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विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले में संचालित योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में प्रखंडवार योजनाओं, रोजगार सृजन, एनएमएमएस से उपस्थिति, खेल मैदान, आंगनबाड़ी केंद्र, पौधरोपण समेत ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया।ग्राम पंचायतों में खेल मैदान निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि जिले की 202 ग्राम पंचायतों में से 121 पंचायतों को खेल मैदान योजनाओं से जोड़ा गया है। कुल 136 खेल मैदान योजनाएं स्वीकृत/संचालित हैं और सभी 136 पूर्ण हो चुकी हैं।
शेष 82 पंचायतों में भूमि की पहचान की जानी है। इनमें 69 पंचायतों में भूमि चिह्नित कर ली गई है, जबकि 13 पंचायतों में भूमि की पहचान बाकी है। डीएम ने शेष पंचायतों में भूमि चिह्नित कर कार्य शुरू कराने में तेजी लाने को कहा।बैठक में उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, निदेशक डीआरडीए अनुपम कुमार सहित ग्रामीण विकास विभाग के पदाधिकारी, बीडीओ और अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मी उपस्थित थे।
94.24 प्रतिशत मस्टर रोल में दर्ज हुई उपस्थिति बैठक में नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने की स्थिति की भी समीक्षा हुई। सितंबर में जिले में 3,178 पात्र मस्टर रोल के विरुद्ध 2,995 मस्टर रोल में NMMS के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की गई। इससे 94.24 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज हुई। डीएम ने शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने और तकनीकी या प्रक्रियागत बाधाओं का तत्काल समाधान करने को कहा।जिले में स्थापना काल से अब तक कुल 1,91,542 कार्य शुरू किए गए हैं। इनमें 1,69,921 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 21,621 कार्य अभी लंबित हैं। कुल कार्यों की पूर्णता दर 88.71 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 3,795 कार्य शुरू हुए हैं, जिनमें 12 कार्य पूर्ण किए गए हैं। डीएम ने लंबित योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
4.84 लाख पौधे लगाएंगे जिले में 4,84,800 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित होने की जानकारी दी गई। 12 सितंबर तक 2,207 प्लांटेशन साइट दर्ज की गई हैं। डीएम ने पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण, स्थलवार निगरानी और नियमित अनुश्रवण पर जोर दिया। बैठक में जीईओ मनरेगा,आरआईडीएफ और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कार्यों की जियो-टैगिंग, अभिलेखों के अद्यतन रखरखाव और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण भी प्राथमिकता है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक जिले में 13,96,660 व्यक्ति-दिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित है। इसके विरुद्ध 19 सितंबर तक 2,38,174 व्यक्ति-दिवस सृजित किए जा चुके हैं। 12 सितंबर की तुलना में 55,012 अतिरिक्त व्यक्ति-दिवस का सृजन हुआ है। प्रखंडवार आंकड़ों में रफीगंज 43,584 व्यक्ति-दिवस के साथ सबसे आगे रहा। कुटुंबा में 31,481, मदनपुर में 30,880, नवीनगर में 21,672, देव में 21,670, औरंगाबाद में 18,931, ओबरा में 18,609, गोह में 17,050, दाउदनगर में 13,799, हसपुरा में 11,150 और बारुण में 9,348 व्यक्ति-दिवस सृजित हुए हैं। ई-मस्टर रोल के अनुसार जिले में 7,861 अकुशल श्रमिकों को रोजगार से जोड़ा गया है। डीएम ने सभी बीडीओ और संबंधित पदाधिकारियों को रोजगार सृजन की गति बढ़ाने तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद श्रमिकों को काम उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।