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देवीलाल गुप्ता | संतकबीर नगर1 घंटे पहले
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संतकबीर नगर के खलीलाबाद कोतवाली के मालखाने से 427 ग्राम गला हुआ सोना, नकदी और नेपाली नोट गायब होने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे पूर्व हेड मोहर्रिर राधेश्याम गुप्ता के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी के सैलरी खाते समेत तीन बैंक खाते सीज कर दिए हैं। इनमें खलीलाबाद स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा का सैलरी खाता शामिल है, जिसमें करीब 1.32 लाख रुपए जमा बताए गए हैं। इसके अलावा गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के दो खातों को भी सीज कराया गया है।
पुलिस आरोपी की संपत्ति, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। वहीं गिरफ्तारी के लिए एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की कई टीमें गोरखपुर, कुशीनगर, बहराइच समेत कई जिलों में दबिश दे रही हैं।
कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट तो खुला मालखाने से माल गायब होने का राज
मामला वर्ष 2018 में खलीलाबाद के मोतीनगर निवासी मोहम्मद अजीम खान की ओर से दर्ज कराए गए जालसाजी के मुकदमे से जुड़ा है। उस समय पुलिस ने मामले में 427 ग्राम गला हुआ सोना, 49,518 रुपए नकद और 14 नेपाली नोट बरामद किए थे। बरामद माल को मालखाने में जमा कराया गया था।
करीब तीन महीने पहले मोहम्मद अजीम खान ने न्यायालय में बरामद माल रिलीज कराने के लिए आवेदन किया। कोर्ट ने इस संबंध में खलीलाबाद कोतवाली पुलिस से आख्या मांगी। इसके बाद वर्तमान हेड मोहर्रिर गोविंद शरण ने मालखाना रजिस्टर और संबंधित अभिलेखों की जांच की।
जांच के दौरान पता चला कि न्यायालय में दर्ज बरामद माल मालखाने में मौजूद ही नहीं है। इसकी जानकारी तत्काल कोतवाल जयप्रकाश दूबे को दी गई।
जांच में पूर्व हेड मोहर्रिर की भूमिका सामने आई
कोतवाल की रिपोर्ट के बाद एसपी संदीप कुमार मीना ने एएसपी सुशील कुमार सिंह से मामले की जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया तत्कालीन हेड मोहर्रिर राधेश्याम गुप्ता की भूमिका सामने आई। इसके बाद उनके खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया गया।
उस समय राधेश्याम गुप्ता की तैनाती बहराइच में थी। मामला सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। पुलिस तभी से उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
ठिकाने बदल रहा आरोपी, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से भी दूरी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। वह मोबाइल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल भी नहीं कर रहा है। इसके चलते उसकी लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस को परेशानी हो रही है।
एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की टीमें गोरखपुर, कुशीनगर, बहराइच समेत कई जिलों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी नेपाल में भी शरण ले सकता है।
बेटियों के खातों की भी जांच के दायरे में
पुलिस ने आर्थिक गतिविधियों की जांच के दौरान आरोपी के सैलरी खाते के अलावा उसकी बेटियों के नाम से संचालित बताए जा रहे दो बैंक खातों को भी सीज कराया है। गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक में अविका गुप्ता और सनयम गुप्ता के नाम से संचालित खातों को सीज किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस अब इन खातों में हुए लेन-देन की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मालखाने से गायब सोने और नकदी से संबंधित कोई वित्तीय गतिविधि हुई थी या नहीं।
जिला अदालत ने अग्रिम जमानत खारिज की, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने करीबी और अधिवक्ता के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद अब अग्रिम जमानत के लिए मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
इधर, पुलिस आर्थिक कार्रवाई के साथ आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर रही है। कोतवाल जयप्रकाश दूबे के अनुसार, आरोपी का खलीलाबाद स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा का सैलरी खाता सीज कर दिया गया है। खाते में करीब 1.32 लाख रुपए जमा हैं। अन्य दो खातों को भी सीज कराया गया है।
फिलहाल पुलिस गायब सोने, नकदी और नेपाली नोटों की बरामदगी के साथ आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि मालखाने में सुरक्षित रखे गए बरामद माल को कब और किस तरह गायब किया गया।
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