Updated On: Aug 05, 2026 | 10:28 AM IST
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सार
Noida Suicide News: नोएडा में लोकसभा सचिवालय के निदेशक गौरव गौतम ने 70 लाख के कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाई। 15 पन्नों के सुसाइड नोट में छलका दर्द। मामले की जांच में जुटी पुलिस।

सांकोतिक फोटो (सोर्स-सोशल माडिया)
विस्तार
Lok Sabha Secretariat Director Dies By Suicide Noida: नोएडा के पॉश इलाके में एक ऐसी घटना घटी है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। लोकसभा सचिवालय में निदेशक जैसे ऊंचे पद पर तैनात एक अधिकारी ने आर्थिक तंगी और भारी कर्ज के चलते अपना जीवन समाप्त कर लिया।
बंद दरवाजे के पीछे का खौफनाक मंजर
यह दिल दहला देने वाली घटना नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी की है। यहां रहने वाले 40 वर्षीय गौरव गौतम, जो लोकसभा सचिवालय में निदेशक के पद पर कार्यरत थे, उनका शव उनके ही घर में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना का खुलासा तब हुआ जब उनकी पत्नी अपने मायके से वापस लौटीं। घर पहुंचने पर उन्होंने कई बार डोरबेल बजाई और गौरव को फोन किया, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड को बुलाया। जब गार्ड की मदद से दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य देख सबकी रूह कांप गई; गौरव कमरे में पंखे के फंदे से लटके हुए थे।
‘न अच्छा पति बन सका, न पिता’, 15 पन्नों में दर्ज आखिरी दर्द
मौके पर पहुंची थाना फेस-2 पुलिस और फोरेंसिक टीम को फ्लैट की तलाशी के दौरान 15 पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस नोट में गौरव ने अपने जीवन के सबसे गहरे संघर्षों और पछतावे को बयां किया है। सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह के अनुसार, गौरव ने अपने नोट में लिखा कि वह “न तो अच्छे पति बन सके और न ही अच्छे पिता।” उनका एक 8 साल का बेटा है, जिसके प्रति अपनी जिम्मेदारियां पूरी न कर पाने का मलाल उन्होंने अपने आखिरी खत में जाहिर किया। हालांकि, इस नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
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70 लाख का कर्ज और बढ़ता आर्थिक दबाव
एक उच्च पदस्थ अधिकारी होने के बावजूद गौरव गौतम गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। सुसाइड नोट के मुताबिक, उन पर करीब 70 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। लगातार बढ़ते खर्चों और इस भारी भरकम कर्ज के बोझ ने उन्हें गहरे मानसिक तनाव में धकेल दिया था। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड्स और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि आखिर किन परिस्थितियों में उन पर इतना बड़ा कर्ज चढ़ा।
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पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
थाना फेस-2 के प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सभी जरूरी साक्ष्य जुटा लिए हैं और उन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल, परिजनों ने किसी पर भी कोई आरोप नहीं लगाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारी मृतक के करीबियों और परिचितों के बयान दर्ज कर रहे हैं ताकि इस दुखद कदम के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
