बैंग्लोर में 'मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस' एक्सपोजर विजिट के दौरान श्री श्री रविशंकर के सेंटर पर मौजूद हरियाणा के टीचर।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से प्रदेश के पीएम श्री स्कूलों के टीचरों और अधिकारियों के लिए बेंगलुरु स्थित 'द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर' में 5-दिवसीय रेसिडेंशियल 'मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस' एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया जा रहा है। यह ट्र
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इस विशेष एक्सपोजर विजिट में राज्य के 12 जिलों से चयनित कुल 144 प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें 138 टीचर (प्रति पीएम श्री स्कूल एक टीचर) शामिल हैं। विशेष विजिट को लेकर शिक्षा विभाग ने बताया है कि वे यहां पर अध्यापकों को तनाव प्रबंधन, भावनात्मक कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद टीचर स्कूलों में बच्चों के लिए एक अधिक सकारात्मक, स्वास्थ्यप्रद और सहयोगी वातावरण तैयार कर सकेंगे। 5 दिनों के इस कार्यक्रम में मेंटल हेल्थ सेशंस, इंटरैक्टिव कैपेसिटी बिल्डिंग, आश्रम टूर और सिटी टूर शामिल रहेंगे।

12-13 को रवाना हुए, 20 -21 को वापसी
शिक्षा विभाग ने इन टीचरों को 12-13 दिसंबर को नई दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से रवाना किया। पहले बैच में गुरुग्राम, करनाल, नुह, झज्जर, हिसार और हांसी से रवाना हुए। वहीं अगले दिन भिवानी, चरखी दादरी, अंबाला, जींद, कैथल और सिरसा के टीचर रवाना हुए। इसी प्रकार से वे बैंग्लोर से 20 व 21 सितंबर को वापसी करेंगे।
अब जानिए, यात्रा को लेकर खास बातें…
- पूरा खर्च विभाग ने उठाया: शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए सभी टीचरों का खर्च विभाग की तरफ उठाया जा रहा है। विभाग ने पहले स्पष्ट कर दिया था कि संबंधित स्कूलों से हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन तक आने-जाने का यात्रा खर्च नियमानुसार विभागीय बजट से क्लेम किया जा सकेगा। बाकी की व्यवस्था पूरी तरह से विभाग ने की है।
- परिवार का सदस्य ले जाने पर मनाही: किसी भी टीचर के साथ उनके परिवार का सदस्य या अनाधिकृत व्यक्ति के यात्रा करने पर मनाही रही। सभी प्रतिभागियों के पास अपना वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) और विधिवत हस्ताक्षरित सेल्फ-कंसेंट फॉर्म होना अनिवार्य किए गए थे।
- नोडल अधिकारी नियुक्त: एपीसी गुरुग्राम दिनेश गुलिया को इस पूरे आयोजन का ओवरऑल नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि चयनित टीचरों को इस अवधि के दौरान SIR ड्यूटी या किसी अन्य आधिकारिक काम में न लगाया जाए।