Soraon Assembly Caste Equations: सोरांव के जातिगत समीकरण और 2027 का चुनावी गणित

Published on 12 सित॰ 2026

Soraon Assembly Caste Equations में पासी मतदाता सबसे प्रभावशाली सामाजिक समूहों में गिने जाते हैं। इनके साथ यादव, ब्राह्मण, मौर्य, पाल और दूसरे OBC तथा अनुसूचित जाति समुदाय चुनावी संतुलन बनाते हैं। पुराने चुनावी आकलन में पासी करीब एक लाख, यादव 60 हजार, ब्राह्मण 50 हजार, मौर्य 30 हजार और पाल मतदाता करीब 20 हजार बताए गए थे। हालांकि 2026 की अंतिम मतदाता सूची में सोरांव का वास्तविक वोटर बेस अब 3,33,182 है.

सोरांव विधानसभा संख्या 255 है। यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है और फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में आती है। वर्तमान विधायक समाजवादी पार्टी की गीता शास्त्री (पासी) हैं। 2022 में उन्होंने अपना दल (सोनेलाल) के डॉ. जमुना प्रसाद सरोज को सिर्फ 5,590 वोट से हराया था। 2024 लोकसभा चुनाव में इसी विधानसभा खंड में SP की BJP पर बढ़त बढ़कर 12,936 वोट हो गई।

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।

प्रयागराज जिले के   सोरांव विधानसभा के 2007 से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।

सोरांव विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभासोरांव
विधानसभा संख्या255
जिलाप्रयागराज
लोकसभा क्षेत्रफूलपुर
आरक्षणअनुसूचित जाति (SC)
वर्तमान विधायकगीता शास्त्री (पासी)
पार्टीसमाजवादी पार्टी
2026 अंतिम मतदाता3,33,182
अक्टूबर 2025 का वोटर बेस3,79,133
SIR में शुद्ध कमी45,951
कमी12.12%
2022 विजेतागीता शास्त्री, SP
2022 उपविजेताडॉ. जमुना प्रसाद सरोज, AD(S)
2022 जीत का अंतर5,590 वोट
2024 लोकसभा खंड SP वोट96,312
2024 BJP वोट83,376
2024 BSP वोट24,271
2024 SP की बढ़त12,936 वोट
प्रमुख सामाजिक समूहपासी, यादव, ब्राह्मण, मौर्य, पाल व अन्य SC/OBC

2026 की अंतिम मतदाता सूची में प्रयागराज जिले में कुल 38,65,975 मतदाता हैं। सोरांव में अक्टूबर 2025 के 3,79,133 मतदाताओं के मुकाबले अंतिम संख्या 3,33,182 रह गई।

Soraon Assembly Caste Equations: पासी वोट सबसे बड़ी राजनीतिक धुरी

Soraon Assembly Caste Equations की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता पासी मतदाताओं की मजबूत मौजूदगी है। पुराने चुनावी आकलन में पासी मतदाता करीब एक लाख बताए गए थे। यादव करीब 60 हजार, ब्राह्मण 50 हजार, मौर्य 30 हजार और पाल मतदाता करीब 20 हजार बताए गए।

सोरांव SC आरक्षित सीट है। इसलिए मुख्य दलों को अनुसूचित जाति वर्ग से उम्मीदवार उतारना होता है। ऐसे में सिर्फ उम्मीदवार की जाति नहीं, बल्कि यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि कौन सा प्रत्याशी SC उप-जातियों के साथ यादव, ब्राह्मण और OBC वोट का बड़ा हिस्सा जोड़ पाता है।

2022 में यह मुकाबला बेहद करीबी रहा। SP और AD(S)-NDA के बीच सिर्फ 5,590 वोट का अंतर इसी सामाजिक प्रतिस्पर्धा को दिखाता है।

सोरांव विधानसभा का संकेतात्मक जातिगत समीकरण

जाति/समुदायपुराना संकेतात्मक अनुमान
पासीकरीब 1,00,000
यादवकरीब 60,000
ब्राह्मणकरीब 50,000
मौर्यकरीब 30,000
पालकरीब 20,000
अन्य SC/OBC व सामाजिक समूहमहत्वपूर्ण उपस्थिति
2026 आधिकारिक कुल मतदाता3,33,182

