शिवी शर्मा | मुरादाबाद43 मिनट पहले
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मुरादाबाद में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा को रकम दोगुनी करने और आईफोन देने का लालच भारी पड़ गया। यूट्यूब पर वीडियो देखकर छात्रा ने पहले सिर्फ 799 रुपए ट्रांसफर किए थे। इसके बाद साइबर ठगों ने प्रोसेसिंग फीस और रकम वापस करने के नाम पर उसे अलग-अलग खातों में पैसे भेजने के लिए कहा। करीब एक महीने में छात्रा ने अपनी मां और बुआ के खातों से 18 लाख 47 हजार रुपए ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
मिलन विहार, मीरपुर निवासी समीर चंद्र सक्सेना ने सोमवार को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई को उनकी बेटी यूट्यूब पर वीडियो देख रही थी। वीडियो में दावा किया गया था कि कुछ रकम जमा करने पर पैसे दोगुने किए जाएंगे या नया आईफोन दिया जाएगा।
छात्रा झांसे में आ गई और वीडियो में दिए गए क्यूआर कोड पर 799 रुपए भेज दिए।
आईफोन नहीं मिला तो रकम वापस करने का झांसा
इसके बाद छात्रा के मोबाइल पर एक नंबर से मैसेज आया। इसमें प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 19,998 रुपए मांगे गए। छात्रा ने अपनी मां के खाते से 16,998 रुपए ट्रांसफर कर दिए, लेकिन आईफोन नहीं मिला।
जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो ठगों ने कहा कि पहले भेजे गए पैसे वापस लेने के लिए नए क्यूआर कोड पर और रकम जमा करनी होगी।
'इंटरनेशनल गेटवे में फंस गई रकम' कहकर करते रहे ठगी
इसके बाद ठगों ने छात्रा को अलग-अलग बहाने बताए। कभी प्रोसेसिंग फीस तो कभी यह कहा गया कि उसकी रकम 'इंटरनेशनल गेटवे' में फंस गई है। रकम वापस पाने के लिए और पैसे जमा करने का झांसा दिया जाता रहा।
10 जुलाई से 7 अगस्त के बीच छात्रा ने अपनी मां सुचि सक्सेना और बुआ तनुजा सक्सेना के बैंक खातों से कुल 18 लाख 47 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
पैसे नहीं लौटे तो पिता को बताई पूरी बात
लगातार रकम भेजने के बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले तो छात्रा ने पिता को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के साथ साइबर क्राइम थाने में भी तहरीर दी।
एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी विवेक शर्मा की टीम मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और ठगी गई रकम की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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