Allahabad North Assembly Caste Equations: इलाहाबाद उत्तर के जातिगत समीकरण और 2027 का चुनावी गणित

Published on 21 सित॰ 2026

Allahabad North Assembly Caste Equations में कायस्थ, ब्राह्मण, दलित, वैश्य, मुस्लिम और पिछड़ा वर्ग इलाहाबाद उत्तर की शहरी राजनीति के प्रमुख सामाजिक समूह हैं। पुराने सीट-स्तरीय आकलन में कायस्थ करीब 1.10 लाख, ब्राह्मण 90 हजार, दलित 60 हजार, वैश्य 50 हजार और मुस्लिम करीब 25 हजार बताए गए थे। 2026 की अंतिम मतदाता सूची में इलाहाबाद उत्तर का वास्तविक वोटर बेस अब सिर्फ 2,82,901 है।

इलाहाबाद उत्तर विधानसभा संख्या 262 है। यह सामान्य श्रेणी की सीट है और फूलपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। वर्तमान विधायक BJP के हर्षवर्धन बाजपेयी हैं। उन्होंने 2022 विधानसभा चुनाव में 96,890 वोट हासिल कर SP के संदीप यादव को 54,883 वोट से हराया था। मौजूदा विधानसभा रिकॉर्ड में भी हर्षवर्धन बाजपेयी BJP विधायक के रूप में दर्ज हैं।

2024 लोकसभा चुनाव में भी इलाहाबाद उत्तर विधानसभा खंड में BJP को SP से 29,705 वोट अधिक मिले। हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनाव की प्रकृति अलग होती है, इसलिए इस आंकड़े को 2027 के विधानसभा चुनाव का सीधा पूर्वानुमान नहीं माना जा सकता।

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।

प्रयागराज जिले के   इलाहाबाद उत्तर विधानसभा के 2007 से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है। उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।

इलाहाबाद उत्तर विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभाइलाहाबाद उत्तर
विधानसभा संख्या262
जिलाप्रयागराज
लोकसभा क्षेत्रफूलपुर
आरक्षणसामान्य
वर्तमान विधायकहर्षवर्धन बाजपेयी
पार्टीBJP
2026 अंतिम मतदाता2,82,901
अक्टूबर 2025 मतदाता4,28,711
SIR में शुद्ध कमी1,45,810
कमी34.01%
2022 विजेताहर्षवर्धन बाजपेयी, BJP
2022 उपविजेतासंदीप यादव, SP
2022 जीत का अंतर54,883 वोट
2024 लोकसभा खंड BJP वोट91,440
2024 SP वोट61,735
2024 BJP-SP अंतर29,705 वोट
प्रमुख सामाजिक समूहकायस्थ, ब्राह्मण, दलित, वैश्य, मुस्लिम, OBC

2026 की अंतिम मतदाता सूची में इलाहाबाद उत्तर प्रयागराज जिले की सबसे कम मतदाता संख्या वाली विधानसभा सीट है। अक्टूबर 2025 में यहां 4,28,711 वोटर थे, जो अप्रैल 2026 की अंतिम सूची में घटकर 2,82,901 रह गए। जिले की 12 सीटों में सबसे बड़ी शुद्ध कटौती भी इसी विधानसभा में दर्ज हुई।

Allahabad North Assembly Caste Equations: कायस्थ और ब्राह्मण सबसे बड़े पुराने सामाजिक आधार

Allahabad North Assembly Caste Equations के पुराने विस्तृत आकलन में कायस्थ मतदाताओं की संख्या करीब 1.10 लाख और ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या लगभग 90 हजार बताई गई थी। इसी प्रोफाइल में दलित करीब 60 हजार, वैश्य 50 हजार, मुस्लिम 25 हजार, पिछड़ा वर्ग 20 हजार, बंगाली करीब 7 हजार और पंजाबी मतदाता लगभग 5 हजार बताए गए थे।

हालांकि दूसरे पुराने चुनावी अध्ययनों में सामाजिक हिस्सेदारी काफी अलग मिलती है। एक प्रतिशत-आधारित आकलन में ब्राह्मण करीब 15.8 प्रतिशत, कायस्थ करीब 15 प्रतिशत, जाटव लगभग 10.9 प्रतिशत, यादव 10.5 प्रतिशत और मुस्लिम करीब 9.8 प्रतिशत बताए गए। इस अंतर से स्पष्ट है कि इन अनुमानों को सटीक जातिवार मतदाता गणना की तरह नहीं पढ़ा जा सकता।

