29 को भोपाल में होगा फाइनल:नया टैक्स कानून सीखने के लिए अफसर-कर्मचारी खेल रहे ‘कौन बनेगा करपति’; तीन राज्यों से 550 में 60 चुने
भोपाल20 मिनट पहले
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देश में छह दशक पुराना आयकर कानून बदल चुका है। 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट-2025 लागू हो गया है। नए कानून और टैक्स की पेचीदगियां आयकर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को आसानी से समझाने के लिए राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) के भोपाल क्षेत्रीय परिसर ने रोचक तरीका अपनाया है। टीवी के मशहूर शो की तर्ज पर विभागीय अमले के लिए ‘कौन बनेगा करपति’ प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के 8 शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रायपुर, बिलासपुर और नागपुर के आयकर केंद्रों में हुई। गूगल लिंक से रजिस्ट्रेशन हुआ और 550 प्रतिभागी शामिल हुए।
प्रतियोगिता में नए इनकम टैक्स एक्ट-2025 के साथ पुराने नियमों पर भी उनका ज्ञान परखा गया। प्रतिभागियों को दो श्रेणियों में बांटा गया। श्रेणी-1 में आयकर निरीक्षक (इंस्पेक्टर) तक के पदों के कर्मचारी और श्रेणी-2 में आयकर अधिकारी (आईटीओ) एवं उससे ऊपर के पदों के अधिकारी शामिल हुए।
पहले चरण के परिणाम के आधार पर दोनों श्रेणियों से 30-30 प्रतिभागी चुने गए हैं। अब 29 सितंबर को एनएडीटी के भोपाल परिसर में टियर-2 और फाइनल मुकाबला होगा।
ये रहे पहले चरण के विजेता
श्रेणी-1: इंदौर के आयकर निरीक्षक निखिल सिंह सेंगर और नागपुर के आयकर निरीक्षक धीरज ए. सिंह संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे।
श्रेणी-2: भोपाल के आयकर अधिकारी ओम प्रकाश और रायपुर के आयकर अधिकारी अमरीष कुमार संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे।
नए एक्ट के दौर में गेम-शो से अपडेशन... अफसरों के मुताबिक नए टैक्स कानून के सेक्शन और नियमों को समझना और याद रखना आसान नहीं है। गेम-शो से अधिकारी इन्हें रोचक तरीके से सीख और याद कर सकेंगे। इससे फील्ड में काम करने वाले अफसर अपडेट रहेंगे और असेसमेंट व नोटिस में गलतियों की गुंजाइश कम होगी। इसका फायदा आम करदाताओं को मिलेगा।
इस नवाचार से विभाग को फायदा
- आयकर के नियमों, सर्कुलर्स और असेसमेंट प्रोसीजर का अध्ययन गंभीर और रूखा माना जाता है। एनएडीटी भोपाल ने गेम-शो फॉर्मेट के जरिए इसे रोचक बनाने की कोशिश की है।
- रोचक अंदाज में लर्निंग: गेम-शो फॉर्मेट से अधिकारियों-कर्मचारियों में ज्ञान, सीखने की प्रवृत्ति और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है।
- टीम भावना और स्ट्रेस बस्टर: रूटीन कामकाज और टार्गेट्स के दबाव के बीच ऐसी प्रतियोगिताओं से कर्मचारियों में टीम भावना मजबूत होती है। टैक्सपेयर्स को फायदा: विभागीय अमला टैक्स कानूनों और प्रक्रियाओं को लेकर जितना अपडेट रहेगा, आम करदाताओं के असेसमेंट, स्क्रूटनी और शिकायतों का निपटारा उतना ही सटीक और त्वरित हो सकेगा।
- दो कैटेगरी में मुकाबला: 1 में आयकर निरीक्षक तक के कर्मचारी और 2 में आयकर अधिकारी एवं उससे ऊपर के अधिकारी।
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