यह तालिका 2026 की आधिकारिक जाति-वार मतदाता सूची नहीं है। पुराने आकलन उस समय के हैं जब विधानसभा में कुल वोटर करीब 3.65 लाख बताए जाते थे। नई सूची में कुल वोटर बेस बदल चुका है। निर्वाचन नामावली जाति के आधार पर प्रकाशित नहीं होती, इसलिए पुराने अनुमानों को समान अनुपात में घटाकर 2026 की जातिवार संख्या निकालना उचित नहीं होगा।

सोरांव वोटर लिस्ट 2026: 3,33,182 मतदाता

2027 के चुनाव से पहले सोरांव के चुनावी गणित का सबसे बड़ा नया तथ्य मतदाता सूची में हुआ बदलाव है।

मतदाता सूचीसंख्या
27 अक्टूबर 2025 का वोटर बेस3,79,133
10 अप्रैल 2026 की अंतिम सूची3,33,182
शुद्ध कमी45,951
कमी12.12%

मतदाता सूची में 45,951 वोटरों की कमी हुई है। यह संख्या 2022 के सिर्फ 5,590 वोट के जीत अंतर और 2024 के 12,936 वोट के SP-BJP अंतर—दोनों से कई गुना बड़ी है।

इस बदलाव को किसी जाति या पार्टी से जोड़ना सही नहीं होगा, क्योंकि हटे नामों का कोई आधिकारिक जातिवार राजनीतिक विवरण उपलब्ध नहीं है। लेकिन 2027 में पुराने बूथ डेटा को नई 3.33 लाख वाली मतदाता सूची के अनुसार दोबारा तैयार करना सभी दलों के लिए जरूरी होगा।

पासी और दूसरे दलित वोट क्यों रहेंगे निर्णायक?

सोरांव का सामाजिक और राजनीतिक इतिहास दलित वोट से गहराई से जुड़ा है। मौजूदा विधायक गीता शास्त्री की सामाजिक पहचान आधिकारिक राजनीतिक प्रोफाइल में अनुसूचित जाति, पासी के रूप में दर्ज है।

2017 में गीता पासी BSP उम्मीदवार के तौर पर 60,079 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रही थीं। 2022 में SP के टिकट पर उन्होंने 91,474 वोट हासिल किए और सीट जीत ली।

यह बदलाव दिखाता है कि सोरांव में दलित वोट किसी एक पार्टी का स्थायी वोट बैंक नहीं है। उम्मीदवार, गठबंधन और चुनावी परिस्थिति बदलने पर यही सामाजिक आधार अलग-अलग दलों के साथ जा सकता है।

2027 में पासी वोट के साथ दूसरे SC समुदायों का बंटवारा SP, NDA और BSP तीनों की रणनीति का केंद्र रहेगा।

यादव, मौर्य और पाल वोट का क्या गणित?

पुराने जातिगत अनुमान में यादव मतदाता करीब 60 हजार, मौर्य करीब 30 हजार और पाल करीब 20 हजार बताए गए थे।

SP के लिए यादव वोट मजबूत शुरुआती आधार हो सकता है। दूसरी तरफ BJP-अपना दल गठबंधन गैर-यादव OBC, खासकर मौर्य, पाल और अन्य पिछड़े समुदायों में अपना समर्थन बढ़ाने की कोशिश करेगा।

SC आरक्षित सीट होने की वजह से OBC मतदाता स्वयं अपने वर्ग का उम्मीदवार नहीं चुनते। इसलिए उम्मीदवार की स्थानीय पहचान, पार्टी और व्यापक सामाजिक गठजोड़ उनके मतदान व्यवहार पर ज्यादा असर डाल सकते हैं।

2027 में यादव वोट के साथ मौर्य-पाल और दूसरे OBC मतदाताओं की दिशा मुख्य लड़ाई का संतुलन तय कर सकती है।

ब्राह्मण वोट भी क्यों महत्वपूर्ण?

पुराने अनुमान में ब्राह्मण मतदाता करीब 50 हजार बताए गए थे। संख्या के लिहाज से यह सोरांव का बड़ा गैर-SC सामाजिक समूह है।

BJP-NDA के लिए सवर्ण समर्थन के साथ OBC और SC हिस्सेदारी जोड़ना उसकी मुख्य चुनावी रणनीति रही है। वहीं SP को यादव-दलित आधार के साथ ब्राह्मण और दूसरे गैर-OBC समूहों में भी पर्याप्त समर्थन चाहिए।

2022 जैसे पांच-छह हजार वोट के अंतर वाले मुकाबले में ब्राह्मण वोट का कुछ प्रतिशत बदलाव भी सीट का नतीजा पलट सकता है।

