सरकार का रोजगार मेला, 15 हजार में चेन्नई जाओ: कैंडिडेट बोले- इतने में आदमी क्या खाएगा, क्या बचाएगा, 112 कंपनियां पहुंची, बिहार की सिर्फ 6 - Patna News

Published on 21 अग॰ 2026

‘यहां नौकरी तो दे रहे हैं, लेकिन पैसा सही नहीं है। 15-16 हजार रुपए की सैलरी पर चेन्नई भेज रहे हैं। इतने में आदमी क्या खाएगा-क्या बचाएगा।’

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यह कहना है कि पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेला में आए मुन्ना का। उनके चेहरे पर नई नौकरी का उत्साह कम, मायूसी ज्यादा है। बताते हैं, ‘मैं यहां जॉब की तलाश में आया था। मेडिकल लाइन की कंपनी के लोगों ने कहा कि अगले महीने इंटरव्यू का डेट मिलेगा। क्या काम करना है यह नहीं बताया गया है।’

यह कहानी सिर्फ मुन्ना की नहीं। ज्ञान भवन में 19 से 23 अगस्त तक बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग की ओर से जॉब फेयर आयोजित किया जा रहा है। दो दिन में करीब 10 हजार युवाओं ने आवेदन किया है। दावा रोजगार उपलब्ध कराने का है, लेकिन कंपनियों की ओर से दिए जा रहे ऑफर ने मेले की व्यवस्था और रोजगार की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं।

जॉब फेयर में युवाओं को कितना वेतन ऑफर किया जा रहा है? किस तरह के काम मिल रहे है? पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट..।

10 से 15 हजार की नौकरी करने बाहर जाने की मजबूरी

जॉब फेयर में 112 कंपनियां पहुंची हैं। इनमें बिहार की मात्र 6 हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकांश कंपनियां युवाओं को बिहार से बाहर नौकरी का ऑफर दे रही हैं। मुंबई, चेन्नई, हरियाणा, कोलकाता और दिल्ली में काम करने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं।

जॉब फेयर में युवाओं को मिलने वाले ज्यादातर ऑफर 10 से 15 हजार रुपए मासिक वेतन के आसपास हैं। कुछ कंपनियां 25 से 30 हजार रुपए तक का पैकेज भी दे रही हैं, लेकिन इन नौकरियों के लिए भी युवाओं को दूसरे राज्यों में जाना होगा।

युवाओं का कहना है कि दूसरे शहर में रहने, खाने और आने-जाने का खर्च निकालने के बाद इतनी कम आमदनी से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है।

पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेला में युवाओं की भीड़ जुट रही है।

पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेला में युवाओं की भीड़ जुट रही है।

युवाओं का सवाल- नौकरी या मजदूरी?

मेले में पहुंचे कई युवाओं का कहना है कि वे तकनीकी और अच्छी नौकरी की उम्मीद लेकर आए थे। यहां मिलने वाले अधिकांश ऑफर सामान्य मजदूरी, सेल्स, डिलीवरी और दूसरे कम वेतन वाले कामों से जुड़े हैं। अगर नौकरी के लिए बाहर जाना है और वेतन 10-15 हजार रुपए तो इसे कैसे रोजगार का बेहतर अवसर मानें?

एक युवक ने कहा कि बिहार में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के बजाय युवाओं को दूसरे राज्यों में भेजने पर ज्यादा जोर दिख रहा है। कंपनियां बड़ी संख्या में आवेदन और बायोडाटा ले रही हैं, लेकिन असल में कितने लोगों को काम मिलेगा पता नहीं चल रहा है।

नौकरी के नाम पर डाटा कलेक्शन का आरोप

जॉब फेयर में पहुंचे कुछ युवाओं ने आरोप लगाया कि कंपनियां बड़ी संख्या में युवाओं का बायोडाटा जमा कर रही हैं। इनकी जानकारी जुटा रही है।

