भारतीय क्रिकेट टीम में फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानियां हमेशा से देशवासियों को प्रेरित करती रही हैं। गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे के मैदान पर खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में एक बार फिर ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी ने जन्म लिया है। राजस्थान के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने आज भारत के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर लिया है। 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी तूफानी गेंदों से बड़े-बड़े बल्लेबाजों में खौफ पैदा करने वाले अशोक शर्मा का यह मुकाम तक पहुंचना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जिसके पीछे उनके पिता की मेहनत और बड़े भाई का एक बड़ा त्याग छिपा हुआ है।
जयपुर के रामपुरा गांव से हरारे तक का संघर्ष भरा सफर
मूल रूप से राजस्थान के जयपुर के पास स्थित रामपुरा गांव के रहने वाले अशोक शर्मा के लिए टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनना आसान नहीं था। उनके पिता एक स्थानीय समाचार एजेंसी के लिए ड्राइवर का काम करते थे और रात के वक्त पेपर बांटकर अपने परिवार का गुजर-बसर चलाते थे। घर की आर्थिक तंगी इतनी थी कि दोनों भाइयों के लिए एक साथ क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाना मुमकिन नहीं था। ऐसे में उनके बड़े भाई अक्षय ने अपने सपनों का गला घोटकर अपने छोटे भाई अशोक को आगे बढ़ने का पूरा मौका दिया। महज 12 साल की उम्र से क्रिकेट की बारीकियां सीखने वाले अशोक ने अपनी मेहनत के दम पर घरेलू क्रिकेट में तहलका मचाया। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के 10 मैचों में 22 विकेट चटकाकर और विजय हजारे ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
154 की रफ्तार से गेंद फेंककर आईपीएल में बटोरी थीं सुर्खियां
घरेलू क्रिकेट में अपने घातक प्रदर्शन के दम पर आईपीएल तक का सफर तय करने वाले अशोक शर्मा ने तब सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थीं जब उन्होंने गुजरात टाइटन्स की ओर से खेलते हुए अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (मोटेरा) में 154.2 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सनसनीखेज गेंद फेंकी थी। उनकी इस रफ्तार ने देश भर के क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया था। इसके बाद उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए 'इंडिया ए' टीम में भी शामिल किया गया था, जहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी से खुद को साबित किया। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस पहले टी-20 मैच में जब उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया, तो उन्होंने मैदान पर उतरकर अपने परिवार और देश का सपना पूरा कर दिखाया।