सोरांव विधानसभा चुनाव 2022: सिर्फ 5,590 वोट से जीती SP

2022 विधानसभा चुनाव में SP की गीता शास्त्री को 91,474 वोट मिले। अपना दल (सोनेलाल) के डॉ. जमुना प्रसाद सरोज को 85,884 और BSP के आनंद भारती को 29,250 वोट मिले।

SP की जीत का अंतर सिर्फ 5,590 वोट रहा।

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट शेयर
गीता शास्त्री (पासी)SP91,47440.99%
डॉ. जमुना प्रसाद सरोजAD(S)85,88438.49%
आनंद भारतीBSP29,25013.11%
सीतारामAIMIM5,1282.30%
मनोज कुमार पासीकांग्रेस2,0270.91%
NOTA1,7120.77%
SP की जीत5,590

SP और NDA उम्मीदवार के बीच वोट शेयर का अंतर करीब 2.5 प्रतिशत अंक रहा। BSP के 29 हजार से अधिक वोट ने भी मुख्य मुकाबले के सामाजिक समीकरण को प्रभावित किया।

2012 से 2022 तक हर चुनाव में बदला मुख्य मुकाबला

पिछले तीन विधानसभा चुनावों में SP ने दो और अपना दल (एस) ने एक बार सोरांव सीट जीती है।

चुनावविजेतापार्टीवोटजीत का अंतर
2012सत्यवीर मुन्नाSP61,15313,301
2017डॉ. जमुना प्रसाद सरोजAD(S)77,81417,735
2022गीता शास्त्रीSP91,4745,590

2012 में SP ने BSP को 13,301 वोट से हराया। 2017 में अपना दल (एस) ने सीट छीन ली और 2022 में SP ने बेहद करीबी मुकाबले में वापसी की।

इस चुनावी इतिहास से साफ है कि सोरांव किसी एक दल की स्थायी सुरक्षित सीट नहीं रही है।

2017 में अपना दल ने 17,735 वोट से जीती थी सीट

2017 में अपना दल (एस) के डॉ. जमुना प्रसाद सरोज को 77,814 वोट मिले। BSP की गीता देवी को 60,079 और SP के सत्यवीर को 54,345 वोट मिले।

2017 प्रत्याशीपार्टीवोट
डॉ. जमुना प्रसाद सरोजAD(S)77,814
गीता देवीBSP60,079
सत्यवीरSP54,345
BJP6,522
जीत का अंतर17,735

उस चुनाव में BSP और SP के बीच विपक्षी वोट काफी बंटा था। 2022 में गीता शास्त्री SP से चुनाव लड़ीं और वही सीट जीत गईं।

2012 में SP ने 13,301 वोट से जीती थी सोरांव

2012 में SP के सत्यवीर मुन्ना को 61,153 वोट मिले। BSP के बाबूलाल भंवरा को 47,852 और निर्दलीय वाचस्पति को 28,073 वोट मिले।

2012 प्रत्याशीपार्टीवोट
सत्यवीर मुन्नाSP61,153
बाबूलाल भंवराBSP47,852
वाचस्पतिनिर्दलीय28,073
SP की जीत13,301

2012 से 2022 के बीच सीट का चुनावी केंद्र SP-BSP मुकाबले से बदलकर SP बनाम NDA की सीधी प्रतिस्पर्धा की ओर गया है।

2024 लोकसभा चुनाव में SP की 12,936 वोट की बढ़त

2024 लोकसभा चुनाव में फूलपुर सीट के सोरांव विधानसभा खंड से SP के अमरनाथ मौर्य को 96,312 वोट मिले। BJP के प्रवीण पटेल को 83,376 और BSP के जगन्नाथ पाल को 24,271 वोट मिले।

SP की BJP पर बढ़त 12,936 वोट रही।

2024 लोकसभा: सोरांव विधानसभा खंडवोटवोट शेयर
SP96,31245.13%
BJP83,37639.07%
BSP24,27111.37%
SP की BJP पर बढ़त12,936

2022 विधानसभा चुनाव में SP 5,590 वोट आगे थी। 2024 लोकसभा में उसका खंड स्तर का अंतर बढ़कर 12,936 हो गया।

हालांकि दोनों चुनावों की प्रकृति और उम्मीदवार अलग थे, इसलिए इसे 2027 का सीधा वोट स्विंग नहीं माना जाना चाहिए। फिर भी SP के लिए यह सकारात्मक ट्रेंड है।

2019 से 2024 में कैसे पलटा लोकसभा का गणित?

