जयपुर में सरकारी कॉलेज के स्टूडेंट्स सड़क पर उतरे: बोले-नई बिल्डिंग तैयार, फिर भी 3,640 स्टूडेंट 6 कमरों में पढ़ रहे; गेट पर लगाए ताले - Jaipur News

Published on 18 सित॰ 2026

जयपुर5 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

जयपुर में जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित सरकारी कॉलेज के स्टूडेंट्स ने नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग की मांग को लेकर शुक्रवार को कॉलेज परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स ने विरोध के दौरान बिल्डिंग के गेट पर ताले लगा दिए।

छात्रों का कहना है कि कॉलेज की नई बिल्डिंग साल 2024 में बनकर तैयार हो चुकी है, इसके बावजूद कॉलेज का संचालन पुराने परिसर में किया जा रहा है।

स्टूडेंट्स ने कॉलेज को नए भवन में शिफ्ट करने की नियत तारीख की लिखित घोषणा की मांग की है।

छात्रों का कहना है कि कॉलेज में करीब 3,640 विद्यार्थी हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए केवल 6 कमरे उपलब्ध हैं। पुराने परिसर की एक ही बिल्डिंग में पांच अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों और गतिविधियों का संचालन होने से विद्यार्थियों को पर्याप्त कक्षाएं नहीं मिल पा रही हैं।

स्टूडेंट्स नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की लिखित तारीख तय करने की मांग कर रहे हैं।

स्टूडेंट्स नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने की लिखित तारीख तय करने की मांग कर रहे हैं।

2015 में जमीन आवंटन, 2016 में बजट की पहली किस्त

स्टूडेंट्स ने अपने मांग पत्र में बताया कि कॉलेज भवन के निर्माण के लिए जमीन का आवंटन साल 2015 में किया गया था। इसके बाद साल 2016 में बजट की पहली किस्त जारी की गई। स्टूडेंट्स का कहना है कि इसके बावजूद भवन निर्माण का काम काफी धीमी गति से चला और कई बार मांग उठाने के बाद भवन का कुछ हिस्सा तैयार हो पाया।

2022 में शुरू हुआ एजुकेशन हब प्रोजेक्ट

स्टूडेंट्स के मुताबिक, साल 2021 में बजट घोषणा के बाद साल 2022 में टेंडर और बजट जारी किया गया था। पूरे प्रोजेक्ट को एजुकेशन हब के नाम से तैयार किया गया। इसी प्रोजेक्ट में राजकीय महाविद्यालय जयपुर के भवन का निर्माण भी शामिल किया गया। इसके लिए टेंडर जारी करने वाली संस्था RSRDC बताई गई है।

स्टूडेंट्स का कहना है कि साल 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और साल 2024 तक पूरा प्रोजेक्ट तैयार हो गया। इसमें राजकीय महाविद्यालय जयपुर के लिए प्रस्तावित भवन भी शामिल है। इसके बावजूद अब तक कॉलेज को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया गया है।

स्टूडेंट्स ने बिल्डिंग के गेट पर ताला लगा दिया।

स्टूडेंट्स ने बिल्डिंग के गेट पर ताला लगा दिया।

दोनों ब्लॉक कॉलेज को सौंपने की मांग

स्टूडेंट्स की मांग है कि नए भवन के दोनों ब्लॉक B और G कॉलेज को सौंपे जाएं। छात्रों के मुताबिक इन दोनों ब्लॉक में ग्राउंड फ्लोर सहित कुल 5 मंजिल हैं। RSRDC की ओर से जारी टेंडर और कार्ययोजना में इसकी जानकारी मौजूद है।

स्टूडेंट्स ने स्पष्ट किया है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं चाहिए। उनकी मांग है कि कॉलेज को नए भवन में शिफ्ट करने की नियत तारीख की लिखित घोषणा की जाए।

मांग पूरी नहीं होने तक कक्षाओं के बहिष्कार की चेतावनी

राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कहा है कि जब तक नए भवन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक वे कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखेंगे। छात्रों का कहना है कि 3,640 विद्यार्थियों के लिए केवल 6 कमरों में पढ़ाई होना उनकी शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप नहीं है।

कॉलेज प्रिंसिपल रविकांत शर्मा ने बताया कि बच्चों ने ज्ञापन सौंपा है। उस ज्ञापन में लिखी सभी मांगों पर उच्चाधिकारी ने भी बातचीत की है। हमारी पूरी कोशिश है कि बच्चों की सभी मांगें पूरी की जाएं। हम इंतजार कर रहे हैं कि बच्चों के साथ न्याय हो सके।

मूक-बधिर विद्यार्थियों ने भी जताया विरोध

विरोध के दौरान राजकीय मूक-बधिर महाविद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से भी मांग पत्र दिया गया। इसमें बताया गया कि साल 2021-22 के बजट में मूक-बधिर महाविद्यालय भवन के लिए घोषणा और बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हुआ है।

विद्यार्थियों ने जल्द जमीन आवंटित कर भवन निर्माण शुरू करने, महाविद्यालय के साथ मूक-बधिर विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल बनाने और स्थायी इंटरप्रेटर्स की नियुक्ति की मांग की है।

.

खबरें और भी हैं...

  • बात खरी है

    जिलाध्यक्ष ने रूठी मैडम को मना लिया: सरकारी स्कूल में 'काला नाग'; पर्चा भरने जाते दावेदार जी 'किडनैप'!

    सरकारी स्कूल में 'काला नाग'; पर्चा भरने जाते दावेदार जी 'किडनैप'!|राजस्थान,Rajasthan - Dainik Bhaskar2:00
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • 2 निगमों समेत 29-निकायों में भाजपा के निर्विरोध मेयर-चेयरमैन बने: कांग्रेस सिर्फ दो में जीती; धौलपुर में पार्षद का चुनाव लड़े बिना निर्दलीय सभापति बने

    कांग्रेस सिर्फ दो में जीती; धौलपुर में पार्षद का चुनाव लड़े बिना निर्दलीय सभापति बने|उदयपुर,Udaipur - Dainik Bhaskar1:34
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • बड़े भाई के अंतिम संस्कार के बाद छोटे की मौत: 2 महीने पहले सबसे छोटे भाई की हार्ट अटैक से गई थी जान

    2 महीने पहले सबसे छोटे भाई की हार्ट अटैक से गई थी जान|झालावाड़,jhalawar - Dainik Bhaskar0:45
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • राजस्थान एक्सप्लेनर

    बाड़ेबंदी के पीछे की असली वजह क्या?: पार्षदों के क्रॉस वोटिंग-पाला बदलने का डर, 7 सवालों में जानिए- क्या है रिसॉर्ट पॉलिटिक्स

    3:12
    • कॉपी लिंक

    शेयर