वित्त-मंत्री बोलीं- रूस से तेल खरीदना बंद नहीं कर सकते: 140 करोड़ लोगों की जरूरत पूरी करने दुनिया के हर कोने से खरीदेंगे

Published on 23 सित॰ 2026

2 घंटे पहले

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रूस और ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रम्प के 100% टैरिफ लगाने वाले नए कानून के बाद भारत की ओर से बयान सामने आया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत अचानक रूस से कच्चा तेल खरीदना अचानक बंद नहीं कर सकता और न ही तुरंत दूसरे सप्लायर्स पर शिफ्ट हो सकता है।

मंगलवार को 'बिजनेसलाइन चेंजमेकर अवॉर्ड्स' कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि देश की 140 करोड़ आबादी की ऊर्जा जरूरतों और घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है।

भारत के लिए देश का हित सबसे ऊपर है और भारत दुनिया के हर उस हिस्से से तेल खरीदेगा जहां से यह आसानी से और सही शर्तों पर उपलब्ध होगा।

वित्त मंत्री के बयान की 5 बढ़ी बातें

  • रूस से तेल बंद किया तो महंगाई बढ़ेगी: अगर भारत रूस को छोड़कर दूसरे देशों से तेल लेने लगा, तो मार्केट में तेल कम पड़ेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम अचानक बहुत बढ़ जाएंगे।
  • मिडिल ईस्ट संकट से पहले ही सप्लाई कम: सऊदी अरब की रिफाइनरियों पर हमलों और खाड़ी देशों के तनाव की वजह से दुनिया में पहले से ही क्रूड ऑयल की कमी है।
  • मार्केट में किल्लत का खतरा: रूस जैसे बड़े सप्लायर से अचानक हटने पर पूरे ग्लोबल मार्केट का संतुलन बिगड़ जाएगा।
  • भारतीय रिफाइनरियों की तकनीकी दिक्कत: देश की रिफाइनरियां एक खास तरह के मीडियम कच्चे तेल को ही प्रोसेस कर सकती हैं। हर तरह का तेल हमारे यहां साफ नहीं किया जा सकता।
  • 140 करोड़ भारतीयों का हित: अमेरिका के नए नियमों से चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन सरकार अपनी रिफाइनिंग क्षमता और आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही फैसले लेगी।

ट्रम्प का नया कानून: 100% टैरिफ का खतरा

अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स रूस से ज्यादा तेल खरीदने वाले 5 देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने वाला बिल पास किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस बिल पर साइन कर चुके हैं और अब यह कानून बन चुका है।

रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने वाले 5 देशों की अमेरिकी लिस्ट में चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं, इसलिए इस कानून से इन देशों पर टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है।

100% टैरिफ से भारत पर 3 बड़े असर होंगे

  • भारतीय सामान दोगुने महंगे हो जाएंगे: अमेरिका भारत का सबसे बड़ा बाजार है, जहां भारत सालाना करीब 6.5 लाख करोड़ रुपए का सामान निर्यात करता है। 100% टैक्स लगने से भारतीय सामान वहां दोगुने महंगे हो जाएंगे और बिक्री ठप हो जाएगी।
  • बचत से 10 गुना बड़ा घाटा: रूसी तेल से भारत सालाना करीब 60,000 करोड़ रुपए बचाता है, लेकिन अमेरिकी बाजार खोने से होने वाला नुकसान इस बचत से 10 गुना ज्यादा होगा।
  • नौकरियां जाएंगी और रुपया कमजोर होगा: 100% टैरिफ से अमेरिका को होने वाला ₹2.1 लाख करोड़ का कपड़ा, हीरा और दवा निर्यात ठप हो जाएगा। इससे इन उद्योगों में काम करने वाले करीब 15 से 20 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। निर्यात घटने से देश में डॉलर की कमी होगी, जिससे भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो सकता है।

जेलेंस्की बोले- भारत तेल लेना बंद करे तो रुकेगी जंग

दूसरी तरफ, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भारत और चीन से रूस से तेल खरीदना बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि रूस की अर्थव्यवस्था भारत और चीन के पैसों से ही चल रही है।

जेलेंस्की के मुताबिक, अगर ये देश रूस से तेल लेना बंद कर दें तो रूस के पास पैसे खत्म हो जाएंगे और युद्ध अपने आप रुक जाएगा।

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