19 चालानों के बाद भी यमुना एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भर रही थी बस, 'प्रशासन की नींद' ने ली 9 यात्रियों की जान?

Published on 24 सित॰ 2026

Yamuna Expressway Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस अग्निकांड को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. हादसे के बाद सामने आया कि बस के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन के 19 चालान दर्ज थे, जिनकी कुल रकम करीब 1.75 लाख रुपये थी.

Yamuna Expressway Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर बस अग्निकांड को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. हादसे के बाद सामने आया कि बस के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन के 19 चालान दर्ज थे, जिनकी कुल रकम करीब 1.75 लाख रुपये थी.

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Yamuna Expressway Bus Fire

Yamuna Expressway Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर बीती रात भंयकर हादसा हो गया. हादसे में 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई. अब लगातार घटन पर कई खुलासे हो रहे हैं. ड्राइवर कंडक्टर की सिगरेट पीने की बात के बाद अब प्रशासन की घोर लापरवाही की बात सामने आई है. सामने आया कि बस के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन के 19 चालान दर्ज थे.

ग्रेटर नोएडा में जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे देर रात हुआ. बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे, जिनमें से 9 की मौत की पुष्टि हो चुकी है. यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग के मामले में शुरुआती जांच में आग के संभावित कारणों को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. हादसे के बाद बस के संचालन और उसकी निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. लगातार शिकायतों और नियमों के उल्लंघन के बावजूद बस सड़क पर चलती रही.

इंजन से आ रही थी आवाज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्रवाई चालान काटने तक सीमित रही, लेकिन बस की तकनीकी स्थिति की गंभीरता से जांच नहीं की गई. बस में इंजन से आवाज आने की शिकायत लगातार मिल रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसका संचालन बंद नहीं किया गया. 

यह भी पढ़ें: ड्राइवर-कंडक्टर की सिगरेट बनी 9 यात्रियों की मौत का कारण, यमुना एक्सप्रेस-वे बस अग्निकांड पर FIR में हुआ बड़ा खुलासा

प्रशासन की नींद बनी मौत का कारण?

अब हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब बस के खिलाफ इतने चालान थे और इंजन में खराबी की शिकायत भी सामने आ रही थी, तो उसका संचालन जारी रखने की अनुमति कैसे मिलती रही. यह मामला यातायात नियमों के पालन और वाहनों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है. प्रशासन की कार्रवाई और सतर्कता पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए है. 

यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बस में दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।

मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।

प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 24, 2026

1.75 लाख के चालान थे पेंडिंग

जानकारी के अनुसार, बस पर 19 चालान पेंडिंग थे. चालान के जुर्माने की कुल रकम 1.75 लाख रुपये हैं. इतने चालान पेंडिंग होने के बाद भी प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की नजरों के दूर थी. जबकि बस कश्मीरी गेट से यूपी के महोबा जा रही थी. कश्मीरी गेट से एनसीआर पार करने में कई जगह ट्रैफिक पुलिस की बैरिकेडिंग मिलती है. बस रोज धड़ल्ले से नियमों को ताक पर रखकर फर्राटा भर रही थी. 

CM-PM ने किया मुआवजे का एलान

यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है. सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने PMNRF से मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मुआवजा देने की घोषणा की है. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

सीएम योगी ने जताया दुख

सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए हादसे पर दुख जताया है. कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बस में दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं. प्रभु राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें.

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