2 माह में 2129 क्विं. धान पहुंचा, सरना 2245 व पतला 2266 रुपए क्विं. बिका - Balod News

Published on 20 सित॰ 2026

.

कृषि उपज मंडी में जुलाई और अगस्त दो माह में 2 हजार 129 क्विंटल धान की आवक हुई है। सरना धान अधिकतम 2245, मोटा 2200 और पतला आईआर 2266 रुपए क्विंटल तक बिका। किसानों को पिछले दो माह की तुलना में प्रति क्विंटल करीब 300 रुपए तक ज्यादा भाव मिला। पिछले साल की तुलना में जुलाई व अगस्त में इस बार 7 हजार क्विंटल कम धान की आवक हुई। हालांकि मंडी में धान की आवक घटने के बावजूद दाम में तेजी देखने को मिली।

मंडी प्रबंधन के अनुसार जुलाई में सिर्फ 7 दिन ही धान की खरीदी हुई थी। पिछले साल जुलाई में 9 हजार 986 क्विंटल आवक हुई थी। इस बार 8057 क्विंटल कम धान की आवक हुई। जून में 17 हजार 584 क्विंटल आवक हुई थी, जो जुलाई से 15 हजार 655 क्विंटल अधिक थी। मंडी में किसानों को मिलने वाला भाव धान की किस्म और गुणवत्ता के अनुसार बदल रहा है। जुलाई से अब तक सरना का अधिकतम भाव प्रति क्विंटल 2245 और न्यूनतम 2187 रुपए रहा। जबकि मोटा धान प्रति क्विंटल 2200 रुपए पर बिका। पतला आईआर का अधिकतम भाव 2266 और न्यूनतम 2176 रुपए रहा। पतला पुराना 2196 रुपए तक बिका।

तीन माह पहले पतला धान 1780 रुपए तक बिका था मंडी प्रबंधन के अनुसार लाइसेंसधारी व्यापारी किसान के धान की गुणवत्ता, दाना और नमी देखकर बोली लगाते हैं। इस वजह से किसानों को उनकी उपज की गुणवत्ता के हिसाब से अलग भाव मिल सकता है। तीन माह पहले पतला धान करीब 1750 से 1780 रुपए क्विंटल में बिका था। जुलाई से अब तक यही धान 2200 रुपए से ज्यादा में बिक रहा है। पिछले साल रबी सीजन में अलग-अलग किस्म के धान की बोली करीब 1500 से 1810 रुपए तक रही थी। हालांकि मंडी प्रबंधन का कहना है कि धान के भाव स्थिर नहीं होते। आवक, क्वालिटी और व्यापारियों की मांग के अनुसार रोजाना भाव में बदलाव हो सकता है।

रबी सीजन के धान की समर्थन मूल्य पर सोसायटियों में खरीदी नहीं होती। ऐसे में किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी के अलावा राइस मिलों और गांव स्तर पर कोचियों से संपर्क करते है। मई से जुलाई के बीच मंडी में धान की आवक बढ़ी थी। जुलाई के बाद से अब तक कुछ ही किसान धान बेचने के लिए पहुंच रहे है। मई-जून में ज्यादा धान की आवक होती है। मंडी प्रबंधन के अनुसार सोमवार से शनिवार तक क्षेत्र के किसान यहां धान बेच सकते है। लाइसेंसधारी व्यापारी क्वालिटी अनुसार धान का दाम तय कर खरीदने पहुंचते है।