14 हजार युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण, 9 हजार को रोजगार-स्वरोजगार का अवसर| Navbharat Live

Published on 23 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 23, 2026 | 04:18 PM IST

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सार

BARTI Skill Development: बार्टी (BARTI) के कौशल विकास कार्यक्रम से 4 वर्षों में 14,189 युवाओं को मिला मुफ्त प्रशिक्षण। 9,000 युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के साधन प्राप्त हुए।

BARTI's skill development program trained over 14,000 SC youth in Pune for free, helping around 9,000 secure employment and self-employment opportunities.

बार्टी के कौशल विकास प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)

विस्तार

BARTI Skill Development Training Pune: पुणे में बदलती नौकरी के बाजार में सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि हुनर की जरूरत है। इस बात को ध्यान में रखते हुए डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (बार्टी) ने अनुसूचित जाति के युवाओं को बड़ी राहत दी है। संस्थान के कौशल विकास कार्यक्रम के जरिए पिछले चार वर्षों (2022 से 2026) में 14,189 युवाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया है।

इनमें से लगभग 9,000 युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के साधन मिले हैं। अकेले 2025-26 के वर्ष में रिकॉर्ड 7,000 छात्रों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। इस पूरे अभियान पर करीब 25 करोड़ रुपये का खर्च किया गया है। इस बात की विस्तृत जानकारी बार्टी संस्थान की ओर से दी गई है।

आधुनिक पाठ्यक्रमों का किया गया संचालन

बार्टी की ओर से राज्यभर में 104 प्रकार के कौशल पाठ्यक्रम चलाए गए। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, फुल स्टैक डेवलपमेंट, इलेक्ट्रक वाहन, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सेवाएं शामिल हैं। निजी संस्थानों में इन कोर्स की फीस 20,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक होती है। बार्टी ने यह पूरा प्रशिक्षण छात्रों को मुफ्त दिया है।

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व्यक्तित्व विकास पर दिया गया विशेष ध्यान

  • प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को हर महीने 4,000 से 6,000 रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
  • केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास, बातचीत की शैली, साक्षात्कार की तैयारी और उद्यमिता पर ध्यान दिया जाता है।
  • इसके अलावा बार्टी की ओर से सीधे प्लेसमेंट के लिए मार्गदर्शन दिया जाता है। इससे कंपनियों को तुरंत काम करने योग्य कुशल लोग मिल रहे हैं।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की नई दिशा

  • बार्टी के प्रयासों से उद्योगों की जरूरत और छात्रों के कौशल के बीच का अंतर कम हुआ है।
  • गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बिना किसी वित्तीय बोझ के विश्वस्तरीय शिक्षा मिली है।
  • इससे अनुसूचित जाति के युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में बड़ी सफलता मिली है।
  • इस पहल से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा प्राप्त हुई है।

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विभाग अध्यक्ष डॉ. बबन जोगदंड ने बाताया की आज उद्योगों को तुरंत काम करने के लिए तैयार कुशल लोगों की जरूरत है। हमारा मुख्य उद्देश्य है कि पैसों की कमी के कारण कोई भी योग्य छात्र प्रशिक्षण से वंचित न रहे।

अनिल कांबले ने बाताया की जिस एआई और डेटा एनालिटिक्स कोर्स के लिए निजी संस्थानों में लाखों रुपये लगते हैं, वह 66 मुझे बाटी से मुफ्त मिला। स्टाइपेड से परिवार पर बोझ नहीं पड़ा और कोर्स के बाद आईटी कंपनी में नौकरी मिल गई।

  • आंकड़ों में बार्टी का कौशल विकास कार्यक्रम इस प्रकार
  • 14,189 कुल प्रशिक्षित छात्र (वर्ष 2022 से 2026 तक)
  • 4,022 नौकरी पाने वाले युवा
  • 4,900 उद्यमी/स्वरोजगार 104 कुल संचालित पाठ्यक्रम 25 करोड़ रुपये परियोजना का कल बजट:

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