October 5, 2026

Shimla Police Arrest Two Key Drug Suppliers : शिमला। पुलिस ने नशा तस्करी की सप्लाई चेन पर कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंक विकसित कर दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में चिट्टे की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया गया। पुलिस ने दावा किया कि वर्ष 2026 में अब तक 80 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 61 नशा सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं।
पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से दो अंतरराज्यीय नशा सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है। पुलिस अब इन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच में जुटी है। पहला मामला पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज अभियोग संख्या 201/26 से जुड़ा है। 27 सितंबर को शोघी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस ने कुल्लू के निथर निवासी 26 वर्षीय क्षितिज वर्मा को करीब छह ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को उसके मोबाइल फोन से मनीमाजरा, चंडीगढ़ निवासी रोहित उर्फ राहुल के साथ WhatsApp चैट मिली। इसके अलावा CDR और IPDR के विश्लेषण से भी दोनों के बीच संपर्क और मुलाकात से संबंधित अहम तथ्य सामने आए।
इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सप्लाई के बैकवर्ड लिंक विकसित किए और विशेष टीम चंडीगढ़ भेजी। टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 अक्तूबर को रोहित उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार वह मामले में मुख्य सप्लायर के रूप में सामने आया है। दूसरा मामला पुलिस थाना चड़गांव में दर्ज अभियोग संख्या 97/26 से संबंधित है। 27 सितंबर को बडियारा क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस ने चिड़गांव निवासी 30 वर्षीय अमित को करीब सात ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मोबाइल डेटा और CDR से मिले सुरागों का विश्लेषण किया गया। इससे पुलिस को चिट्टे की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने में मदद मिली।
जांच में सामने आया कि अमित को बरामद चिट्टा बलौंगी, मोहाली में वीरेंद्र नामक व्यक्ति से मिला था। आगे की पड़ताल में चिड़गांव निवासी 41 वर्षीय संदीप पुत्र वीरेंद्र की संलिप्तता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। बैकवर्ड लिंक के आधार पर पुलिस टीम ने संदीप को बलौंगी, मोहाली से तलाश किया और पूछताछ के बाद 30 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। शिमला पुलिस के अनुसार अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी और छोटे स्तर के आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन के मुख्य स्रोत तक पहुंचने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके लिए मोबाइल डेटा, WhatsApp चैट, CDR, IPDR और अन्य तकनीकी एवं विवेचनात्मक साक्ष्यों का इस्तेमाल कर बैकवर्ड लिंक विकसित किए जा रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 में अब तक 80 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार कर 61 नशा सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त किया जा चुका है। वर्ष 2024 में 8 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क और वर्ष 2025 में 14 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 3 नेटवर्क को ध्वस्त किया गया था। पुलिस का कहना है कि नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच लगातार जारी है।