नाथपा झाकड़ी में मजदूरों की कई मांगे पूरीं: 21 हजार से अधिक वेतन पर भी मिलेगा बोनस, भत्ता बढ़ा, चंडीगढ़ में सहायक श्रम आयुक्त मौजूदगी में सहमति - Rampur (Shimla) News

Published on 7 अग॰ 2026

सतलुज जल विद्युत निगम (SJVN) के झाकड़ी में कार्यरत ठेका मजदूरों की लंबे समय से लंबित मांगों पर आखिरकार प्रबंधन के साथ सहमति बन गई है। यह महत्वपूर्ण समझौता केंद्रीय श्रम विभाग के हस्तक्षेप के बाद चंडीगढ़ में सहायक श्रम आयुक्त की मौजूदगी में आयोजित त्र

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बोनस की सीमा में बदलाव और वर्दी-धुलाई भत्ते में बढ़ोतरी

  • बोनस का लाभ: अब 21 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को भी बोनस का लाभ मिल सकेगा। यह नया प्रावधान 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
  • वर्दी भत्ता: संविदा कर्मचारियों का वार्षिक वर्दी भत्ता 7,200 रुपये से बढ़ाकर सीधे 8,500 रुपये कर दिया गया है। बढ़ा हुआ वर्दी भत्ता 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
  • धुलाई भत्ता: कर्मचारियों के मासिक धुलाई भत्ते को भी 120 रुपये से बढ़ाकर अब 150 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
झांकड़ी में ठेका मजदूर यूनियन के सदय गेट मीटिंग करते हुए।

झांकड़ी में ठेका मजदूर यूनियन के सदय गेट मीटिंग करते हुए।

10 सूत्रीय मांगपत्र को लेकर जारी था आंदोलन

यूनियन के पदाधिकारियों—सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, यूनियन अध्यक्ष राजकुमार, उपाध्यक्ष गुरदास और महासचिव कामराज—ने संयुक्त रूप से बताया कि 23 मार्च 2026 को प्रबंधन को एक 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया था। इस मांगपत्र में मुख्य रूप से ग्रेच्युटी, कार्य की प्रकृति के अनुसार पद व वेतन निर्धारण, पदोन्नति (प्रमोशन) नीति, वार्षिक इंक्रीमेंट, स्पेशल अलाउंस, यात्रा भत्ता, मेडिकल और धुलाई भत्ता जैसी जायज मांगें शामिल थीं।

प्रबंधन द्वारा कोई सकारात्मक कदम न उठाए जाने के कारण मजबूरन 17 जून से लंच टाइम में रोष प्रदर्शन शुरू किया गया। इसके बाद विवाद बढ़ने पर 23 जुलाई को हड़ताल का ऐलान किया गया था, लेकिन श्रम विभाग के बीच में आने के बाद वार्ता का दौर शुरू हुआ। शुरुआती वार्ता बेनतीजा रहने पर यूनियन ने 6 अगस्त को दोबारा पूर्ण हड़ताल पर जाने का फैसला किया, जिसके बाद प्रबंधन के विशेष अनुरोध पर केंद्रीय श्रम विभाग ने तुरंत हस्तक्षेप किया और यह समझौता वार्ता सफल रही।

कौशल श्रेणियों की समीक्षा और ट्रेड संशोधन पर भी रजामंदी

आर्थिक लाभों के अतिरिक्त, समझौते में कार्य की प्रकृति के आधार पर श्रमिकों की कौशल श्रेणियों (Skill Categories) के वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षा करने पर भी प्रबंधन ने सहमति जताई है। इसके तहत सामग्री प्रबंधन समूह और हार्ड कोटिंग सुविधा से जुड़े 20 प्रमुख श्रमिकों के ट्रेड को आपसी सहमति से संशोधित किया जाएगा, जो 1 सितंबर से प्रभावी होगा।

यूनियन के महासचिव कामराज ने कहा कि यद्यपि यह एक ऐतिहासिक जीत है, लेकिन प्रबंधन को ग्रेच्युटी और कार्य की प्रकृति के अनुसार पद व वेतन निर्धारण जैसी शेष बची मांगों पर भी जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि मजदूरों को उनका पूर्ण हक मिल सके।