कोसी बाढ़ पीड़ितों का मुद्दा विधानसभा में गरमाया: सहरसा विधायक बोले-111 परिवारों को 'जमीन के बदले जमीन' दें, एक सदस्य को मिलनी चाहिए नौकरी - Saharsa News

Published on 28 जुल॰ 2026

बिहार विधानसभा की याचिका समिति की सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में सहरसा के विधायक ई. आईपी गुप्ता ने जल संसाधन और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े कई जनहित के मुद्दे उठाए। बैठक में कोसी क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों का मुद्दा प्रमुखता से गरमाया।

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विधायक ने कोसी क्षेत्र की बाढ़ विभीषिका, विस्थापितों के पुनर्वास और तटबंध निर्माण में टेंडर प्रक्रिया की खामियों को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने इन मामलों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।

बैठक में जमुई स्थित बारनार जलाशय योजना से प्रभावित 111 परिवारों के पुनर्वास का मामला भी जोर-शोर से उठा। याचिका समिति ने विधायक की मांग पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए।

111 परिवारों को 'जमीन के बदले जमीन' देने को कहा

समिति ने डूब क्षेत्र में आने वाले सभी 111 परिवारों को 'जमीन के बदले जमीन' और 'घर के बदले घर' मुहैया कराने को कहा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भी स्पष्ट निर्देश दिया गया।

सदर विधायक ने पटना उच्च न्यायालय के एक आदेश (CWJC: 4176/2022) का हवाला दिया। इस आदेश में सहरसा सहित कोसी के बाढ़ पीड़ितों के मामलों और भूमि विवादों को तय समय सीमा के भीतर निपटाने के लिए 'कोसी डेवलपमेंट अथॉरिटी' बनाने की बात कही गई थी।

विधायक द्वारा इस अथॉरिटी की प्रगति पर सवाल पूछे जाने पर जल संसाधन विभाग के विशेष सचिव ने बताया कि सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लिया है और जल्द ही अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

वहीं, कोसी क्षेत्र को हर साल बाढ़ से बचाने के लिए भारत/बिहार सरकार और नेपाल सरकार के बीच किसी द्विपक्षीय समझौते के सवाल पर विभाग ने स्वीकार किया कि अब तक ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है। विधायक ने इस स्थिति को क्षेत्र की जनता के लिए चिंताजनक बताया।

'बिलो बिड टेंडर' व्यवस्था खत्म करने का प्रस्ताव

बांध निर्माण जैसे संवेदनशील कार्यों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाते हुए विधायक ई. आईपी गुप्ता ने 'बिलो बिड टेंडर' (लागत से कम मूल्य पर टेंडर) की प्रथा को तुरंत समाप्त करने की मांग की।

इस पर अधिकारियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि 'बिलो बिड टेंडर' व्यवस्था को खत्म करने से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष विचाराधीन रखा गया है और इस पर जल्द निर्णय होने की संभावना है।

जनता के हक के लिए सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष

बैठक के उपरांत सहरसा सदर विधायक ई. आईपी गुप्ता ने कहा कि वे अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए हमेशा तत्पर हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आम जनता और बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं की अनदेखी की गई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और जनता के हक की आवाज सड़क से लेकर सदन तक बुलंद करते रहेंगे।