मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को मिलेगी नई दिशा, इंदौर में होगी 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026'

Published on 31 जुल॰ 2026

मध्य प्रदेश राज्य के सार्वजनिक परिवहन भविष्य को आकार देने के लिए इंदौर में यात्री गतिशीलता विजन शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन कर रहा है। मुख्य विषयों में ITS, AI-आधारित फ्लीट प्रबंधन, डिजिटल टिकटिंग, PPP मॉडल और ग्रीन मोबिलिटी शामिल हैं, जिसका उद्देश्य MP मोबिलिटी विजन-2030 को लागू करना और परिवहन शासन को मजबूत करना है।

By Oneindia Staff

Time Published: Friday, July 31, 2026, 19:01 [IST]

मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से 11 और 12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का आयोजन किया जाएगा। समिट में देशभर के नीति-निर्माता, परिवहन विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर मंथन करेंगे।

MP Unveils Passenger Mobility Vision 2030

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समिट का उद्घाटन करेंगे और 'मध्यप्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन-2030' पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान वे मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल और यात्री परिवहन को सुदृढ़ बनाने की रणनीतियों पर भी विचार साझा करेंगे। साथ ही उद्योग जगत, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे तथा समिट की स्मारिका एवं ज्ञान प्रकाशन का विमोचन भी करेंगे।

राज्य सरकार के अनुसार यह समिट वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, शहरी परिवहन विशेषज्ञों, परिवहन प्राधिकरणों, तकनीकी कंपनियों, वाहन निर्माताओं (OEM), वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करेगी। समिट में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS), इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फ्लीट मैनेजमेंट, डिजिटल टिकटिंग, एकीकृत मोबिलिटी समाधान और PPP मॉडल जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, टिकाऊ और डिजिटल बनाना है।

दो दिनों तक होंगे विभिन्न सत्र

समिट के पहले दिन उद्घाटन सत्र, मुख्य वक्तव्य, उच्चस्तरीय पैनल चर्चा, उद्योग प्रदर्शनी, नेटवर्किंग सत्र और ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सार्वजनिक परिवहन की नीतियों, निवेश, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा।

दूसरे दिन प्रतिनिधियों के लिए उज्जैन का सांस्कृतिक एवं विरासत भ्रमण आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन भी शामिल होंगे। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।

इन प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा

समिट के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। इनमें शामिल हैं:* मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 और बस संचालन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP)* इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का विस्तार* भविष्य के लिए तैयार परिवहन अधोसंरचना और निवेश के अवसर* AI आधारित डेटा एनालिटिक्स के जरिए इंट्रा-सिटी और इंटर-सिटी बस संचालन की योजना* वित्तीय रूप से टिकाऊ सार्वजनिक बस संचालन के मॉडल* सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा, विश्वसनीयता और यात्री सुविधा* हरित मोबिलिटी और स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन* एकीकृत टिकटिंग और स्वचालित किराया संग्रहण प्रणाली* यात्री परिवहन क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं

समिट से क्या होंगे संभावित लाभ

राज्य सरकार का मानना है कि इस समिट के माध्यम से 'मध्यप्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन-2030' के लिए रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित परिवहन परियोजनाओं को गति मिलेगी और डिजिटल तथा डेटा आधारित मोबिलिटी गवर्नेंस को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा हरित परिवहन समाधानों में निवेश, गैर-किराया राजस्व मॉडल की पहचान, सरकार और उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूती तथा केंद्र सरकार की योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी से रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित होने की भी संभावना जताई गई है।

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