मौजूदा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी की सामाजिक पहचान आधिकारिक विधानसभा प्रोफाइल में ब्राह्मण दर्ज है। 2022 में उन्हें करीब 97 हजार वोट मिले थे, जो किसी एक पुराने जातीय अनुमान से अधिक व्यापक सामाजिक समर्थन को दर्शाता है; हालांकि किस जाति ने किस अनुपात में मतदान किया, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

इलाहाबाद उत्तर विधानसभा का संकेतात्मक जातिगत समीकरण

जाति/समुदायपुराना संकेतात्मक अनुमान
कायस्थकरीब 1,10,000
ब्राह्मणकरीब 90,000
दलित / SCकरीब 60,000
वैश्य / बनियाकरीब 50,000
मुस्लिमकरीब 25,000
पिछड़ा वर्गकरीब 20,000
बंगालीकरीब 7,000
पंजाबीकरीब 5,000
पुराने आकलन का मतदाता आधारकरीब 4.10 लाख
2026 आधिकारिक कुल मतदाता2,82,901

पुराने जातीय अनुमान उस समय के हैं जब इलाहाबाद उत्तर में करीब 4.10 लाख मतदाता माने जा रहे थे। 2026 में कुल मतदाता संख्या इससे काफी कम हो चुकी है। इसलिए पुराने आंकड़ों को समान अनुपात में घटाकर नई जातिवार संख्या निकालना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।

निर्वाचन नामावली जाति के अनुसार प्रकाशित नहीं होती। ऊपर दिए गए आंकड़े केवल पुराने राजनीतिक और सामाजिक आकलन हैं, 2026 की आधिकारिक जाति-वार वोटर सूची नहीं

इलाहाबाद उत्तर वोटर लिस्ट 2026: 2,82,901 मतदाता

2027 के चुनाव से पहले इलाहाबाद उत्तर के चुनावी गणित में सबसे बड़ा दस्तावेज़ित बदलाव मतदाता सूची में दिखाई देता है।

मतदाता सूचीसंख्या
27 अक्टूबर 20254,28,711
10 अप्रैल 2026 की अंतिम सूची2,82,901
शुद्ध कमी1,45,810
कमी34.01%

इलाहाबाद उत्तर में 1,45,810 मतदाताओं की शुद्ध कमी प्रयागराज जिले की सभी विधानसभा सीटों में सबसे अधिक रही। 2026 की अंतिम सूची में यह सीट मतदाताओं की संख्या के लिहाज से जिले में सबसे नीचे पहुंच गई।

दिलचस्प रूप से 2003 की मतदाता सूची में इलाहाबाद उत्तर में 3,77,592 वोटर दर्ज थे। 2026 की अंतिम संख्या उससे भी 94,691 कम है।

इस बदलाव को किसी जाति या राजनीतिक दल से जोड़ना उचित नहीं होगा। सूची से कम हुए मतदाताओं की कोई आधिकारिक जातिवार या पार्टी-वार जानकारी उपलब्ध नहीं है। 2027 में इसका महत्व यह है कि पुराने बूथवार और जातिगत समीकरण अब बिल्कुल अलग कुल मतदाता आधार पर पढ़े जाएंगे।

कायस्थ-ब्राह्मण और शहरी मतदाता क्यों महत्वपूर्ण?

इलाहाबाद उत्तर की सामाजिक संरचना प्रयागराज की ग्रामीण विधानसभा सीटों से अलग है। यह प्रमुख शहरी विधानसभा क्षेत्र है और कायस्थ तथा ब्राह्मण दोनों समुदायों की मजबूत पुरानी मौजूदगी दर्ज की गई है।

फूलपुर संसदीय क्षेत्र के 2024 के सामाजिक आकलन में इलाहाबाद उत्तर और इलाहाबाद पश्चिम—दोनों शहरी विधानसभा क्षेत्रों में मिलाकर कायस्थ मतदाताओं की संख्या दो लाख से अधिक बताई गई थी।

राजनीतिक इतिहास में भी ब्राह्मण और कायस्थ दोनों सामाजिक पृष्ठभूमियों के नेताओं की लंबी मौजूदगी रही है। मौजूदा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ब्राह्मण हैं, जबकि पुराने चुनावों में कांग्रेस, BJP और BSP सभी यहां प्रतिस्पर्धी रहे हैं।

