1323 करोड़ से बदलेगी पटना ट्रेन नेटवर्क की सूरत: दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेलवे लाइन, आउटर पर नहीं रुकेगी ट्रेन, इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार - Patna News

Published on 11 अग॰ 2026

पटना के दानापुर से फतुहा के बीच 29 km लंबे रेलवे ट्रैक को विस्तार दिया जा रहा है। 1323 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट चला रही है। इससे पटना रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।

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दानापुर से फतुहा के बीच पैसेंजर ट्रेन बढ़ाई जाएंगी। रेलवे ट्रैक बढ़ने से ये ट्रेनें समय से चलेंगी, जिससे रोज यात्रा करने वालों का समय बचेगा। पटना के आसपास उद्योग धंधे बढ़े हैं। रेल कॉरिडोर बनने से बड़ी कंपनियों की लॉजिस्टिक लागत घटेगी।

पटना रेल कॉरिडोर के तहत क्या काम चल रहा है। दानापुर से फतुहा तक नई रेलवे लाइन बिछाने से क्या फायदा होगा। पढ़िए रिपोर्ट…।

पटना रेल कॉरिडोर से क्या बदलेगा?

वर्तमान में पटना रेल नेटवर्क पर ट्रेनों का भारी दबाव है। सिग्नल नहीं मिलने की वजह से ट्रेनों को आउटर पर काफी देर तक, कई बार तो घंटों रुकना पड़ता है।

अब एक्स्ट्रा रेल लाइन बिछाए जाने के बाद ट्रेनों की रफ्तार को गति मिलेगी। यह काम तीन चरण में पूरा होगा।

फेज 1- बख्तियारपुर से फतुहा तक नई रेल लाइन का निर्माण

प्रथम चरण में बख्तियारपुर से फतुहा के बीच 24 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण होगा। इसके लिए लगभग 931 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके लिए 6.6 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण को बोर्ड से औपचारिक स्वीकृति मिल चुकी है।

फेज 2- बख्तियारपुर से पुनारख तक रेल लाइन निर्माण

बख्तियारपुर से पुनारख के बीच 30 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के निर्माण का रास्ता भी साफ है। लगभग 392 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना के लिए एक हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण और निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है।

इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने से पटना-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर दबाव कम होगा। ट्रेनों का परिचालन तेज होगा और स्थानीय यात्रियों को पटना आने-जाने में सुविधा होगी। माल ढुलाई आसान होगी।

फेज 3- राजेन्द्र नगर से पटना साहिब के बीच तीसरी रेल लाइन

सबसे पहले दानापुर से पटना जंक्शन के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद राजेंद्र नगर टर्मिनल से पटना साहिब के बीच तीसरी लाइन का निर्माण किया जाएगा।

इसके साथ ही पटना साहिब से फतुहा के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। 29 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर अतिरिक्त लाइनें बिछने से आउटर पर ट्रेनों के रुकने की समस्या समाप्त होगी।

पटना रेल कॉरिडोर के 4 बड़े फायदे

1- 22 नई यात्री ट्रेनें चलेगी

दानापुर-फतुहा खंड पर अतिरिक्त ट्रेन चलने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और स्थानीय कारोबार को बड़ा फायदा होगा।

प्रतिदिन 22 नई यात्री ट्रेनें शुरू हो सकेंगी। इससे ट्रेनों में डिब्बों की कमी की वजह से यात्रियों को हो रही असुविधा खत्म की जाएगी। यात्रियों को सीट आसानी से मिल सकेगी।

2- ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी

अतिरिक्त ट्रैक बनने से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। आउटर पर खड़े रहने की समस्या खत्म होगी। समय की बचत होगी।

हर दिन 18 नई मालगाड़ियों के चलने और हर साल 52 लाख टन अतिरिक्त माल ढोने की क्षमता बढ़ने से व्यापारियों का सामान तेजी से लाया और ले जाया जा सकेगा। स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

3- ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर बनेगा

यह रेल मार्ग भारतीय रेलवे के ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर के अंदर आता है। दिल्ली, DDU (दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन), पटना, किउल, भागलपुर और हावड़ा मार्ग पर चौगुनी रेल सुविधा शुरू करने की पहल का हिस्सा है।

इससे पटना–किऊल और पटना–DDU जैसे व्यस्त रेल मार्गों पर भविष्य की मांग को पूरा किया जाएगा।

मजबूत किया गया यह खंड बक्सर जिले के चौसा में बनने वाले 2120 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे पावर प्लांट तक कोयला लाना आसान होगा।

4- दो की जगह तीन-चार रेलवे लाइन बनेंगे

पटना रेल कॉरिडोर का मुख्य मकसद है कि दानापुर से पटना- राजेन्द्र नगर- पटना साहिब- फतुहा- बख्तियारपुर में जहां भी अभी दो लाइन हैं वहां तीसरी और चौथी लाइन जोड़कर ट्रेनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।

इससे एक ही ट्रैक पर यात्री, एक्सप्रेस और मालगाड़ियों को नहीं चलाना पड़ेगा। बख्तियारपुर से आगे यह नेटवर्क मोकामा-किऊल और राजगीर-तिलैया की तरफ फैलता है।

पटना रेल कॉरिडोर से उद्योग को मिलेगी रफ्तार

पटना रेल कॉरिडोर से माल ढुलाई लागत में 20 से 30 फीसदी तक कमी होगी। समय की बचत होगी, डिलिवरी तेज हो सकेगी, बड़े वेयरहाउस और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क विकसित होंगे।

नए उद्योग लगेंगे। इससे निवेश, रोजगार और निर्यात में वृद्धि होगी। बिहार के कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। डेवलप होंगे ये इंडस्ट्रियल हब..

  • दानापुर- बिहटा इंडस्ट्रियल हब
  • पटना लॉजिस्टिक हब
  • फतुहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब
  • पंडारक-अथमलगोला एग्रो प्रोसेसिंग जोन
  • मनेर-बख्तियारपुर इंडस्ट्रियल पार्क

दोगुनी हो जाएगी पटना रेल नेटवर्क की क्षमता

पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने कहा, ‘पटना रेल नेटवर्क की दो लाइनों पर अभी 300 मेल एक्सप्रेस गाड़ियां गुजरती हैं। जब ये रेल लाइनें चार हो जाएंगी तो गाड़ियों के चलने की कैपेसिटी भी दोगुणी हो जाएगी।’

‘वर्तमान की जरूरत और भविष्य की क्षमता पूरी हो जाएगी। लोगों को आने-जाने में जो दिक्कतें अभी हो रहीं हैं वो दूर होगी। खासतौर से गंगा के दक्षिणी के इलाके में काफी भीड़ रहती है। यहां के लोगों के लिए सहूलियत बढ़ जाएंगी।’