Shani Vakri 2026: 2032 तक साढ़ेसाती के लपेटे में ये राशि, कल से वक्री शनि भी देगा कष्ट

Published on 26 जुल॰ 2026

Shani Vakri 2026: 27 जुलाई से लेकर 11 दिसंबर तक शनि वक्री रहने वाले हैं. शनि मेष राशि के जातकों के लिए कर्म भाव (10वें) और लाभ भाव (11वें) के स्वामी हैं. शनि आपकी राशि के 12वें भाव में वक्री हो रहे हैं. आइए जानते हैं कि वक्री शनि मेष राशि के जातकों को कैसे परिणाम देने वाली है.

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मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण भी चल रहा है. (Photo: ITG)

मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण भी चल रहा है. (Photo: ITG)

27 जुलाई को शनि देव मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने वाले हैं. इसके बाद शनि 11 दिसंबर तक वक्री रहने वाले हैं. शनि मेष राशि के जातकों के लिए कर्म भाव (10वें) और लाभ भाव (11वें) के स्वामी हैं. शनि आपकी राशि के 12वें भाव में वक्री हो रहे हैं. 12वें भाव में शनि का वक्री होना सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है. इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण भी चल रहा है. हालांकि, शनि के वक्री होने से इस स्थिति के कुछ कठोर प्रभाव कम हो सकते हैं. ऐसे में यह समय मिले-जुले परिणाम देने वाला रह सकता है.

आर्थिक स्थिति
आर्थिक मामलों में यह समय संतुलन बनाए रखने की सलाह देता है. आय प्राप्त करने में कुछ देरी या रुकावट महसूस हो सकती है, लेकिन सकारात्मक पक्ष यह रहेगा कि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रहेगा. पहले की तुलना में बचत करने के अवसर बढ़ सकते हैं और फिजूल खर्ची कम होने की संभावना रहेगी.

करियर और व्यापार
नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को कार्यों में अपेक्षा से अधिक समय लग सकता है. कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट या योजना बीच में धीमी पड़ सकती है. व्यापार में लाभ मिलने में विलंब हो सकता है, इसलिए धैर्य और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना बेहतर रहेगा. जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचना लाभदायक होगा.

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स्वास्थ्य
स्वास्थ्य के मामले में अत्यधिक भागदौड़ और मानसिक दबाव कम हो सकता है, जिससे शरीर को कुछ राहत मिलेगी. फिर भी अपनी दिनचर्या और ऊर्जा के स्तर पर ध्यान देना आवश्यक रहेगा. पर्याप्त आराम और नियमित जीवनशैली अपनाने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.

रिश्ते और पारिवारिक जीवन
पारिवारिक और सामाजिक संबंध सामान्य बने रहेंगे. हालांकि, कामकाज में आने वाली देरी या तनाव का असर व्यक्तिगत रिश्तों पर न पड़े, इसका ध्यान रखना होगा. धैर्य और सकारात्मक संवाद से संबंधों में सामंजस्य बनाए रखना आसान होगा.

उपाय
शनि की वक्री चाल के दौरान नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है. इससे मानसिक मजबूती बढ़ेगी और कार्यों में आने वाली बाधाओं को कम करने में सहायता मिल सकती है.

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