210 रन भी नहीं बना पाया पाकिस्तान, बाबर आज़म ने हार के बाद अपने बल्लेबाज़ों को जमकर लताड़ा

Published on 29 जुल॰ 2026

वेस्ट इंडीज़ ने पहले टेस्ट में पाकिस्तान को 90 रनों से हराया। 211 के लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तानी टीम 120 पर सिमट गई। बाबर आज़म (58) को छोड़कर कोई नहीं चला, जबकि जेडन सील्स ने 5 विकेट झटके।

पोर्ट ऑफ स्पेन: वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट में पाकिस्तान को शर्मनाक हार झेलनी पड़ी है। मैच के चौथे दिन 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम सिर्फ 120 रनों पर ढेर हो गई और 90 रनों से मैच हार गई। दोबारा कप्तानी संभालने वाले बाबर आज़म 58 रन बनाकर एक छोर पर टिके रहे, लेकिन उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। उनके अलावा सिर्फ मोहम्मद अब्बास (23) और मोहम्मद रिज़वान (11) ही दहाई का आंकड़ा छू पाए। वेस्ट इंडीज़ के लिए जेडन सील्स ने सिर्फ 20 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि जस्टिन ग्रीव्स और केमार रोच ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी।

यह पाकिस्तान की विदेश में लगातार आठवीं टेस्ट हार है। टीम ने 2023 में श्रीलंका के खिलाफ जीत के बाद से कोई भी अवे टेस्ट मैच नहीं जीता है। वहीं, पिछले 11 टेस्ट मैचों में यह वेस्ट इंडीज़ की सिर्फ दूसरी जीत है। इससे पहले, चौथे दिन वेस्ट इंडीज़ अपनी दूसरी पारी में 181 रन पर ऑल आउट हो गई थी।

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वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ इस करारी हार के बाद कप्तान बाबर आज़म ने अपने ही बल्लेबाज़ों पर जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा, "मैच का नतीजा हमेशा हमारे हाथ में नहीं होता। हमने पिछले दो दिन अच्छा खेला, लेकिन आज एक बैटिंग यूनिट के तौर पर हम पूरी तरह फेल हो गए। बल्लेबाज़ों ने लगातार अपने विकेट फेंके, जो हार की वजह बना।" बाबर ने माना कि चौथे दिन नई गेंद से स्विंग मिलना स्वाभाविक था और विंडीज़ के गेंदबाज़ों ने हालात का बखूबी फायदा उठाया।

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बाबर ने आगे कहा कि बल्लेबाज़ अहम साझेदारियां बनाने में नाकाम रहे, जिससे टीम हार की ओर चली गई। उन्होंने पूर्व कप्तान शान मसूद की चोट को भी हार का एक कारण बताया, जो उंगली में फ्रैक्चर के बावजूद आठवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे थे। बाबर ने कहा, “शान मसूद की उंगली की चोट गंभीर है। उनकी कमी से बल्लेबाज़ी पर असर पड़ा। हमारा प्लान था कि नई गेंद से पहले 20 ओवरों तक टिके रहें और पार्टनरशिप बनाएं। गेंद पुरानी होने पर बल्लेबाज़ी आसान हो जाती, लेकिन कोई भी इस प्लान को लागू नहीं कर सका।”