रांची12 घंटे पहले
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जमशेदपुर में सड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी युविका सिंह का पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार रांची में किया गया। जमशेदपुर से पिता रत्नेश सिंह, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और नानी प्रतिभा पांडेय शव लेकर मंत्री आवास पहुंची।
दीपिका पांडेय सिंह महगामा में थीं। वे भी आनन-फानन में रांची पहुंची। एयरपोर्ट से निकलते समय वह बेसुध थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस-झामुमो के कई मंत्री, विधायक भी पहुंचे।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू भी उनके आवास पर पहुंचे और शोक-संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाया। गुरुवार की शाम युविका की अंतिम यात्रा शुरू हुई। शाम साढ़े सात बजे पार्थिव शरीर सीठियो श्मशान घाट पहुंचा, जहां पिता रत्नेश ने उन्हें मुखाग्नि दी।

दीपिका पांडेय सिंह के रांची स्थित आवास पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस-झामुमो के कई मंत्री, विधायक भी पहुंचे।
पिता ने कहा-बर्थडे पार्टी में जाने की बात कहकर निकली थी पिता रत्नेश सिंह ने कहा- मेरी छोटी बेटी तृषा ने रात में कहा था कि वह एक साथी की बर्थडे पार्टी में जाएगी। रात में वहीं रुकेगी। सुबह घर लौटेगी। बेटी के जाने के बाद मैं सोने चला गया। सुबह में दुर्घटना की जानकारी मिली।

मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाया।
कैसे हुआ था हादसा जमशेदपुर के सोनारी में मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के 3:50 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ। करीब 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में एक कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी। इस हादसे में झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की 18 वर्षीय बेटी युविका सिंह सहित चार युवाओं की मौत हो गई।
चारों कारमेल जूनियर कॉलेज के 12वीं कक्षा के छात्र थे और रात में घूमने निकले थे। चारों युवा सोनारी के सार्थक अग्रवाल की कार पर सवार थे। यह कार सार्थक के पिता चतन अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड है।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया, गैस कटर से काटकर शव निकाले गए
हादसे के वक्त सार्थक कार चला रहा था। उसके बगल की सीट पर नमन बैठा था। जबकि पिछली सीट पर युविका और वंशिका खंडेलवाल बैठी थीं। हादसे में एक युवक और एक युवती का सिर पूरी तरह कुचल गया। इस दौरान भारी संख्या में लोग जमा हो गए।
लोगों का कहना था कि सड़क पर बिना रिफ्लेक्टर के खड़े ट्रक के कारण यह हादसा हुआ है। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर लिया है।

युविका सिंह उर्फ तृषा, सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता और वंशिका खंडेलवाल। (बाएं से दाएं)
इनकी हुई मौत सार्थक अग्रवाल (18) सोनारी में रहता था। उसके पिता चेतन अग्रवाल जीएसटी अधिवक्ता हैं। वंशिका (17) आदित्यपुर में रहती थी। पिता पंकज खंडेलवाल स्टील छड़ दुकान के संचालक हैं। युविका सिंह उर्फ तृषा (18) मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की छोटी बेटी थी। पिता रत्नेश सिंह टाटा स्टील में में अधिकारी हैं। नमन गुप्ता (17) सोनारी में रहता था। पिता राजीव गुप्ता का सोनारी में बेकरी की दुकान है।
तेज बारिश व नाइट ब्लाइंडनेस बना काल कार की हालत देख लगता है कि घटना के समय करीब 120 किमी/घंटे की रफ्तार होगी। तड़के 3 से 4 बजे के बीच इंसानी शरीर की सतर्कता सबसे कम होती है। तेज बारिश से विजिबिलिटी भी कम थी। इतनी स्पीड में ब्रेक लगाने का रिएक्शन टाइम एक सेकेंड भी नहीं मिल पाता।
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