2019 लोकसभा चुनाव में सोरांव खंड से BJP को 1,06,088 वोट मिले थे। SP को 88,454 वोट मिले और BJP की बढ़त 17,634 वोट थी।

2024 में यही खंड SP के पक्ष में चला गया और पार्टी 12,936 वोट आगे रही।

लोकसभा चुनावBJP वोटSP वोटबढ़त
20191,06,08888,454BJP +17,634
202483,37696,312SP +12,936

दो संसदीय चुनावों के बीच राजनीतिक अंतर करीब 30 हजार वोट की दिशा बदलता दिखाई देता है। उम्मीदवार और चुनावी गठबंधन अलग होने के कारण इसे विधानसभा का प्रत्यक्ष स्विंग नहीं माना जा सकता, लेकिन 2027 के लिए यह NDA के सामने स्पष्ट चुनौती है।

BSP का वोट क्यों अब भी बेहद महत्वपूर्ण?

सोरांव SC आरक्षित सीट है और BSP यहां पहले भी मजबूत प्रदर्शन करती रही है।

2017 में BSP को 60,079 वोट मिले थे। 2022 में यह घटकर 29,250 और 2024 लोकसभा चुनाव में 24,271 रह गया।

चुनावBSP वोट
विधानसभा 201760,079
विधानसभा 202229,250
लोकसभा 202424,271

BSP का वोट कम जरूर हुआ है, लेकिन 20-30 हजार का तीसरा वोट ब्लॉक ऐसी सीट पर बेहद महत्वपूर्ण है जहां 2022 की जीत सिर्फ 5,590 वोट से हुई थी।

BSP यदि दलित आधार में वापसी करती है तो SP और NDA दोनों के जातिगत समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

SP के लिए 2027 का चुनावी रास्ता

SP के पास मौजूदा विधायक और हाल के दो बड़े चुनावों में विधानसभा खंड की बढ़त का फायदा है।

2022 में पार्टी ने 91,474 वोट लेकर सीट जीती और 2024 में उसका संसदीय वोट सोरांव खंड में बढ़कर 96,312 हो गया।

पार्टी का मुख्य सामाजिक फॉर्मूला पासी/SC + यादव + OBC हिस्सेदारी + ब्राह्मण और दूसरे समूहों में सीमित विस्तार हो सकता है।

लेकिन 2022 की सिर्फ 5,590 वोट की जीत बताती है कि छोटा सामाजिक बदलाव भी SP की बढ़त समाप्त कर सकता है।

NDA के लिए सीट वापस जीतने का फॉर्मूला

अपना दल (एस)-BJP गठबंधन 2017 में सोरांव जीत चुका है और 2022 में सिर्फ 5,590 वोट से पीछे रहा।

2027 में NDA के लिए SC वोट में हिस्सेदारी + मौर्य-पाल और दूसरे गैर-यादव OBC + ब्राह्मण समर्थन सबसे महत्वपूर्ण संयोजन होगा।

2024 लोकसभा चुनाव में BJP को 83,376 वोट मिले। यह मजबूत आधार है, लेकिन SP से करीब 13 हजार वोट की दूरी खत्म करने के लिए दलित और OBC दोनों में अतिरिक्त समर्थन जरूरी होगा।

2026 की नई वोटर लिस्ट क्यों बदल सकती है पुराना चुनावी गणित?

सोरांव में SIR के दौरान 45,951 मतदाताओं की शुद्ध कमी हुई है।

तुलनासंख्या
2026 SIR में मतदाता कमी45,951
2022 SP की जीत5,590
2024 SP-BJP अंतर12,936

मतदाता सूची का बदलाव दोनों हालिया चुनावी अंतर से बहुत बड़ा है।

इसलिए 2027 में नई सूची के अनुसार बूथ मैनेजमेंट, वास्तविक मतदाताओं की पहचान और मतदान प्रतिशत निर्णायक होंगे। पुराने जातिगत अनुमानों को भी पहले वाले 3.79 लाख वोटर बेस पर नहीं पढ़ा जा सकता।

ग्रामीण मुद्दे भी डाल सकते हैं जातिगत वोट में सेंध

सोरांव विधानसभा का बहुत बड़ा हिस्सा ग्रामीण है। एक जनसांख्यिकीय प्रोफाइल में क्षेत्र की आबादी का 94 प्रतिशत से अधिक हिस्सा ग्रामीण बताया गया है।

इसलिए खेती, सिंचाई, ग्रामीण सड़कें, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा जैसे मुद्दे 2027 में जातिगत समीकरण के साथ असर डाल सकते हैं।

करीबी चुनाव की स्थिति में प्रत्याशी की स्थानीय उपलब्धता और विकास कार्यों की धारणा कुछ हजार वोट बदल सकती है—और सोरांव जैसे पिछले चुनाव में 5,590 वोट से तय हुए क्षेत्र में यही अंतर निर्णायक हो सकता है।

2027 में किन फैक्टरों से तय होगा सोरांव चुनाव?

