इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के परिजनों से मिले राहुल गांधी, प्रियंका भी साथ थीं; 2022 में हुई थी हत्या

Published on 14 अक्टू॰ 2026

अंकिता भंडारी मर्डरकेस उत्तराखंड के इतिहास के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक है. 19 साल की अंकिता भंडारी एक रिजॉर्ट में काम करती थीं. सितंबर 2022 खास VIP को एक्स्ट्रा सर्विस न देने की वजह से उनकी हत्या कर दी गई थी.

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अंकिता भंडारी मर्डरकेस उत्तराखंड के इतिहास के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक है. 19 साल की अंकिता भंडारी एक रिजॉर्ट में काम करती थीं. सितंबर 2022 खास VIP को एक्स्ट्रा सर्विस न देने की वजह से उनकी हत्या कर दी गई थी.

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Rahul Gandhi India Gate March today to meet Ankita Bhandar Murder Case meets his parents

Rahul Gandhi meets Ankita Bhandari Parents

राहुल गांधी बुधावर देर शाम इंडिया गेट पहुंचे. इंडिया गेट पर उन्होंने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की. दरअसल, अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट पर धरने दे रहे हैं. वे न्याय की मांग कर रहे हैं. राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी हैं. इससे पहले अगस्त 2026 को राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी. राहुल ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था. 

#WATCH | 2022 Ankita Bhandari murder case: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi arrives at India Gate in Delhi to meet the parents of Ankita Bhandari https://t.co/BhJNjQ2S5Spic.twitter.com/P1Ys5kbOyI

— ANI (@ANI) October 14, 2026

 जानें अंकिता भंडारी मर्डर केस के बारे में

अंकिता भंडारी मर्डरकेस उत्तराखंड के इतिहास के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक है. 19 साल की अंकिता भंडारी पौड़ी-गढ़वाल स्थित एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थीं. सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पूरे देश और खासतौर पर उत्तराखंड में भारी जनाक्रोश भड़क गया था.

VIP को स्पेशल सर्विस देने का जोर

28 अगस्त 2022 को ऋषिकेश के पास गंगा-भोगपुर स्थित एक रिजॉर्ट में अंकिता ने नौकरी ज्वाइन की थी. वह बतौर रिसेप्शनिस्ट काम कर रहीं थीं. 18 सितंबर 2022 को अंकिता अचानक रिजॉर्ट से लापता हो गईं थीं  रिजॉर्ट के मालिक ने खुद को बचाने के लिए 19 सितंबर को पुलिस थाने में एक फर्जी रिपोर्ट दर्ज करवाने की कोशिश की. पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया कि हत्या से ठीक पहले अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले एक खास VIP को स्पेशल सर्विस देने का भारी दबाव बनाया जा रहा था, जिसका अंकिता ने खूब विरोध किया.

आरोपियों ने कबूला जुर्म

पुलिस और एसआईटी ने केस की जांच की. जांच के बाद, 23 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के दौरान, उन्होंने कबूल कर लिया कि बह, के बाद उन्होंने अंकिता को चिल्ला नहर में धक्का दे दिया था, जिसके बाद पुलिस ने 24 सितंबर को अंकिता के शव को नहर से बरामद कर लिया.  

प्रशासन का बुलडोजर एक्शन

दिसंबर 2022 में एसआईटी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ करीब 500 पन्ने की चार्जशीट दाखिल कर दी. चार्जशीट में 47 गवाहों के बयान और फॉरेंसिक सबूत शामिल थे. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए वनतारा रिजॉर्ट के कुछ हिस्सों पर बुलडोजर चला दिया. अंकिता के परिजनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन ने यह कार्रवाई मुख्य आरोपियों और वीआईपी के सबूतों को मिटाने के लिए की थी.

आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

30 मई 2025 को कोटद्वार की अतिरिक्च जिला एवं सत्र अदालत ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, अंकिता गुप्ता और सौरभ भास्कर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. जून 2026 में दोषियों ने अपनी सजा के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट का रुख किया. उन्होंने अंतरिम राहत और जमानत की मांग की, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया.   

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