एशियन गेम्स 2026 में पिच, ड्रेसिंग रूम और होटलों को लेकर भारत और पाकिस्तान समेत कई दूसरे क्रिकेट बोर्ड चिंतित हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि होटल में किट बैग रखने के लिए भी जगह नहीं है।
अगले महीने एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत हो रही है, जिसमें क्रिकेट का खेल भी शामिल है। जापान के नागोया में आयोजित होने वाले इस एशियाई टूर्नामेंट से पहले एक बड़ी हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है, जिसे जानकर क्रिकेटर खुश नहीं होंगे। भारत और पाकिस्तान समेत कई क्रिकेट बोर्ड तो इसके खिलाफ नाराजगी जता चुके हैं। पिच से लेकर ड्रेसिंग रूम और होटल रूम्स पर सवालिया निशाना है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि होटल रूम में किट रखने के लिए भी जगह नहीं है।
भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के कई बड़े क्रिकेटर (मेंस और वुमेंस) जापान में पहली बार क्रिकेट खेलने उतरेंगे, लेकिन तीन सप्ताह बाद शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट से पहले वहां की चीजें शीर्ष बोर्ड्स को पसंद नहीं आई हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाइब्रिड पिच का इस्तेमाल वहां किया जा रहा है, जिसे हाल ही में लगाया गया है। इसके अलावा प्रोपर ड्रेसिंग रूम भी स्टेडियम में नहीं है। हैरान करने वाली बात यह भी है कि होटल रूम्स में किट बैग रखने के लिए जगह ही नहीं है।
बेसबॉल ग्राउंड को बदला गया क्रिकेट ग्राउंड में
जापानी पोर्ट हब नागोया के पूरब में बसा एक छोटा सा शहर निशिन, एशियन गेम्स के लिए कॉन्टिनेंट के कुछ सबसे अच्छे क्रिकेटरों का स्वागत करेगा, जिसमें श्रेयस अय्यर की लीडरशिप में जसप्रीत बुमराह और वैभव सूर्यवंशी जैसी सितारों से सजी इंडियन टीम भी शामिल है। ओपनिंग सेरेमनी 19 सितंबर को है और इन खेलों में क्रिकेट टूर्नामेंट 17 सितंबर से शुरू होगा। बेसबॉल ग्राउंड को क्रिकेट ग्राउंड में बदला गया है, जहां पर क्रिकेट के मुताबिक ड्रेसिंग रूम नहीं है और जो होटल रूम में उनमें ज्यादा स्पेस नहीं है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एशियन क्रिकेट काउंसिल की मीटिंग में सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद एक बड़ा फैसला एशियाई क्रिकेट संघ के सदस्य देशों ने लिया है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान समेत दूसरे देशों के बीच बातचीत के बाद यह तय हुआ है कि ACC जगह और खिलाड़ियों के रहने की जगह की रेकी के लिए अपने रिप्रेजेंटेटिव भेजेगा।
पिच और मैदान का नहीं हुआ ज्यादा टेस्ट
एक सोर्स ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “यह बहुत ही बेसिक ग्राउंड है और पिच की क्वालिटी पर सवालिया निशान बना हुआ है। इसे हाल ही में बनाया गया है और मई में हुए एक टूर्नामेंट को छोड़कर, इसे ज्यादा टेस्ट नहीं किया गया है। यहां ठीक-ठाक ड्रेसिंग रूम भी नहीं हैं।” मीटिंग में मिले फीडबैक के बाद BCCI ने इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन और एशियन गेम्स की ऑर्गनाइजिंग कमिटी से भी बात की है। IOA के एक अधिकारी ने कहा, “क्योंकि किसी खेल के टेक्निकल पहलुओं में हमारा कोई रोल नहीं होता, इसलिए हमने BCCI को ऑर्गनाइजिंग कमिटी से सलाह लेने की सलाह दी है।”
एशियन गेम्स में क्रिकेट टूर्नामेंट निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा, जहां कुछ महीने पहले बेसबॉल फैसिलिटी थी। अभी भी उस मैदान पर पिचर्स माउंड (समतल जमीन से 10 इंच तक का उभार) है। इस जगह को इस साल मार्च में ही क्रिकेट के लिए तैयार किया गया था। इसमें टेम्पररी स्टैंड भी हैं, जहां 2000 लोगों के बैठने की क्षमता है। एक हाइब्रिड पिच स्क्वायर है, जिसमें नेचुरल घास है और सतह में पॉलीथीन फाइबर का एक छोटा सा हिस्सा डाला गया है। मई में यहां ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्वालिफायर मैच खेले गए थे।
20 किलोमीटर दूर रहेंगे खिलाड़ी
हैरानी की बात यह ही है कि वेन्यू से लगभग 20 किलोमीटर दूर नागोया में खिलाड़ियों के रहना होगा, जिसको लेकर भी बोर्ड चिंतित हैं। आइची-नागोया एडिशन में कोई कन्वेंशनल एथलीट्स विलेज नहीं हैं। इसके बजाय, लगभग 15,000 प्रतिभागियों को तीन तरह की रहने की सुविधा दी जानी है, जिनमें एक लग्जरी क्रूज लाइनर, गेम्स विला और होटल में इसे बांटा जाएगा। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अनुसार, शटलर्स, क्रिकेटर, फुटबॉलर्स और सॉफ्टबॉल प्लेयर्स को नागोया के होटलों में ठहराया जाएगा।
एक अधिकारी ने कमरों का साइज पर भी चिंता व्यक्त की और कहा, "दो लोगों के लिए शेयर करने के लिए बहुत छोटा है, साथ ही उनके अलग-अलग किटबैग और सामान के लिए भी। यह एक असली प्रॉब्लम है, क्योंकि कमरे बहुत छोटे हैं। अगर कोई प्लेयर किटबैग खोल देता है, तो खड़े होने के लिए ज्यादा जगह नहीं बचेगी। हम इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन निकालने की कोशिश कर रहे हैं।" भारतीय टीमें 14 या 15 सितंबर को जापान जाएंगी। 17 सितंबर को भारत की महिला टीम का मैच है और 28 को मेंस टीम मैदान में होगी।