इसलिए इलाहाबाद उत्तर के जातिगत समीकरण में केवल समुदाय की संख्या नहीं, बल्कि शहरी मध्यम वर्ग, सरकारी-कर्मचारी परिवार, व्यापारिक मतदाता और उम्मीदवार की स्थानीय पहचान भी चुनावी संदर्भ का हिस्सा बनती है।

दलित, वैश्य, मुस्लिम और OBC वोट का असर

पुराने सामाजिक आकलन में दलित मतदाता करीब 60 हजार और वैश्य मतदाता करीब 50 हजार बताए गए थे। मुस्लिम मतदाताओं का पुराना अनुमान 25 हजार और व्यापक पिछड़ा वर्ग करीब 20 हजार था।

लेकिन 2022 के परिणाम में BSP को सिर्फ 9,614 वोट मिले, जबकि SP को 42,007 और कांग्रेस को 23,571 वोट मिले। इससे किसी जाति का वोट किस दल में गया, यह तय नहीं किया जा सकता, लेकिन यह जरूर दिखता है कि चुनाव का मुख्य वोट चार अलग राजनीतिक खेमों में बंटा था और BJP ने सबसे बड़ा हिस्सा हासिल किया।

इलाहाबाद उत्तर में 2027 के सामाजिक समीकरण को समझते समय इसलिए कायस्थ-ब्राह्मण आधार के साथ दलित, वैश्य, मुस्लिम, यादव और दूसरे OBC मतदाताओं के वितरण को भी देखना होगा।

इलाहाबाद उत्तर विधानसभा चुनाव 2022: BJP की 54,883 वोट से जीत

2022 विधानसभा चुनाव में हर्षवर्धन बाजपेयी को 96,890 वोट मिले। SP के संदीप यादव ने 42,007 और कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह ने 23,571 वोट हासिल किए। BSP के संजय गोस्वामी को 9,614 वोट मिले। BJP की जीत का अंतर 54,883 वोट था।

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट शेयर
हर्षवर्धन बाजपेयीBJP96,89055.07%
संदीप यादवSP42,00723.88%
अनुग्रह नारायण सिंहकांग्रेस23,57113.40%
संजय गोस्वामीBSP9,6145.46%
संजीव मिश्राAAP1,2490.71%
NOTA9190.52%
BJP की जीत54,883

2022 में यह सीट कुल 4,42,351 पंजीकृत मतदाताओं के आधार पर लड़ी गई थी। 2026 की अंतिम सूची का 2,82,901 वाला वोटर बेस इससे भी लगभग 1.59 लाख कम है।

2012 से 2022 तक कैसे बदली इलाहाबाद उत्तर की राजनीति?

चुनावविजेतापार्टीवोटजीत का अंतर
2012अनुग्रह नारायण सिंहकांग्रेस54,78716,092
2017हर्षवर्धन बाजपेयीBJP89,19135,025
2022हर्षवर्धन बाजपेयीBJP96,89054,883

2012 में कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह ने BSP के हर्षवर्धन बाजपेयी को 16,092 वोट से हराया था। 2017 में हर्षवर्धन बाजपेयी BJP के टिकट पर जीते और 2022 में लगातार दूसरी बार सीट बरकरार रखी।

इन तीन चुनावों में जीत का अंतर लगातार बढ़ा—16 हजार से 35 हजार और फिर करीब 55 हजार वोट तक। यह ऐतिहासिक तथ्य है; इसे 2027 के परिणाम की भविष्यवाणी के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।

2017 में BJP को मिले थे 89,191 वोट

2017 विधानसभा चुनाव में BJP के हर्षवर्धन बाजपेयी को 89,191 वोट मिले। कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह को 54,166 और BSP के अमित श्रीवास्तव को 23,388 वोट मिले। BJP ने 35,025 वोट से सीट जीती।

2017 प्रत्याशीपार्टीवोट
हर्षवर्धन बाजपेयीBJP89,191
अनुग्रह नारायण सिंहकांग्रेस54,166
अमित श्रीवास्तवBSP23,388
BJP की जीत35,025

2017 में BJP का वोट शेयर करीब 51.5 प्रतिशत था, जबकि कांग्रेस को करीब 31.3 प्रतिशत और BSP को 13.5 प्रतिशत वोट मिले।

2012 में कांग्रेस की 16,092 वोट से जीत

2012 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह को 54,787 वोट मिले। BSP से चुनाव लड़ रहे हर्षवर्धन बाजपेयी को 38,695 और BJP के उदयभान करवरिया को 34,983 वोट मिले।

