बिजली वितरण सुधार योजना: 1710 करोड़ खर्च; टेढ़े-मेढ़े पोल, अधूरी अर्थिंग, काम रुका तो कागजों पर ही पूरा दिखा दिया - Bhopal News

Published on 11 अग॰ 2026
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  • 1710 Crore Rupees Spent; Crooked Poles, Incomplete Earthing, Work Stopped And Then Shown As Complete On Paper Only.

भोपाल17 मिनट पहलेलेखक: भीम सिंह मीणा

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बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मप्र के 16 जिलों में 3310 करोड़ की लागत से रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) का काम किया जा रहा है। इसमें से 1710 करोड़ का खर्च हो चुके हैं, लेकिन यहां चल रहे इन कामों में कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं।

बिजली कंपनी के निरीक्षण और उसके बाद जारी विभागीय मेमो से पता चलता है कि प्रदेश के 5 जिलों में कहीं पोल टेढ़े मिले तो कहीं मफिंग ही नहीं हुई। इसी तरह कई जगह अर्थिंग का काम अधूरा मिला, जबकि कहीं डेंजर बोर्ड और सुरक्षा उपकरण तक नहीं लगाए गए। इतना ही नहीं, डिस्मेंटल के बाद पुरानी केबलें भोपाल ले जाकर जमा भी नहीं कराई गईं। हद तो यह है कि कई स्थानों पर 11 केवी फीडर का निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है।

सबसे बुरी स्थिति हरदा में पाई गई, जहां के दो उपकेंद्रों में 33 केवी सीटी में स्पार्किंग और ऑयल लीकेज दर्ज किया गया। इन गंभीर कमियों को देखते हुए मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने संबंधित ठेकेदार कंपनियों ‘मेसर्स अग्रवाल पावर’ और ‘के.के. कंस्ट्रक्शन’ को अलग-अलग पत्र जारी किए हैं। कंपनी ने तत्काल सुधार करने और अनुपालन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण रिपोर्टों और साइट फोटोग्राफ में दर्ज टिप्पणियां बताती हैं कि कई स्थानों पर गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गईं, जिसके बाद विभाग को औपचारिक चेतावनी जारी करनी पड़ी।

जवाब देने से बचते रहे जिम्मेदार: गड़बड़ियों पर जब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी रिषी गर्ग से संपर्क किया तो उन्होंने डिटेल मांगी, पर जवाब नहीं दिया। डीजीएम आजाद जैन ने बात करने से इंकार कर पीआरओ के पास भेजा, जबकि पीआरओ ने कहा कि प्रोजेक्ट सेक्शन जवाब देगा।

ऑयल लीकेज और खुली केबल से खतरा बढ़ा

  • हरदा: उपकेंद्रों में स्पार्किंग व ऑयल लीकेज मिला। 11 केवी फीडर निर्माण ठप था और डिस्मेंटल सामग्री भोपाल नहीं भेजी गई। इसके अलावा पोल झुके, अर्थिंग अधूरी और सुरक्षा उपकरण नदारद मिले।
  • बैतूल: पोल झुका व जमीन पर गिरा मिला। स्टे कंक्रीटिंग और निर्धारित स्टे रॉड नहीं लगी थी। अर्थिंग अधूरी, केबल जमीन पर पड़ी मिली।
  • गुना: डीटीआर स्ट्रक्चर झुके, मफिंग गायब और नट-बोल्ट जंग लगे मिले। डीटीआर पर ब्रीदर व एलटीडीबी बॉक्स नहीं था, साथ ही डेंजर बोर्ड और बार्ब्ड वायर भी नहीं लगाए गए थे।
  • राजगढ़: एलटी केबल का क्लीयरेंस कम और पेंटिंग गायब मिली। मफिंग न होने के साथ अर्थिंग केबल अधूरी पाई गई। क्रॉस ब्रेसिंग और बेल्टिंग एंगल नहीं लगे थे तथा कई पोल झुके मिले।
  • रायसेन: निरीक्षण के दौरान यहां भी पोल झुका हुआ दर्ज किया गया।

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