15 अगस्त से स्विगी बंद! होटल एसोसिएशन ने दी बायकॉट की चेतावनी, जानिए क्या है पूरा मामला| Navbharat Live

Published on 30 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 30, 2026 | 03:17 PM IST

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सार

Swiggy Boycott: एसोसिएशन का आरोप है कि अकाउंटिंग सिस्टम में गड़बड़ियों और कई कटौती की वजह से कई होटल मालिकों को बिल किए गए ऑर्डर वैल्यू का 50 प्रतिशत से भी कम मिल रहा है।

Bengaluru hotels warn of Swiggy boycott from August 15

कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Swiggy Bengaluru Boycott: देश की टेक सिटी बेंगलुरु में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन (BHA) ने चेतावनी दी है कि पेमेंट ट्रांसपेरेंसी, बिना इजाजत कटौतियों और विज्ञापन से जुड़े चार्ज की चिंताओं को दूर नहीं किया जाता है तो उनके साथ कारोबार बंद कर देंगे। एसोसिएशन ने कहा कि उससे जुड़े होटल और बेंगलुरु की दूसरी हॉस्पिटैलिटी संस्थाएं 15 अगस्त से स्विगी से ऑर्डर लेना और डिलीवरी पूरी तरह बंद कर देगी। एसोसिएशन ने कहा कि उसने प्रस्तावित कार्रवाई करने से पहले कंपनी को बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने का आखिरी मौका दिया है।

बुधवार को जारी एक प्रेस रिलीज बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने कहा कि सभी जुड़े हुए एसोसिएशन ने एकमत से तय किया है कि अगर पेमेंट से जुड़ी शिकायतों में सुधार नहीं किया जाता तो वे स्वतंत्रता दिवस से स्विगी के साथ कारोबार करना बंद कर देंगे। एसोसिएशन ने कहा कि ऐसा न होने पर बेंगलुरु में हमारे सभी एसोसिएशन ने एकमत होकर 15 अगस्त से स्विगी के साथ सभी बिजनेस सस्पेंड करने का फैसला किया है।

एसोसिएशन ने स्विगी के सामने रखी शर्तें

एसोसिएशन का आरोप है कि  स्विगी कॉस्ट पर क्लिक (CPC), CPA या प्रमोटेड एडवर्टाइजमेंट लॉन्च करने से पहले होटल मालिकों से लिखित या डिजिटल मंजूरी लिए बिना एडवर्टाइजमेंट और प्रमोशनल चार्ज काट रहा था। इसने बिना किसी बाद के चार्ज के एडवर्टाइजमेंट के लिए वन-क्लिक ऑप्ट-आउट ऑप्शन की भी मांग की। BHA ने पेमेंट स्टेटमेंट में और ज्यादा पार्दर्शिता की मांग करते हुए कहा कि कमीशन, GST, CPC एडवर्टाइजमेंट चार्ज, ऑफर और दूसरे प्रमोशनल डिडक्शन अलग से बताए जाने चाहिए। इसने सरकार को भेजने के लिए कस्टमर से इकट्ठा किए गए GST अमाउंट पर सर्विस चार्ज लगाने पर भी एतराज जताया।

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एसोसिएशन के मुताबिक, अकाउंटिंग सिस्टम में गड़बड़ियों और कई कटौती की वजह से कई होटल मालिकों को बिल किए गए ऑर्डर वैल्यू का 50 प्रतिशत से भी कम मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक हालत पर असर पड़ रहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के बातचीत में एसोसिएशन के ऑनरेरी प्रेसिडेंट पी सी राव ने कहा कि मुख्य चिंता प्लेटफार्म का पेआउट मैकेनिज्म है। उन्होंने कहा कि मुख्य समस्या यह है कि पेमेंट और पेआउट सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है। बहुत ज्यादा कटौती की जा रही है।

सर्विस चार्ज के अलावा और कई चार्ज

राव ने साफ किया कि एसोसिएशन स्विगी की सर्विस फीस के खिलाफ नहीं है, लेकिन बिना मंजूरी के लगाए गए अतिरिक्त कटौती पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि हमें सर्विस चार्ज पर कोई आपत्ति नहीं है। जो भी सर्विस चार्ज है, वे ले सकते हैं। लेकिन इसके अलावा, वे हमारी मंजूरी के बिना एक्स्ट्रा सर्विस चार्ज, पेआउट चार्ज, विज्ञापन चार्ज, मैप-अप चार्ज और कई दूसरे चार्ज की कटौती की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ रेस्टोरेंट को कंपनी के साथ बार-बार मुद्दा उठाने के बावजूद 1 लाख रुपये के पेआउट के बदले सिर्फ40,000-50,000 रुपये मिल रहे थे।

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स्विगी के पास 15 अगस्त तक का समय

पीसी राव ने साफ शब्दों में कहा कि अगर अगले 15 दिनों स्विगी इन समस्याओं  में सुधार कर लेता है तो हम उनके साथ काम करना जारी रखेंगे। नहीं तो, हमारे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है; हम बाहर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने अभी तक सर्विस बंद नहीं की हैं और आखिरी फैसला लेने से पहले 15 अगस्त तक इंतजार करेगी। अगर स्विगी की सर्विस बंद की जाती हैं, तो एसोसिएशन कस्टमर्स को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए दूसरे इंतजाम करेगी। स्विगी ने आरोपों या प्रस्तावित बॉयकॉट पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

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