2012 प्रत्याशीपार्टीवोट
अनुग्रह नारायण सिंहकांग्रेस54,787
हर्षवर्धन बाजपेयीBSP38,695
उदयभान करवरियाBJP34,983
शशांक त्रिपाठीSP12,418
कांग्रेस की जीत16,092

2012 में BJP और BSP दोनों का अलग बड़ा वोट था। 2017 तक हर्षवर्धन बाजपेयी BJP उम्मीदवार बने और उन्होंने सीट जीती। यह उम्मीदवार और पार्टी संयोजन में बदलाव का उल्लेखनीय उदाहरण है।

2024 लोकसभा चुनाव में BJP की 29,705 वोट की बढ़त

2024 लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद उत्तर विधानसभा खंड से BJP के प्रवीण पटेल को 91,440 वोट मिले। SP के अमरनाथ मौर्य को 61,735 वोट मिले। BJP की SP पर बढ़त 29,705 वोट रही।

2024 लोकसभा: इलाहाबाद उत्तर खंडवोटवोट शेयर
BJP91,44056.88%
SP61,73538.40%
BJP की SP पर बढ़त29,705

पूरे फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में BJP ने सिर्फ 4,332 वोट से जीत दर्ज की थी। विधानसभा-वार नतीजों में फाफामऊ, सोरांव और फूलपुर में SP आगे रही, जबकि इलाहाबाद पश्चिम और इलाहाबाद उत्तर में BJP को बढ़त मिली।

इससे शहरी और ग्रामीण विधानसभा खंडों के मतदान में अंतर दिखाई देता है, लेकिन संसदीय परिणाम को 2027 विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

2019 से 2024 तक लोकसभा-खंड ट्रेंड

2019 लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद उत्तर विधानसभा खंड से BJP को 1,06,303 वोट मिले थे। SP को 45,391 और कांग्रेस को 11,826 वोट मिले। BJP की SP पर बढ़त 60,912 वोट थी।

2024 में BJP को 91,440 और SP को 61,735 वोट मिले। BJP-SP अंतर घटकर 29,705 रह गया।

लोकसभा चुनावBJP वोटSP वोटBJP-SP अंतर
20191,06,30345,39160,912
202491,44061,73529,705

दोनों चुनावों में उम्मीदवार और राजनीतिक संदर्भ अलग थे। इसलिए अंतर में आई कमी को विधानसभा का स्थायी वोट स्विंग मानना उचित नहीं होगा।

कांग्रेस और BSP के बदलते वोट का संदर्भ

इलाहाबाद उत्तर का चुनावी इतिहास कांग्रेस के लिए भी महत्वपूर्ण रहा है। अनुग्रह नारायण सिंह ने 2007 और 2012 में सीट जीती थी और 2017 में 54,166 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। 2022 में कांग्रेस का वोट घटकर 23,571 रह गया।

BSP का वोट 2012 में 38,695, 2017 में 23,388 और 2022 में 9,614 रहा। इन चुनावों में उम्मीदवार बदलते रहे, इसलिए इस गिरावट को किसी एक जाति के वोट ट्रांसफर के रूप में नहीं देखा जा सकता।

चुनावकांग्रेस वोटBSP वोट
201254,78738,695
201754,16623,388
202223,5719,614

2027 में तीसरे और चौथे राजनीतिक खेमे का वोट कितना रहता है, यह मुख्य मुकाबले के कुल वोट वितरण को प्रभावित कर सकता है।

2026 की नई वोटर लिस्ट क्यों सबसे बड़ा नया बदलाव है?

इलाहाबाद उत्तर की मतदाता संख्या अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच 1,45,810 घट गई। यह 34.01 प्रतिशत की कमी है।

तुलनासंख्या
2026 SIR में मतदाता कमी1,45,810
2012 जीत का अंतर16,092
2017 जीत का अंतर35,025
2022 जीत का अंतर54,883
2024 लोकसभा-खंड BJP-SP अंतर29,705

मतदाता सूची में हुआ बदलाव इन सभी चुनावी अंतरों से बड़ा है। लेकिन इससे यह नहीं कहा जा सकता कि किसी खास दल या जाति के समर्थकों की संख्या उसी अनुपात में घटी है।

इस बदलाव का व्यावहारिक अर्थ है कि 2027 में मतदान प्रतिशत और बूथवार प्रदर्शन की तुलना करते समय पुराने 4.28 लाख या 4.42 लाख वाले मतदाता आधार की जगह नई 2.83 लाख वाली सूची को ध्यान में रखना होगा।

2027 से पहले चुनावी तस्वीर क्या बताती है?