चुनावी फैक्टरसंभावित प्रभाव
पासी वोटसीट की सबसे प्रभावशाली सामाजिक धुरी
अन्य SC वोटआरक्षित सीट में निर्णायक
यादव वोटSP के प्रमुख सामाजिक आधारों में
मौर्य वोटNDA-SP दोनों की OBC रणनीति में अहम
पाल व अन्य OBCकरीबी चुनाव में स्विंग फैक्टर
ब्राह्मण वोटबड़ा गैर-SC सामाजिक समूह
BSP का प्रदर्शनदलित वोट का बंटवारा तय करेगा
मौजूदा SP विधायकसत्ता-विरोधी/स्थानीय कामकाज दोनों का प्रभाव
2024 में SP की बढ़तSP के लिए सकारात्मक संकेत
2026 वोटर लिस्टपुराने बूथ गणित में बड़ा बदलाव
ग्रामीण मुद्देजातिगत सीमाओं से बाहर वोट प्रभावित कर सकते हैं

सोरांव विधानसभा के जातिगत समीकरण में फिलहाल कौन आगे?

हालिया चुनावी नतीजों के आधार पर SP को मामूली शुरुआती बढ़त दिखाई देती है।

पार्टी ने 2022 विधानसभा चुनाव में सीट जीती और 2024 लोकसभा चुनाव में भी सोरांव खंड से 12,936 वोट की बढ़त बनाई।

लेकिन 2022 की जीत सिर्फ 5,590 वोट की थी। NDA 2017 में यह सीट जीत चुका है और 2022 में भी उसे 85 हजार से अधिक वोट मिले थे।

इसलिए सोरांव को SP की सुरक्षित सीट कहना उचित नहीं होगा। BSP का प्रत्याशी, SC वोट का बंटवारा और मौर्य-पाल सहित OBC मतदाताओं की दिशा 2027 में मुकाबले को काफी बदल सकती है।

सोरांव विधानसभा के जातिगत समीकरण और 2027 का चुनावी निष्कर्ष

सोरांव विधानसभा के जातिगत समीकरण में पासी सबसे प्रभावशाली सामाजिक समूहों में माने जाते हैं। पुराने आकलन में पासी करीब एक लाख, यादव 60 हजार, ब्राह्मण 50 हजार, मौर्य 30 हजार और पाल करीब 20 हजार बताए गए थे। इन्हें 2026 की आधिकारिक जातिवार मतदाता संख्या नहीं माना जाना चाहिए।

2026 की अंतिम मतदाता सूची में सोरांव का वास्तविक वोटर बेस 3,33,182 है। अक्टूबर 2025 की सूची के मुकाबले 45,951 मतदाता, यानी 12.12 प्रतिशत कम हुए हैं।

राजनीतिक तौर पर SP फिलहाल आगे है। 2022 में गीता शास्त्री ने 91,474 वोट लेकर सिर्फ 5,590 वोट से जीत हासिल की। 2024 लोकसभा चुनाव में SP की विधानसभा-खंड बढ़त बढ़कर 12,936 वोट हो गई।

2027 में SP के लिए पासी/SC + यादव + OBC हिस्सेदारी, जबकि NDA के लिए SC में सेंध + मौर्य-पाल/गैर-यादव OBC + ब्राह्मण समर्थन सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक फॉर्मूला होगा। BSP यदि अपने पुराने दलित आधार में वापसी करती है तो मुकाबला पूरी तरह त्रिकोणीय हो सकता है।

करीब 3.33 लाख मतदाताओं वाली सोरांव विधानसभा का अंतिम फैसला पासी और दूसरे दलित वोट के बंटवारे, यादव-मौर्य-पाल समीकरण, ब्राह्मण मतदाताओं की दिशा, BSP की ताकत और 2026 की नई मतदाता सूची के बाद बने बूथवार जातिगत समीकरण से तय होने की संभावना है।

  • समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।

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