रोहित वेमुला से साहिल वाकोडे तक... IIT के कितने छात्रों ने कब-कब और किन कारणों से की आत्महत्या? - from rohit vemula to sahil wakode how many iit students have died by suicide and when and why did it happen detail story

Published on 21 सित॰ 2026

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Published: Mon, 21 Sep 2026 05:35 PM (IST)Updated: Mon, 21 Sep 2026 05:37 PM (IST)

पिछले कुछ वर्षों में देशभर के IIT से आत्महत्या के कई मामले सामने आए हैं, बीते दिनों आईआईटी बॉम्बे में ...और पढ़ें

आईआईटी में छात्रों की आत्महत्या क्या है वजह?

आईआईटी में छात्रों की आत्महत्या क्या है वजह?

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई (IIT बॉम्बे) में बीते शुक्रवार को बीटेक के छात्र साहिल वाकोडे ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों के अंदरूनी माहौल पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी अगर पिछले कुछ वर्षों का आकड़ा देखा जाए तो IIT परिसरों से लगातार छात्रों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की खबरें सामने आती रही हैं। साहिल वाकोडे द्वारा कई गई आत्महत्या 2016 के बहुचर्चित 'रोहित वेमुला सुसाइड केस' की याद दिलाती है, जब आरोप लगा था कि रोहित वेमुला ने भेदभाव के कारण आत्महत्या की थी।

ऐसे में चलिए जानते हैं कि रोहित वेमुला सुसाइड केस में अब तक क्या-क्या हुआ है और ईआईटी के कितने छात्रों ने कब-कब और किन कारणों से की आत्महत्या की है।

साहिल वाकोडे सुसाइड केस

आईआईटी बॉम्बे में बीटेक का छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर की शाम अपने कमरे में मृत पाया गया। आत्महत्या से हुई मौत के विरोध में संस्थान के मुख्य गेट पर बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।

बताया जा रहा है कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उसे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद छात्र के पिता ने प्रोफेसर पर उनके बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। छात्र के पिता की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने इस मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।

पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर और इनविजिलेटर सूर्यनारायण डूला पिछले तीन महीने से उनके बेटे के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां कर रहे थे। पुलिस ने प्रोफेसर डूला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

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आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी ने दी स्पष्टीकरण

आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, छात्र को परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया था और उसने जवाब खोजने के लिए प्रश्न पत्र को चैटजीपीटी पर अपलोड किया था। हालांकि, संस्थान ने स्पष्ट किया कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।

आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने भी प्रोफेसर डूला के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा कि शैक्षणिक नकल का पता चलने के बाद प्रोफेसर केवल संस्थान द्वारा स्वीकृत प्रक्रियाओं का पालन कर रहे थे। उन्होंने इस घटना की सूचना आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों को दे दी थी।

संस्थान ने बताया कि प्रोफेसर डूला और विभागाध्यक्ष ने छात्र की काउंसलिंग की थी और उसे आश्वासन दिया था कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया था, जहां बाद में वह मृत पाया गया।

बता दें कि पिछले 7 महीने में IIT बॉम्बे कैंपस में सुसाइड का यह तीसरा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले इसके बाद जुलाई में नया सेमेस्टर शुरू होते ही इसी हॉस्टल में 20 साल के बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र ने सुसाइड किया था। फरवरी में हॉस्टल-4 में सेकेंड ईयर के एक छात्र ने जान दी थी।

रोहित वेमुला सुसाइड केस 2016

हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पीएचडी स्कॉलर रोहित वेमुला ने जनवरी 2016 में खुदकुशी की थी। इस दौरान तेलंगान में टीआरएस और केंद्र में बीजेपी की सरकार थी। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शिक्षा मंत्री थी।

इस मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने जांच में पाया कि पीएचडी का छात्र रोहित दलित था। विश्वविद्यालय व हॉस्टल से निलंबन और फेलोशिप रोकने जैसे भेदभाव वाले बर्ताव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान था।

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दलित नहीं था फिर क्यों की आत्महत्या?

वहीं इस मामले की जांच बंद करते हुए पुलिस ने तेलंगाना हाई कोर्ट में दावा किया था कि रोहित को यह पता था कि वह दलित नहीं था और जाति की पहचान उजागर होने के डर से उसने आत्‍महत्‍या कर ली थी। जनवरी 2016 में रोहित वेमुला की आत्महत्या से मौत के कारण विश्वविद्यालयों में दलितों के खिलाफ भेदभाव को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।

हालांकि, तेलंगाना हाई कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में पुलि ने कहा था कि हित को पता था कि उनकी मां ने उन्हें अनसूचित जाति का सर्टिफिकेट दिलवाया था। रोहित वेमुला इसी सर्टिफिकेट के जरिए अपनी एकेडिमिक उपलब्धियां हासिल की थीं और लगातार आगे बढ़ रहे थे।

रोहित को यह डर था कि अगर उनकी जाति की सच्चाई बाहर आ गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस के अनुसार रोहित ने इसी कार्रवाई के डर से आत्महत्या कर लिया।

दर्शन सोलंकी सुसाइड केस 12 फरवरी 2023

12 फरवरी को दर्शन सोलंकी ने आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। दर्शन सोलंकी आईआईटी बॉम्बे में केमिकल इंजीनियरिंग का छात्र था। इस मामले में सोलंकी के परिवार का आरोप था कि जातिगत भेदभाव के कारण उसने आत्महत्या की थी। हालांकि, जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सीधे तौर पर जातिगत भेदभाव से जुड़े कोई सबूत नहीं मिले।

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पुलिस ने दर्शन सोलंकी के आत्महत्या मामले में कई लोगों का बयान दर्ज किया था। वहीं दर्शन सोलंकी के सुसाइड नोट में छात्र अरमान इकबाल खत्री का नाम लिखा था, SIT की पूछताछ में आईआईटी बॉम्बे के कई स्टूडेंट्स ने पुलिस को बताया कि आत्महत्या के कुछ दिनों पहले दर्शन सोलंकी और अरमान के बीच विवाद हुआ था।

जिसे 9 अप्रैल 2023 को मुंबई पुलिस की SIT ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में आरोपी अरमान खत्री को सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

आईआईटी मद्रास सचिन सुसाइड केस 31 मार्च 2023

आईआईटी मद्रास में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 32 वर्षीय पीएचडी छात्र सचिन ने 31 मार्च 2023 को हॉस्टल में सुसाइड कर लिया था। इस आत्मघाती कदम को उठाने से पहले सचिन ने अपने व्हाट्सएप पर लिखा, "माफ कीजिए, मैं उतना अच्छा नहीं हूं।"

छात्र के परिजनों ने प्रोफेसर आशीष सेन पर मानसिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। जांच में अमानवीय व्यवहार की पुष्टि के बाद संस्थान की प्रबंध परिषद ने प्रोफेसर सेन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।

IIT दिल्ली स्टूडेंट ने की आत्महत्या

पिछले महीने 22 अगस्त को IIT दिल्ली के छात्र ऋषिकेश कुमार ने कैंपस में सुसाइड कर लिया। उसने IIT दिल्ली के लेक्चरर हाल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी। इस मामले में बताया गया कि ऋषिकेश हॉस्टल में कमरा न मिलने से परेशान था।

कई कोशिशों के बाद भी जब उसे हॉस्टल में कमरा नहीं मिला तो वह अपनी मां के साथ कॉलेज के बाहर रूम लेकर रहने लगा। लेकिन वह वे अपने क्लासमेट और कैंपस सपोर्ट नेटवर्क से और अलग हो गया था, जिसके कारण यह कदम उठाया।