इलाहाबाद उत्तर के हालिया विधानसभा रिकॉर्ड में BJP ने 2017 और 2022 के चुनाव जीते हैं। 2022 में जीत का अंतर 54,883 वोट रहा। 2024 लोकसभा चुनाव में भी BJP को इस विधानसभा खंड में SP से 29,705 वोट अधिक मिले।

दूसरी ओर 2019 की तुलना में 2024 के संसदीय चुनाव में BJP-SP अंतर लगभग आधा रह गया। इसके साथ ही 2026 में मतदाता सूची का आधार असाधारण रूप से बदलकर 2,82,901 रह गया है।

इन तथ्यों से 2027 का परिणाम तय नहीं होता। उम्मीदवार, गठबंधन, मतदान प्रतिशत, कांग्रेस-BSP सहित अन्य दलों का प्रदर्शन और नई मतदाता सूची पर वास्तविक मतदान अलग-अलग प्रभाव डाल सकते हैं।

2027 में किन फैक्टरों पर रहेगी नजर?

चुनावी फैक्टरचुनावी संदर्भ
कायस्थ वोटपुराने आकलन में सबसे बड़ा सामाजिक समूह
ब्राह्मण वोटबड़ा पुराना सामाजिक आधार; वर्तमान विधायक भी इसी समुदाय से
दलित वोटपुराने अनुमान में करीब 60 हजार
वैश्य/व्यापारी वोटशहरी सीट के सामाजिक ढांचे में महत्वपूर्ण
मुस्लिम वोटपुराने अनुमानों में उल्लेखनीय संख्या
यादव व दूसरे OBCविपक्षी और व्यापक सामाजिक गठजोड़ में भूमिका
वर्तमान विधायकहर्षवर्धन बाजपेयी, BJP
2022 परिणामBJP की 54,883 वोट की जीत
2024 लोकसभा खंडBJP-SP अंतर 29,705 वोट
कांग्रेस और BSPहालिया विधानसभा चुनावों में वोट आधार बदला
2026 मतदाता सूची1,45,810 मतदाताओं की शुद्ध कमी
मतदान प्रतिशतशहरी सीट पर ऐतिहासिक रूप से अपेक्षाकृत कम मतदान

इलाहाबाद उत्तर विधानसभा के जातिगत समीकरण और 2027 का चुनावी निष्कर्ष

इलाहाबाद उत्तर विधानसभा के जातिगत समीकरण में कायस्थ और ब्राह्मण समुदाय पुराने आकलनों के अनुसार सबसे बड़े सामाजिक आधारों में रहे हैं। इसके साथ दलित, वैश्य, मुस्लिम, यादव और दूसरे पिछड़े समुदाय भी चुनावी संरचना का हिस्सा हैं। पुराने एक आकलन में कायस्थ करीब 1.10 लाख, ब्राह्मण 90 हजार, दलित 60 हजार और वैश्य करीब 50 हजार बताए गए थे। इन आंकड़ों को 2026 की आधिकारिक जातिवार मतदाता संख्या नहीं माना जाना चाहिए।

सबसे बड़ा बदलाव मतदाता सूची में है। 2026 की अंतिम सूची में इलाहाबाद उत्तर में अब 2,82,901 मतदाता हैं, जो अक्टूबर 2025 के मुकाबले 1,45,810 कम हैं। 34.01 प्रतिशत की यह गिरावट प्रयागराज जिले में सबसे अधिक है।

चुनावी रिकॉर्ड में 2012 में कांग्रेस ने सीट जीती थी, जबकि 2017 और 2022 में BJP के हर्षवर्धन बाजपेयी विजयी रहे। 2022 में BJP का जीत अंतर 54,883 वोट था। 2024 लोकसभा चुनाव में BJP इलाहाबाद उत्तर विधानसभा खंड में SP से 29,705 वोट आगे रही।

इसलिए करीब 2.83 लाख मतदाताओं वाली इलाहाबाद उत्तर विधानसभा में 2027 का चुनावी गणित कायस्थ-ब्राह्मण वोट के वितरण, दलित-वैश्य-मुस्लिम और OBC मतदाताओं की दिशा, कांग्रेस-BSP सहित अन्य दलों के वोट के आकार, उम्मीदवारों की स्थानीय पकड़, मतदान प्रतिशत और 2026 की नई मतदाता सूची के संयुक्त प्रभाव से बनेगा।

  • समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।

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