102 दिन तक पुलिस के हाथ खाली: तकनीक से सुराग- फिर एआई ने फुटेज बनाया, 3 घंटे में ही चोर धराया - Ranchi News

Published on 21 अग॰ 2026

रांची39 मिनट पहले

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एआई से बनी तस्वीर, इनसेट में पकड़ाया चोर। - Dainik Bhaskar

एआई से बनी तस्वीर, इनसेट में पकड़ाया चोर।

रांची पुलिस अब अपराधियों की पहचान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कर रही इस्तेमाल क्राइम रिपोर्टर | रांची

रांची पुलिस अब अपराधियों की पहचान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रही है। धुंधले सीसीटीवी फुटेज को एआई से साफ कर अपराधियों की पहचान की जा रही है। चुटिया की अमरावती कॉलोनी में 35 लाख के जेवर चोरी का केस इसी तकनीक से खुला। केस के अनुसंधानकर्ता जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने चोरों की तलाश में 102 दिन में 310 से अधिक लोकेशन के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। लेकिन किसी भी फुटेज में चोर का चेहरा स्पष्ट नहीं दिखा।

एक जगह से फुटेज तो मिला, पर चेहरा इतना ज्यादा धुंधला था कि कोई उसकी पहचान नहीं कर पा रहा था। इसके बाद परेशान पुलिस पदाधिकारी ने एआई की मदद ली और धुंधली तस्वीर को साफ किया। एआई से बनी तस्वीर को जब गुप्तचरों को दिखाया गया तो 3 घंटे में ही 2 चोरों की पहचान हो गई। इसके बाद दोनों चोर निखिल राय और सुशांत लोहरा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनकी निशानदेही पर 22 लाख के जेवर बरामद हुए। चोरी की यह घटना 8 मई को प्रदीप कुमार के बंद घर का ताला तोड़कर हुई थी। 9 मई को प्रदीप ने एफआईआर दर्ज कराई थी।

ज्वेलरी बेचने की थी तैयारी, ऐन वक्त पर पुलिस ने छापा मारा : पुलिस पूछताछ में आरोपी निखिल राय ने बताया कि वह चोरी के जेवरात बेचने की लगातार कोशिश कर रहा था। उसने एक-दो ज्वेलरी दुकानों से संपर्क भी किया था। दुकानदारों ने जेवरात के कागजात मांगे तो वह वापस लौट गया। इसके बाद उसने कुछ दोस्तों की मदद से एक-दो दिनों में सभी जेवरात बेचने की तैयारी कर ली थी। इससे पहले ही पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से चोरी के सभी जेवरात जब्त कर लिए।

इन 2 बड़े मामलों में भी AI का सहारा ले रही पुलिस केस 1 : पंडरा में डॉक्टर के फ्लैट से ₹20 लाख के जेवर की चोरी 1 जुलाई को पंडरा ओपी क्षेत्र स्थित इटकी रोड के डार्लिंग आर्केड अपार्टमेंट में डॉ. उमेश कुमार के फ्लैट में दिनदहाड़े चोरी हुई थी, जिसमें ₹20 लाख के जेवरात गायब हुए थे। घटना में शामिल 2 आरोपियों का चेहरा सीसीटीवी में कैद हुआ था, लेकिन स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी। अब पुलिस फुटेज के धुंधले चेहरों को एआई तकनीक से साफ कर शिनाख्त में जुटी है, ताकि जल्द गिरफ्तारी हो सके।

केस 2 : स्टेडियम के बाहर से दारोगा की बाइक चोरी 12 अगस्त को कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जयपाल सिंह स्टेडियम के बाहर से दारोगा निरंजन कुमार की बाइक चोरी हो गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई, लेकिन फुटेज काफी धुंधली होने के कारण चोर का चेहरा साफ नहीं दिख रहा है। पुलिस अब एआई टूल का इस्तेमाल कर चोर के धुंधले चेहरे को साफ कर रही है, ताकि पहचान कर उसे दबोचा जा सके।

थाने से 300 मीटर दूर ही घूम रहे थे आरोपी पुलिस चोरों की तलाश में दूर-दूर भटक रही थी। लेकिन गुप्तचरों ने जैसे ही एआई से बनी तस्वीर देखी तो वे चौंक गए। दोनों स्टेशन रोड इलाके के रहने वाले निकले। दोनों शातिर चोर चुटिया थाने से महज 300 मीटर के दायरे में रोजाना बेखौफ घूमा करते थे। यह सुनकर पुलिस भी हक्का-बक्का रह गई। बाद में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

एआई पुलिसिंग को नेक्स्ट लेवल पर ले जाएगा आने वाले समय में एआई पुलिस अनुसंधान के लिए बेहद मददगार साबित होगी। इसके प्रभावी उपयोग के लिए हमें अभी से अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति तैयार करनी होगी। जिस तरह आज से 20 साल पहले मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) के आधार पर पुलिस जांच में बड़ा बदलाव आया था, ठीक उसी तरह अब एआई पुलिस अनुसंधान को एक नए और आधुनिक स्तर पर ले जाएगा। - अन्वेष मंगलम, पूर्व डीजीपी (मध्य प्रदेश)

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