Updated On: Jul 14, 2026 | 08:24 PM IST
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सार
Kark Sankranti Daan: कर्क संक्रांति 2026 के शुभ अवसर पर सूर्य देव की पूजा और दान का विशेष महत्व माना जाता है। जानें इस दिन किन वस्तुओं का दान करना शुभ होता है, पूजा का महत्व क्या है।

सूर्य देव की पूजा (सौ.AI)
विस्तार
Kark Sankranti Par Kya Daan Karen: कर्क संक्रांति का पावन पर्व इस वर्ष 16 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। सनातन धर्म में इस संक्रांति का विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि इसी दिन सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह गोचर दक्षिणायन काल की शुरुआत का संकेत देता है और इसे स्नान, दान, जप एवं पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
यदि आप सूर्य देव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो कर्क संक्रांति के दिन प्रातःकाल स्नान करके सूर्य भगवान को अर्घ्य दें। इसके बाद विधि-विधान से उनकी पूजा करें, सूर्य चालीसा का पाठ करें और सूर्य मंत्रों का जप करें। पूजा के बाद अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार कुछ विशेष वस्तुओं का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
कर्क संक्रांति पर किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है?
लाल वस्त्र का दान करें
कर्क संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा के बाद लाल रंग के वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, लाल रंग सूर्य और मंगल दोनों से जुड़ा माना जाता है। इस उपाय से कुंडली में मंगल ग्रह को मजबूती मिलने की मान्यता है और जीवन में ऊर्जा, साहस तथा सकारात्मकता का संचार होता है।
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गेहूं, गुड़, मूंगफली और चिक्की का दान करें
सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन गेहूं, गुड़, मूंगफली, चिक्की, शकरकंद जैसी वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे सूर्य देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और करियर, व्यापार तथा कार्यक्षेत्र में सफलता के नए अवसर मिल सकते हैं।
मसूर की दाल, साबुत लाल मिर्च और शहद का दान करें
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष हो, तो कर्क संक्रांति के दिन मसूर की दाल, साबुत लाल मिर्च और शहद का दान करना लाभकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने में सहायता मिल सकती है।
हनुमान चालीसा या सूर्य चालीसा का दान करें
ज्योतिष शास्त्र में भगवान सूर्य को हनुमान जी का गुरु माना गया है। इसलिए कर्क संक्रांति के दिन किसी मंदिर या जरूरतमंद श्रद्धालु को हनुमान चालीसा या सूर्य चालीसा का दान करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे बल, बुद्धि और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है तथा सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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कर्क संक्रांति का धार्मिक महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कर्क संक्रांति के साथ सूर्य की उत्तरायण यात्रा समाप्त होकर दक्षिणायन की शुरुआत होती है। इस समय से प्रकृति में भी परिवर्तन दिखाई देने लगता है और वर्षा ऋतु का प्रभाव बढ़ने लगता है। धार्मिक दृष्टि से यह संक्रांति स्नान, दान, जप, तप और पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
मान्यता है कि इस दिन अन्न, वस्त्र और भोजन का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से व्यापारी वर्ग के लिए भी यह संक्रांति शुभ मानी जाती है। श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से किए गए दान-पुण्य से जीवन में सुख-समृद्धि, उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
