राहुल गांधी की याचिका में 14 गलतियां और 220 रुपये की शॉर्टफॉल, सुप्रीम कोर्ट ने निकाली कमियां - 14 errors shortfall of 220 in rahul gandhis petition supreme court points out defects

Published on 12 अक्टू॰ 2026

Published: Mon, 12 Oct 2026 10:52 PM (IST)Updated: Tue, 13 Oct 2026 02:12 AM (IST)

राहुल गांधी और INDI गठबंधन द्वारा दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने 14 तकनीकी खामियां पाई हैं, जिसमें 220 रुपये ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका में पकड़ीं 14 गलतियां

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनावों में गड़बड़ियों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और INDI गठबंधन के अन्य नेताओं द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई से पहले ही तकनीकी अड़चनें सामने आईं हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में 14 गलतियां पाई हैं, जिसमें अदालत की फीस में 220 रुपये की कमी (शॉर्टफॉल) भी शामिल है।

याचिका में मिलीं ये कमियां

शीर्ष अदालत द्वारा जिन अन्य कमियों और तकनीकी त्रुटियों का जिक्र किया गया है, उनमें मुख्य रूप से नौ याचिकाकर्ताओं की तरफ से आवश्यक मंजूरी या दस्तावेजों का न होना।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की ऐसी फोटोकॉपी संलग्न करना जिसे स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं जा सकता है। इसके अलावा, याचिका के प्रारूप और दस्तावेजों में कुछ अन्य वैधानिक औपचारिकताएं अधूरी पाई गई हैं।

रजिस्ट्री कार्यालय ने जो आपत्तियां बताईं हैं, उनमें याचिका के साथ कुछ आवश्यक कानूनी दस्तावेज यानी वकालतनामे संलग्न नहीं थे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की कॉपीभी धुंधला होने के कारण साफ पढ़ी नहीं जा रही थी।

इसके अलावा, दस्तावेजों के प्रारूप में भी कमियां थीं, जैसे कि अक्षरों का आकार बहुत छोटा था और दो महत्वपूर्ण दस्तावेजों की रंगीन कॉपी जमा नहीं कराई गई थी। याचिका के कई पन्नों पर छपाई इतनी धुंधली थी कि उन्हें पढ़ना मुश्किल था, कुछ पन्ने बीच में से गायब थे, और कई पन्नों पर नंबर डालने में गड़बड़ी थी।

साथ ही, क्षेत्रीय भाषा में शामिल पन्नों का आधिकारिक अनुवाद भी याचिका के साथ नहीं लगाया गया था।

कांग्रेस ने निकाला मार्च, याचिका की दायर

सोमवार को कांग्रेस और INDI गठबंधन के नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। यह मार्च चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों और वोट चोरी के आरोप में निकाला गया।

जब INDI गठबंधन के नेता और सांसद मार्च निकाल रहे थे, ठीक उसी दौरान उनकी लीगल टीम ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ संयुक्त याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी। अब कोर्ट की ओर से याचिका में कमियां और शॉर्टफॉल उजागर की गई हैं।

ऐसे में विपक्षी दल के वकीलों को इन तकनीकी गलतियों को जल्द से जल्द दूर करना होगा ताकि मामले की सुनवाई तय प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ सके।