इस्माइल खान : पाकिस्तान ने लगाई धारा 144 | Ismail Khan: Pakistan imposed Section 144

Published on 14 अक्टू॰ 2026

इस्लामाबाद, खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान जिले में स्थानीय प्रशासन ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत 11 नवंबर तक सार्वजनिक समारोहों, रैलियों, जुलूसों और मोटरसाइकिल पर पीछे की सीट पर सवारी प्रतिबंधित है। पाकिस्तानी मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला प्रशासन ने हथियार दिखाने और अपने कब्जे में रखने पर रोक लगा दी है। साथ ही, सार्वजनिक सड़कों, हाईवे और दूसरी सार्वजनिक जगहों पर टेंट, अस्थायी ढांचे और दूसरी रुकावटें खड़ी करने या इस्तेमाल करने पर भी पाबंदी लगाई गई है, क्योंकि इनसे ट्रैफिक रुक सकता है।

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने यह आदेश डेरा इस्माइल खान के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) के अनुरोध पर जारी किया। डीपीओ ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और इस बात का हवाला दिया कि सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों और मार्च से लोगों की आवाजाही में रुकावट आ सकती है, और जरूरी सेवाओं व ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है।

आदेश के मुताबिक, डेरा इस्माइल खान में ऐसी सार्वजनिक सभाओं, जमावड़ों, जुलूसों, रैलियों और मार्च पर रोक लगा दी गई है जिनसे सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो। डेरा इस्माइल खान में मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर सवारी करने पर भी रोक लगा दी गई है।

इस आदेश के तहत, अधिकारियों ने ऐसी किसी भी अन्य गतिविधि पर भी रोक लगा दी है जिससे लोगों की आवाजाही में रुकावट आए, ट्रैफिक या जरूरी सेवाएं रुकें, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो या सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बिगड़े। यह आदेश तुरंत लागू हो गया है और 11 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।

यह ताजा आदेश पाकिस्तान की संघीय सरकार द्वारा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू करने के बाद आया है।

11 अक्टूबर को, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कैबिनेट की सिफारिशों के बाद आपातकाल को मंजूरी दी। इस कदम से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा बनाई गई पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार को निलंबित कर दिया गया और प्रांत में गवर्नर शासन लागू कर दिया गया।

इसके अलावा, संघीय सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों की तैनाती की घोषणा की। पाकिस्तान के एक अन्य अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया जब पीटीआई संस्थापक इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही थी।

पीटीआई प्रवक्ता ज़ुल्फिकार बुखारी ने खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लागू करने के पाकिस्तान सरकार के फैसले की निंदा की और इसे "आपातकाल की आड़ में तख्तापलट" करार दिया।