Aug 03, 2026 07:34 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
Teej Special Skin Care: तीज से पहले चेहरे पर इंस्टेंट ग्लो चाहती हैं, लेकिन बेसन और हल्दी नहीं लगाना? तो घर की तीन आसान चीजों से बना यह फेस पैक आपकी त्वचा को ताजगी और चमक देने में मदद कर सकता है।

हर बार हल्दी-बेसन नहीं, इस तीज पर दमकती हुई त्वचा के लिए इन 3 चीजों से करें स्किन केयर
सावन आते ही तीज के त्योहार के लिए नई साड़ी, मेहंदी और सजने-संवरने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में हर महिला चाहती है कि बिना ज्यादा खर्च किए उसकी त्वचा भी फ्रेश, क्लियर और ग्लोइंग नजर आए। अक्सर लोग चेहरे पर निखार लाने के लिए बेसन और हल्दी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हर किसी की त्वचा पर ये चीजें एक जैसा असर नहीं करतीं।
अगर आप कुछ अलग और आसान उपाय ढूंढ रही हैं, तो रसोई की तीन सिंपल चीजों से बना यह फेस पैक ट्राई कर सकती हैं। यह त्वचा को क्लियर रखने के साथ-साथ चेहरे पर ताजगी और हल्की चमक लाने में मदद कर सकता है।
फेस पैक बनाने के लिए क्या चाहिए?
दो बड़े चम्मच चावल का आटा
दो बड़े चम्मच कच्चा दूध
एक बड़ा चम्मच शहद
कैसे बनाएं फेस पैक?
एक साफ कटोरी में चावल का आटा लें। इसमें कच्चा दूध और शहद डालकर अच्छी तरह मिला लें। जब एक महीन पेस्ट तैयार हो जाए, तब इसे इस्तेमाल करें।
लगाने का सही तरीका
सबसे पहले चेहरे को साफ पानी से धोकर हल्का सुखा लें। अब तैयार लेप को पूरे चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं। इसे लगभग पंद्रह से बीस मिनट तक लगा रहने दें। जब यह हल्का सूख जाए, तब गीले हाथों से हल्के-हल्के गोल घुमाते हुए चेहरे की मालिश करें और फिर सादे पानी से धो लें।
इस फेस पैक से क्या फायदे मिलते हैं?
- क्लियर स्किन: चावल का आटा त्वचा पर जमी धूल और एक्सट्रा ऑयल हटाने में मदद करता है, जिससे चेहरा साफ और फ्रेश नजर आता है।
- स्किन रहे मॉइश्चराइज्ड: शहद त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद करता है। इससे चेहरा रूखा महसूस नहीं होता।
- चेहरे पर ताजगी: दूध त्वचा को साफ करने और उसे तरोताजा महसूस कराने में मदद कर सकता है।
- नेचुरल शाइन: इस फेस पैक का इस्तेमाल करने से त्वचा पर हल्का निखार और ताजगी महसूस होती है, जिससे त्योहार के दिन चेहरा ज्यादा खिला हुआ नजर आता है।
हफ्ते में कितनी बार लगाएं?
इस फेस पैक को हफ्ते में एक या दो बार लगाना काफी है। रोजाना लगाने की जरूरत नहीं होती।
क्या यह फेस पैक हर त्वचा के लिए सही है?
हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या आपको दूध, शहद या किसी अन्य चीज से एलर्जी है, तो इसे लगाने से पहले हाथ पर थोड़ा-सा लगाकर जांच जरूर करें।
क्या यह सच में तुरंत निखार देता है?
यह फेस पैक चेहरे पर जमी गंदगी और चिकनाई हटाकर त्वचा को सॉफ्ट और क्लियर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, 'तुरंत ग्लो लाने वाले' जैसे दावे सही नहीं हैं। इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा के अनुसार अलग हो सकता है।
नोट: चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट कर लें। अगर त्वचा पर जलन या खुजली हो, तो तुरंत धो लें। इसके अलावा चेहरे को ज्यादा जोर से रगड़कर साफ ना करें। पैक हटाने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। अच्छे रिजल्ट्स के लिए इसे तीज से एक-दो दिन पहले लगाना बेहतर रहेगा।
लेखक के बारे में
Shubhangi Gupta
परिचय एवं अनुभव
शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।
करियर का सफर
लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।
विशेषज्ञता
शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
पुरस्कार
लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।
और पढ़ें