कॉर्टेवा ने पायोनियर बीज ब्रांड के 100 वर्ष पूरे होने पर मनाया शताब्दी समारोह

Published on 1 सित॰ 2026

01 सितंबर 2026, हैदराबाद: कॉर्टेवा ने पायोनियर बीज ब्रांड के 100 वर्ष पूरे होने पर मनाया शताब्दी समारोह – कॉर्टेवा ने अपने प्रमुख बीज ब्रांड पायोनियर के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। इस अवसर पर बीज नवाचार के 100 वर्षों के साथ भारतीय किसानों के साथ 54 से अधिक वर्षों की साझेदारी को रेखांकित किया गया।

हैदराबाद में आयोजित शताब्दी समारोह में कंपनी के कर्मचारियों, किसानों, चैनल पार्टनर्स और ग्राहकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 1972 से भारत में पायोनियर की यात्रा और कृषि क्षेत्र में उसके योगदान को याद किया गया।

समारोह में पायोनियर के भारत में विस्तार और विकास में कर्मचारियों, चैनल पार्टनर्स और किसानों की भूमिका को मान्यता दी गई। साथ ही, कृषि के भविष्य के लिए नई बीज तकनीकों और समाधानों को विकसित करने पर कंपनी के फोकस को भी सामने रखा गया।

हेनरी ए. वॉलेस द्वारा 1926 में स्थापित पायोनियर ने हाइब्रिड मक्का बीजों के व्यावसायीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज यह ब्रांड 90 से अधिक देशों में किसानों को सेवाएं प्रदान करता है। इसकी 100वीं वर्षगांठ कृषि उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए शोध, प्रजनन और बीज नवाचार की एक सदी को दर्शाती है।

भारत में पायोनियर पांच दशकों से अधिक समय से स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुरूप हाइब्रिड बीज समाधान विकसित कर रहा है। कंपनी का पोर्टफोलियो मक्का, चावल, सरसों और बाजरा सहित विभिन्न फसलों को कवर करता है। भारत कॉर्टेवा के वैश्विक नवाचार नेटवर्क का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां कंपनी स्थानीय शोध, ब्रीडिंग और कृषि विशेषज्ञता में निवेश कर रही है।

कार्यक्रम में संभाजीनगर, महाराष्ट्र के मक्का किसान योगेश रामकृष्ण ने कहा कि पायोनियर पिछले 20 वर्षों से उनकी खेती की यात्रा का हिस्सा रहा है और बेहतर कृषि पद्धतियों तथा तकनीकों को अपनाने में मदद करता रहा है।

रामकृष्ण के अनुसार, उनके क्षेत्र में मक्का की पैदावार लगभग 15 क्विंटल से बढ़कर 50 क्विंटल तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में पायोनियर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

एपीएसी और स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स के प्रमुख रॉबर्ट कान ने कहा कि पायोनियर की 100 वर्षों की यात्रा नवाचार और किसानों, कर्मचारियों तथा चैनल पार्टनर्स के साथ मजबूत साझेदारी की विरासत को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी स्थानीय जरूरतों के अनुरूप, विज्ञान आधारित और किसान-केंद्रित बीज समाधानों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

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