आवेदन लेने और इंटरव्यू की प्रक्रिया तो हो रही है, लेकिन नौकरी की शर्तों, पोस्टिंग और वेतन को लेकर पूरी जानकारी नहीं दी जा रही। इससे आशंका पैदा हो रही है कि कहीं जॉब फेयर सिर्फ डाटा कलेक्शन तक सीमित न रह जाए।

रोजगार मेला में बिहार के युवाओं को नौकरी देने के लिए देशभर की 113 कंपनियां आईं हैं।

रोजगार मेला में बिहार के युवाओं को नौकरी देने के लिए देशभर की 113 कंपनियां आईं हैं।

बिहार में रोजगार के अवसर पर उठे सवाल

जॉब फेयर में बिहार की सिर्फ 6 कंपनियों की मौजूदगी की भी चर्चा है। बेरोजगार युवाओं की मांग है कि अगर सरकार रोजगार मेले का आयोजन कर रही है तो बिहार में ही पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दी जाए।

दूसरे राज्यों में 10-15 हजार रुपए की नौकरी दिलाने के बजाय सरकार को बिहार में उद्योग और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।

एयरटेल में 18 हजार की नौकरी, लेकिन टारगेट की परेशानी

जमुई से आए जैनेंद्र कुमार ने बताया, ‘मेरी बात एयरटेल कंपनी के अधिकारी से हुई। जमुई में साउंड बॉक्स लगाने का ऑफर मिला। 18 हजार रुपए मासिक वेतन और लगाए गए प्रति साउंड बॉक्स 125 रुपए इंसेंटिव देने की बात कही गई है। कंपनी ने 30 दिन में कम से कम 20 साउंड बॉक्स लगाने का टारगेट दिया है। अभी जॉइनिंग लेटर नहीं मिला है।’

बता दें कि एयरटेल साउंड बॉक्स एयरटेल पेमेंट्स बैंक द्वारा दुकानदारों और व्यापारियों के लिए UPI QR कोड से होने वाले भुगतानों की तुरंत ऑडियो मैसेज देने वाला डिजिटल डिवाइस है।

भीड़ के कारण नौकरी छोड़कर लौटे सत्यम, बी-फार्मा के बाद भी रोजगार की तलाश

सत्यम कुमार ने कहा, ‘जॉब फेयर में बहुत भीड़ है। दोपहर तक केवल एक राउंड ही अंदर जा पाया। मेरा नंबर आने तक शाम हो जाता और परीक्षा छूट जाती, इसलिए लौट रहा हूं।’

‘मैंने बी-फार्मा किया है। अस्पताल या फार्मेसी में नौकरी चाहता हूं। बिहार में नौकरी नहीं मिलने के कारण जॉब फेयर से काफी उम्मीद थी, लेकिन लंबी कतार के कारण आवेदन करना मुश्किल हो रहा है।’

TVS में 20 हजार की नौकरी, लेकिन बेंगलुरु में पोस्टिंग

कुंदन कुमार ने बताया, ‘मेरी बात टीवीएस कंपनी के अधिकारी से हुई। 20 हजार रुपए महीना पर जॉब ऑफर किया गया, लेकिन काम करने बेंगलुरु जाना होगा। मैं बेंगलुरु नहीं जाना चाहता। बिहार में ही नौकरी तलाश रहा हूं। सैलरी उम्मीद के मुताबिक नहीं है। जॉइन करने से पहले घर के लोगों से बात करूंगा।’

निखिल ने कहा, ‘मैंने ब्लिंकिट में पैकेजिंग के काम के लिए आवेदन किया है। कंपनी की ओर से 18 हजार रुपए सीटीसी और 15,600 रुपए इन हैंड देने की बात कही गई है। काम मुंबई में करना है। 10 तारीख तक ऑफर लेटर मिलेगा। 15 हजार में मुंबई जैसे शहर में रहना मुश्किल होगा। इसलिए मैं दूसरी कंपनियों में भी नौकरी तलाश रहा हूं।

