लखनऊ21 मिनट पहले
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अपना दल (S) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय में संगठन की समीक्षा बैठक की। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों, बूथ मैनेजमेंट और संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद भास्कर रिपोर्टर ने अनुप्रिया पटेल से पूर्व IAS दिव्या मित्तल से मिलने वाली चुनौती को लेकर सवाल किया। 9 बार पूछने पर भी अनुप्रिया ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने दूसरे मुद्दों पर बात करना ही बेहतर समझा।
दिव्या मित्तल यूपी कैडर की 2013 बैच की पूर्व IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 30 अगस्त को नौकरी से इस्तीफा दिया था। 29 सितंबर उन्होंने घोषणा की कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी। उन्होंने मिर्जापुर से चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। भास्कर पोल में भी आम जनता की यही राय निकलकर सामने आई थी।

अनुप्रिया ने दावा किया कि 2027 में NDA गठबंधन लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगा।
2027 में NDA की 'हैट्रिक' का दावा
पत्रकारों से बातचीत में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अपना दल (एस) NDA का मजबूत और भरोसेमंद सहयोगी है। 2017 और 2022 की तरह 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी NDA को बड़ी जीत मिलेगी।
उन्होंने कहा-

हमारा लक्ष्य 2027 में यूपी में फिर NDA की सरकार बनाना है। हर सीट पर NDA का प्रत्याशी होगा, चाहे सीट अपना दल के खाते में आए या किसी दूसरे सहयोगी दल के पास। हमारी कोशिश हर सीट पर गठबंधन के प्रत्याशी को जिताने की होगी। इसके लिए पार्टी का हर कार्यकर्ता जमीन पर पूरी ताकत से काम करेगा।

'हार के बाद बहाने ढूंढना बंद करे विपक्ष'
विपक्ष के लगातार चुनाव आयोग, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने को लेकर अनुप्रिया पटेल ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव हार जाता है, तो अपनी नाकामियों का विश्लेषण करने के बजाय किसी न किसी संस्था पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश करता है।
विपक्ष के आरोपों को हवा में उड़ाते हुए उन्होंने सीधे सवाल दागे, 'अगर देश की चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह दूषित और गलत है, तो विपक्ष यह बताए कि केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में किसकी सरकारें चल रही हैं? जब इन राज्यों में विपक्षी दलों की जीत होती है, तब तो पूरी चुनावी प्रक्रिया एकदम पारदर्शी और ठीक हो जाती है, लेकिन जब NDA जनता का जनादेश जीतकर सरकार बनाता है, तो प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जाने लगते हैं। अगर विपक्ष का तर्क सही है, तो क्या इन सभी राज्यों की सरकारों को भी भंग कर देना चाहिए?'

उन्होंने आगे कहा कि 2024 के चुनाव में विपक्ष ने झूठ और भ्रम का माहौल बनाकर थोड़ा चुनावी फायदा तो हासिल कर लिया, लेकिन अब जनता उनके इस पैंतरे को समझ चुकी है। 2027 में विपक्ष को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ेगा।

अनुप्रिया ने कहा- विपक्ष को 2027 में भी हार का ठीकरा किसी और के सिर फोड़ना है।
'100% स्ट्राइक रेट ही हमारा एकमात्र लक्ष्य'
समीक्षा बैठक के दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने काफी आक्रामक और सकारात्मक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने संगठन की बारीक समीक्षा करते हुए कार्यकर्ताओं को कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी-
1. 100% स्ट्राइक रेट का संकल्प : अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी चुनाव में पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जितने भी प्रत्याशी मैदान में उतरें, उन सभी की जीत (100% स्ट्राइक रेट) सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि संगठन समीक्षा बैठकों का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि हमारे ढांचे में जरा सी भी कमी न रह जाए।
2. हर चौखट और झोपड़ी पर लहराए झंडा : प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिए गए अभियानों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा, 'अब समय आ गया है कि कार्यकर्ता अपना दल का झंडा हाथ में थामें और गाँव-गाँव, गली-गली निकल पड़ें। उत्तर प्रदेश का एक भी गाँव या बूथ ऐसा नहीं बचना चाहिए जहाँ किसी मकान, चौखट या झोपड़ी पर अपना दल का झंडा लहराता हुआ दिखाई न दे। जब चारों तरफ पार्टी का झंडा दिखेगा, तो कार्यकर्ताओं का मनोबल और आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाएगा।'
3. विरोधी हमला करें तो समझें आप सही राह पर हैं : कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि जब विरोधी आपके अस्तित्व से घबराते हैं, तो वे कुंठा और हताशा में आकर अपशब्दों और आलोचनाओं का सहारा लेते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, 'अगर चारों तरफ से आपको निशाना बनाया जा रहा है, तो इसका सीधा मतलब है कि आप पूरी चर्चा के केंद्र में हैं और आपको भरपूर अटेंशन मिल रहा है। विरोधियों की इस हताशा का आनंद लेना सीखिए और मछली की आंख की तरह सिर्फ अपने लक्ष्य पर नजर बनाए रखिए।'
4. भाषाई मर्यादा का रखें खास ध्यान : उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया टीम को सख्त हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक मंचों, बैठकों या सोशल मीडिया पर भाषाई मर्यादा का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। पार्टी की पहचान एक अनुशासित और सकारात्मक संगठन के रूप में ही रहनी चाहिए।

अनुप्रिया ने सभी जिलों के कार्यकर्ताओं से चुनाव तैयारियों में जुटने की अपील की।
आगामी कार्यक्रमों का बड़ा ऐलान
पार्टी के जनाधार को और व्यापक बनाने के लिए आगामी दिनों में होने वाले बड़े कार्यक्रमों की तारीखों की भी घोषणा की गई। समीक्षा बैठक में बताया गया कि पार्टी विभिन्न जनपदों में विशाल 'जिला कार्यकर्ता समागम' आयोजित करने जा रही है:
- 11 तारीख: मऊ जनपद में जिला कार्यकर्ता समागम।
- 17 तारीख: प्रतापगढ़ में एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण आयोजन।
- 25 तारीख: लखीमपुर खीरी में कार्यकर्ताओं का बड़ा सम्मेलन।
- 4 नवंबर: रामपुर जनपद में विशाल कार्यकर्ता समागम।
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