अग॰ 2026

पढ़ाई के लिए हर दिन मौत से सामना! स्कूल पहुंचने को बच्चों को लगानी पड़ती हैं 10 छलांगें, विदिशा का Video वायरल

बेतवा के चेक डैम पर रोज जान जोखिम में डालते हैं बच्चे.

Vidisha News: कुछ तो मजबूरियां रहीं होंगी, यूं कोई… 8वीं से आगे पढ़ना हो तो बेतवा के चेक डैम पर 4-4 फीट की 10 छलांगें लगानी होगी. यह तस्वीरे कोई फिल्मी दृश्य की नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की हकीकत है. यहां शिक्षा हासिल करने की चाह में स्कूली बच्चे हर दिन अपनी जान दांव पर लगाने को मजबूर हैं. बेतवा नदी पर बने संकरे और फिसलन भरे चेक डैम को पार कर छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचते हैं. इस दौरान नीचे बहता तेज पानी हर पल किसी बड़े हादसे का खतरा पैदा करता है.

विदिशा जिला मुख्यालय के पास स्थित बंधेरा, ककरुआ, इमलिया और बेहलोट गांव के दर्जनों बच्चों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पढ़ाई नहीं, बल्कि स्कूल तक सुरक्षित पहुंचना है. इन गांवों में आठवीं तक की पढ़ाई की व्यवस्था है, लेकिन आगे की शिक्षा के लिए बच्चों को पलोह गांव जाना पड़ता है. सड़क मार्ग से स्कूल जाने पर करीब 10 किलोमीटर का एक तरफ का सफर तय करना पड़ता है. यानी रोजाना 20 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी. ऐसे में समय और संसाधनों की कमी के चलते बच्चे जानलेवा शॉर्टकट चुनने को मजबूर हो जाते हैं.

बेतवा नदी पर बना है चेक डैम

यह शॉर्टकट बेतवा नदी पर बने चेक डैम से होकर गुजरता है. डैम पर करीब चार-चार फीट की दूरी पर बने हिस्सों को पार करते हुए बच्चों को लगभग 10 छलांगें लगानी पड़ती हैं. जरा सा संतुलन बिगड़ा तो सीधे उफनाते पानी में गिरने का खतरा बना रहता है. खास बात यह है कि सिर्फ छात्र ही नहीं, बड़ी संख्या में छात्राएं भी रोज इसी रास्ते से स्कूल जाती हैं. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रशासन हरकत में आया. वीडियो में बच्चे बेहद जोखिम भरे तरीके से चेक डैम पार करते दिखाई दिए, जिसे देखकर लोगों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई.

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वीडियो वायरल होने के बाद विदिशा के एसडीएम क्षितिज शर्मा, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने स्थिति का निरीक्षण किया और माना कि बच्चों का इस रास्ते से गुजरना बेहद खतरनाक है. किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने तत्काल चेक डैम के प्रवेश मार्ग पर कंटीले तार लगवाकर वहां से आवाजाही पर रोक लगा दी.

SDM क्षितिज शर्मा ने दी जानकारी

एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है. निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर चेक डैम का इस्तेमाल कर रहे थे. इसलिए फिलहाल इस रास्ते को बंद कर दिया गया है. साथ ही ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित और स्थायी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की दिशा में भी विचार किया जा रहा है.

शिव चौबे

शिव चौबे

शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.

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