टीसीआई में 14 हजार की नौकरी, अतुल ने कहा- इतनी सैलरी में क्या होगा

अतुल ने बताया, ‘मुझे टीसीआई कंपनी ने जॉइनिंग लेटर देने की बात कही है। सभी डॉक्यूमेंट्स जमा कर लिए गए हैं। कंपनी में गाड़ी लोड-अनलोड करने की ड्यूटी दी जाएगी। फिलहाल जॉब लोकेशन नहीं बताई गई है। 14 हजार रुपए वेतन है। इतने कम पैसे में गुजारा करना मुश्किल है। जिस उम्मीद से जॉब फेयर में आया था वैसा रोजगार नहीं मिला।’

मो. फैजल अंसारी ने बताया, ‘मैंने एविएशन और दूसरे क्षेत्र की एक कंपनी में आवेदन किया है। कंपनी ने पूछा कि अंग्रेजी बोलना आता है। मैंने कहा कि हल्की-फुल्की अंग्रेजी आती है। कंपनी ने 9 महीने की ट्रेनिंग देने की बात कही है। कंपनी के अनुसार पहले से स्किल्ड उम्मीदवारों को 30 से 40 हजार रुपए तक की सैलरी मिल सकती है। फ्रेशर की जॉब 15 हजार रुपए से शुरू होगी।’

दिव्यांग युवाओं ने उठाए सवाल, सौरभ बोले- हर बार बाहर जाने को कहा जाता है

जॉब फेयर में पहुंचे दिव्यांग पप्पू कुमार ने बताया, ‘मुझे कंपनी के लोगों ने कहा है कि थोड़ा इंतजार करना होगा। नौकरी का आश्वासन दिया है। बिहार से बाहर दूसरे राज्यों में नौकरी देने की बात कही जा रही है। मेरे जैसे दिव्यांग व्यक्ति के लिए दूसरे राज्य में जाकर नौकरी करना मुश्किल है। कंपनी 10 हजार रुपए वेतन ऑफर कर रही है। इतने में परिवार का खर्च कैसे चलेगा।’

दिव्यांग सौरभ कुमार ने कहा, ‘पटना में कई बार जॉब फेयर आयोजित हो चुके हैं। दिव्यांगों के लिए सीटें खाली रह जाती हैं। मैं पिछले 11 बार से जॉब फेयर में आ रहा हूं। दिव्यांग लोगों को अक्सर दूसरे राज्यों में जाकर नौकरी करने के लिए कहा जाता है।’

उन्होंने कहा, ‘कई बार ऑफर लेटर मिलने के बाद भी स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग नहीं होने पर वापस भेज दिया जाता है। जॉब फेयर में सिर्फ भीड़ दिखाई जाती है। युवाओं का डेटा जुटाया जाता है।’

सोनाटा माइक्रो क्रेडिट में बिहार के लिए 100 पद, 12वीं पास कर सकते हैं आवेदन

बीएसएस सोनाटा माइक्रो क्रेडिट के एचआर मोहित कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी बिहार में 100 पदों पर भर्ती कर रही है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है। पुरुष और महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं।

महिलाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी मिलेगी। पुरुषों को उनके घर से कम से कम 40 किलोमीटर की दूरी पर पोस्टिंग दी जा सकती है। कंपनी में ट्रेनी रिलेशनशिप ऑफिसर के पद पर भर्ती की जा रही है। इसके लिए 15 हजार रुपए सीटीसी पर नौकरी ऑफर की जा रही है।

बिहार से बाहर नौकरी के लिए 10वीं से बीटेक तक के युवाओं की भर्ती, 29 हजार तक इन हैंड सैलरी

डिजिटल लेबर मार्केटप्लेस और ब्लू-कॉलर जॉब मैच-मेकिंग प्लेटफॉर्म आमधनई प्राइवेट लिमिटेड के देवेश कुमार पांडेय ने कहा, ‘दिल्ली, हरियाणा, कोलकाता और गुजरात की कई कंपनियां युवाओं की भर्ती कर रही हैं।’

‘मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस के पदों पर 10वीं पास से लेकर बीटेक तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार 12 घंटे काम करने पर उम्मीदवार को 29 हजार रुपए तक इन हैंड सैलरी मिल सकती है। उम्मीदवारों की काउंसलिंग के बाद ऑफर दिया जाएगा।’